बांग्लादेश क्रिकेट में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी ये जीत, ऑस्ट्रेलिया में कर दिया वो कारनामा, जो टीम इंडिया भी नहीं कर पाई
Banglaesh Made History: आज का दिन बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज किया जाएगा, क्योंकि इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है. इस उलटफेर के साथ ही बांग्लादेश ने एक ऐसा कारनामा कर दिया है, जो आज तक भारत और पाकिस्तान की टीम भी ऑस्ट्रेलिया में भी नहीं कर सकीं. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन रिकॉर्ड्स के बारे में बताते हैं, जो बांग्लादेश ने इस जीत के साथ ही अपने नाम किए हैं.
बांग्लादेश ने दर्ज की ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट जीत
ऑस्ट्रेलिया के साथ डार्विन में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मिली जीत बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहली टेस्ट जीत है. बांग्लादेश ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2 मैच खेले थे और दोनों ही मैचों में करारी हार का सामना किया था. मगर, अब इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में जीत दर्ज करने वाली महज तीसरी एशियाई टीम बन गई है.
Historic Win in Darwin! ???????????? Bangladesh beat Australia by 9 wickets to seal a memorable victory in the 1st Test! ????????#Bangladesh #Tigers #BANvAUS #Cricket pic.twitter.com/PDrWJS8ZEs
— Bangladesh Cricket (@BCBtigers) August 16, 2026
ऑस्ट्रेलिया में सबसे तेज़ी से जीत हासिल करने वाली एशियाई टीम
ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए बांग्लादेश को सिर्फ तीन टेस्ट मैच खेलने पड़े. इस तरह वे यह कारनामा करने वाली सबसे तेजी से जीत हासिल करने वाली एशियाई टीम बन गए. पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला टेस्ट मैच जीतने में सात टेस्ट लगे, जबकि भारत को 12 टेस्ट की जरूरत पड़ी. प्रमुख एशियाई टीमों में श्रीलंका को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ा है, जो 15 मैच खेल चुकी है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में कंगारुओं के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत पाई है.
बांग्लादेश की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में खेले गए उनके पिछले दो टेस्ट मैच (जो 2003 में हुए थे) बुरी हार में बदले थे. वे 23 साल बाद वहां लौटे और ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर अपनी वापसी पर पहली जीत दर्ज की.
End of the Darwin Test ???????????? A historic win for the Tigers! ????????
— Bangladesh Cricket (@BCBtigers) August 16, 2026
2nd Test awaits in Mackay. ????????#Bangladesh #Tigers #BANvAUS #Cricket pic.twitter.com/ZMzBhNHSle
ऑस्ट्रेलिया में 31 साल बाद हुआ ऐसा
ऑस्ट्रेलिया 1995 के बाद से 31 सालों में पहली बार भारत के अलावा किसी दूसरी एशियाई टीम से घरेलू टेस्ट हारा है. यह ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों में बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है. 2017 में मीरपुर में जीत के बाद यह सात टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर उनकी दूसरी जीत भी है. 2022 में माउंट माउंगानुई में अपनी मशहूर जीत के बाद SENA देशों में बांग्लादेश की यह दूसरी टेस्ट जीत है.
ऐसा रहा मैच का हाल
ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले गए इस मैच में बांग्लादेश के लिए हसन महमूद एक बार फिर जबरदस्त रहे और उन्होंने कुल 9 विकेट निकाले, जबकि मेहदी हसन मिराज ने जोरदार प्रदर्शन किया और अपना जादू (5/66) दिखाते हुए ऑस्ट्रेलियाई मिडिल और लोअर ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 198 पर ढेर हो गई. बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए और 228 रनों की बढ़त हासिल की थी.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 284 रन बना पाई. ऑस्ट्रेलिया के लिए कैमरून ग्रीन ने घरेलू मैदान पर अपना पहला टेस्ट शतक बनाया उन्होंने 104 रनों की पारी खेली. बांग्लादेश को जीतने के लिए सिर्फ 57 रन चाहिए थे. बांग्लादेश को शादमान इस्लाम (25) और मोमिनुल हक (30) की जोड़ी ने नाबाद रहते हुए जीत दिला दी.
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आरबीआई ब्याज दरों पर फैसले को लेकर 'वेट एंड वॉच' मोड में, मध्य पूर्व तनाव बड़ा जोखिम : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नीतिगत दरों (ब्याज दरों) पर फैसले को लेकर वेट एंड वॉच मोड में बना हुआ है और मध्य पूर्व तनाव के समाधान को लेकर बनी हुई अनिश्चितता मैन्युफैक्चरिंग इनपुट लागत के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
यस बैंक की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल आरबीआई आपूर्ति पक्ष से आ रहे महंगाई के दबाव को नजरअंदाज कर वेट एंड वॉच मोड में बना हुआ है। हालांकि, इसमें लगातार इजाफा हो रहा है, जो दिखाता है कि आपूर्ति पक्ष में हाल में आया झटका पूरी तरह से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है।
इससे आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना शून्य नहीं होती है।
यस बैंक ने अपने नोट में अनुमान जताया है कि थोक महंगाई दर इस साल 9 प्रतिशत और खुदरा महंगाई दर 4.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
खुदरा और थोक महंगाई के बीच अंतर बना हुआ है, इसलिए थोक से खुदरा तक महंगाई के असर पास होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, नोट में कहा गया, हमें लगता है कि सरकार तेल कंपनियों के अंडर-रिकवरी का बोझ पेट्रोल और डीजल की पंप कीमतों पर डालने से हिचकिचाएगी।
जुलाई के लिए मुख्य थोक महंगाई सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत रही, जो उम्मीदों (9.75 प्रतिशत) के अनुरूप है और जून के 9.9 प्रतिशत के मुकाबले इसमें थोड़ी कमी आई है।
यस बैंक ने अपने नोट में कहा, हालांकि इनपुट कीमतों को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं, लेकिन अहम मुद्दा यह है कि क्या यह स्थिति बनी रहेगी, क्योंकि वेस्ट एशिया संकट के समाधान को लेकर अनिश्चितता है। हम थोक से रिटेल तक महंगाई के असर का अंदाजा लगने का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, मुख्य खुदरा महंगाई बढ़ने की उम्मीदों के बावजूद, हम अपनी इस राय पर कायम हैं कि आरबीआई को इंतजार करो और देखो की नीति अपनानी चाहिए और ब्याज दरों में बदलाव को टालना चाहिए।
जुलाई के थोक महंगाई आंकड़ों में, मुख्य कैटेगरी की कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि मैन्युफैक्चर्ड कैटेगरी में कीमतों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
उत्पादक पक्ष पर, आउटपुट पीपीआई मोटे तौर पर थोक कीमतों के ट्रेंड के अनुरूप रहा, जबकि इनपुट पीपीआई से कुछ राहत मिली क्योंकि लगातार दूसरे महीने इनपुट लागत में कमी आई; इसकी एक वजह पेट्रोलियम और केमिकल से जुड़े इनपुट की कीमतों में नरमी थी।
हालांकि, नोट में कहा गया है कि जुलाई में अधिकतर ग्लोबल कमोडिटी की कीमतें स्थिर रहीं और अगस्त के लिए भी ऐसे ही ट्रेंड दिख रहे हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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