Jharkhand Govt: झारखंड में अब 15 मिनट में घर पहुंचेगा ब्लड, टोल-फ्री नंबर से मिलेगी सुविधा
Jharkhand Govt: झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और तेज, आसान और जरूरतमंदों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की है. अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ऐसी व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसके तहत टोल-फ्री नंबर पर फोन करने के बाद जरूरतमंद व्यक्ति के घर तक 15 मिनट के भीतर ब्लड पहुंचाया जा सकेगा. सरकार इस व्यवस्था को अगले एक महीने में लागू करने की तैयारी कर रही है.
यह घोषणा सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक सेंटर में आयोजित राज्यव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के दौरान की गई. कार्यक्रम का आयोजन इंटेंसिफाइड एचआईवी कैंपेन-2026 के तहत किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने सुरक्षित रक्त ट्रांसफ्यूजन के महत्व पर जोर देते हुए राज्यभर में अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि रक्त किसी प्रयोगशाला में तैयार नहीं किया जा सकता, इसलिए लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए.
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जरूरतमंदों तक ब्लड पहुंचाने की प्रक्रिया तेज
नई व्यवस्था के तहत ब्लड बैंक प्रबंधन को आधुनिक बनाया जाएगा. टोल-फ्री नंबर के माध्यम से जरूरतमंदों तक ब्लड पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित किया जाएगा. इससे आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और जागरूकता को लेकर भी अभियान चला रही है. राज्य के नौ प्रभावित जिलों को संक्रमणमुक्त बनाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं. कार्यक्रम में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए आईईसी वैन को भी रवाना किया गया.
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जरूरतमंद मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर रसोरेन सरकार का जोर
झारखंड सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार का जोर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर है. ब्लड की होम डिलीवरी की प्रस्तावित सुविधा विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.
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शाहरुख-अजय और टाइगर से FDA ने किन-किन चीजों को लेकर मांगा जवाब, जानें आरोप साबित होने पर कितना लग सकता है जुर्माना?
Shahrukh Khan-Ajay Devgn Vimal Ad: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shahrukh Khan), अजय देवगन (Ajay Devgn) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) को विमल इलायची का एड करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है. एफडीए का मानना है कि ये विज्ञापन पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के दायरे में आ सकते हैं क्योंकि पान मसाला पर राज्य में बैन है. इस मामले में एक्टर्स को अपना पक्ष करने और कारण बताने नोटिस का जवाब देने के लिए 15 टाइम दिया गया है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं कि तीनों एक्टर्स से एफडीए ने किन-किन चीजों पर जवाब मांगा है.
एक्टर्स के खिलाफ क्यों जारी किया गया नोटिस?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 अगस्त को महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन प्रमुख तुकाराम मुंडे ने 9 पन्नों का नोटिस किया था. जिसमें फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के प्रावधानों उल्लेख किया गया. इस एक्ट की धारा 24 उन एड पर बैन लगाती है जो खाद्य उत्पादों के संबंध में झूठे, गुमराह करने वाले या फिर धोखा देने वाले हों. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि कि पान मसाला से मजबूती से जुड़ी ब्रांड पहचान के तहत विमल इलायची का प्रमोशन करने से यह धारणा बन सकती है कि उपभोक्ताओं को बैन उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
वहीं, दूसरे प्रावधान की धारा 30 (2) (a) के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में पान मसाला, तंबाकू और गुटखा निर्माण, भंडारण और बिक्री पर 13 जुलाई 2026 से 1 साल का बैन लगाया है. अब एफडीए यह जांच कर रहा है कि क्या उसी ब्रांड से जुड़ा एड इस बैन का उल्लंघन कर सकता है.
नोटिस में इन बातों का मांगा जवाब
इसके अलावा नोटिस में तीनों एक्टर्स से कहा गया कि इसके सबूत पेश करें कि 'विमल इलायची' वाकई में एक अलग प्रोडक्ट है,बाजार में बिकता है या फिर यह बैन हुए विमल पान मसाला को प्रमोट करने के लिए बनाया गया एक सरोगेट ब्रांड एड एक्सटेंशन हैं. नोटिस के मुताबिक, एफडीए ने यह भी कहा कि वे अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकरी दें, इतना ही नहीं उन सभी टीवी और चैनल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बारे में बताएं जहां ये एड दिखाए गए. साथ ही इसकी जानकारी भी बताने के लिए कहा गया कि इन एड को कब-कब दिखाए गया.साथ में यह पूछा गया कि उनके और ब्रांड ऑनर के बीच किस तरह एग्रीमेंट हुआ.
तीनों एक्टर्स को दी गई सख्त हिदायत
नोटिस के जरिए तीनों एक्टर्स को सख्त हिदायद दी गई है कि वे अब किसी भी प्लेटफॉर्म (टीवी, डिजिटल या सोशल मीडिया) पर इस तरह एड के टेलीकास्ट, पब्लिश या प्रमोशन में किसी तरह की मदद न करें. इस नोटिस में उनसे इस बात का भी जवाब मांगा गया कि इन एड को करने से पहले उन्होंने या उनकी टीमों ने नियमों और दावों की अपने लेवल पर क्या जांच पड़ताल की थी. उसकी पूरी जानकारी एफडीए को दें. एफडीए के मुताबिक, मार्केट में 'विमल' ब्रांड की पहचान खास तौर पर पान मसाले से ही जुड़ी है.
क्या एक्शन लिया जा सकता है?
विमल इलायची के दुष्प्रचार एड के लिए अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ पर सख्त एक्शन लिया जा सकता है. अगर एफडीएफ उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होता है और आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ 10 लाख से लेकर 50 लाख तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही, दोषी पाने नए ब्रांड का एड करने पर 3 साल तक का बैन भी लग सकता है. ऐसे में अब सभी की नजर इन एक्टर्स के कारण बताओं नोटिस पर टिकी हुई है कि वे अपनी सफाई में क्या कहते हैं.
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