Ashadha Mass 2026: आज से आषाढ़ का पावन महीना शुरू, इस दौरान क्या करें और क्या न करें, जानिए उपाय
Ashadha Mass 2026: आज यानी 30 जून 2026, मंगलवार से आषाढ़ महीने की शुरुआत हो चुकी है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ साल का चौथा महीना होता है जो चैत्र, ज्येष्ठ और वैशाख के बाद आता है. यह महीना मौसम के लिहाज से बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह गर्मी और साल के बीच का संधि काल होता है. इसी समय में वर्षा ऋतु की भी शुरुआत मानी जाती है. आषाढ़ के महीने में वातावरण में नमी बढ़ने लगती है और मौसम धीरे-धीरे बदलता है. इसी वजह से इस दौरान बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि शरीर को बदलते मौसम के अनुसार ढलने में समय लगता है. धार्मिक नजरिए से आषाढ़ का महीना बहुत जरूरी माना गया है. मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा, साधना और उपासना से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है. यही वजह है कि इसे कामना पूर्ति का महीना भी कहा जाता है. आइए जानें आषाढ़ माह का क्या महत्व है और इस महीने कौन से काम न करें और किन कामों को जरूर करें.
आषाढ़ माह कब से कब तक है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 30 जून 2026 से आषाढ़ माह की शुरुआत हो रही है. ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि 30 जून 2026 को सुबब 05 बजकर 26 मिनट तक रहेगी और फिर आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी. आषाढ़ माह का समापन आषाढ़ पूर्णिमा तिथि पर यानी 29 जुलाई 2026 को हो जाएगा.
इस महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार की लिस्ट
- 30 जून 2026 - आषाढ़ माह का प्रारंभ
- 3 जुलाई 2026 - कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी
- 6 जुलाई 2026 - कालाष्टमी एवं मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
- 10 जुलाई 2026 - योगिनी एकादशी व्रत
- 12 जुलाई 2026 - रवि प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि
- 14 जुलाई 2026 -आषाढ़ अमावस्या
- 15 जुलाई 2026 -आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
- 16 जुलाई 2026 - जगन्नाथ रथयात्रा एवं कर्क संक्रांति
- 17 जुलाई 2026 - अनिरुद्ध चतुर्थी
- 22 जुलाई 2026 - भड़ली नवमी
- 25 जुलाई 2026 - देवशयनी एकादशी (चातुर्मास आरंभ)
- 26 जुलाई 2026 - रवि प्रदोष व्रत
- 28 जुलाई 2026 - कोकिला व्रत
- 29 जुलाई 2026 - गुरु पूर्णिमा एवं आषाढ़ पूर्णिमा
आषाढ़ मास में क्या करें?
- हर दिन सूर्योदय से पहले स्नान करें.
- आषाढ़ महीने के व्रत-पर्व शास्त्र विधि से मनाएं
- रोज ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र की एक माला जाप करें.
- प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें.
- इस महीने में छाता, चप्पल, मौसमी फल, कपड़े आदि का दान करें.
- आषाढ़ मास में सात्विक भोजन करें.
- रोज शाम के समय तुलसी जी के पास घी का दीपक जलाएं.
- आषाढ़ मास में सामर्थ्य के अनुसार दान करें.
आषाढ़ मास में क्या न करें?
- इस महीने में जल की बर्बादी करने से बचें.
- तामसिक और ज्यादा तला-भुना भोजन न करें.
- जीव-जन्तुओं को न सताएं.
- अपने से बड़ों का अपमान न करें.
- मांस-मदिरा का सेवन न करें.
- पत्तागोभी, पालक, मसूर की दाल, बैगन का सेवन करने से बचें.
आषाढ़ मास का महत्व
शास्त्रों में आषाढ़ मास की विशेष महिमा बताई गई है. शास्त्रों के अनुसार, आषाढ मास भगवान विष्ण को समर्पित माना जाता है. इस महीने में किए गये पूजा-पाठ-दान का दोगुना फल प्राप्त होता है. इस महीने के व्रत-पर्व शास्त्र विधि से मनाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है. जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है. जीवन के सभी संकट और कष्ट समाप्त हो जाते हैं. सभी पाप कर्मों से मुक्ति मिल जाती है. भगवान विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त होता है.
आषाढ़ में भाग्य चमकाने के उपाय
आषाढ़ 2026 का महीना नई शुरुआत और शुभ कार्यों का महीना है. इस दौरान पूजा-पाठ, दान, यज्ञ-हवन और व्रत को अगर सच्चे मन से किया जाए, तो भगवान विष्णु की कृपा जरूर प्राप्त होती है. इस मास में किए गए छोटे-छोटे शुभ कार्य भी जीवन में बड़ी खुशियां ला सकते हैं.
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