कभी-कभी खाना बनाते समय कुछ गड़बड़ हो जाती है और खाने में तीखापन ज्यादा हो जाता है। जब खाने में मसाला ज्यादा होता है तो फिर उसे कोई भी नहीं खाना चाहता। अक्सर ऐसे में खाना यूं ही बेकार हो जाता है। इतना ही नहीं, कई बार तीखापन कम करने के लिए तुरंत दही, चीनी या पानी डाल देते हैं। इससे तीखापन कम हो या ना हो, लेकिन कई बार इससे स्वाद और भी बिगड़ जाता है। इसलिए, यह जरूरी है कि आप पहले यह समझें कि खाने में वास्तव में कौन-सा मसाला ज्यादा हुआ है? जब आप यह समझ जाएंगे तो आसानी से अपने खाने को बर्बाद होने से बचा पाएंगे। तो चलिए आज हम आपको आसान स्मार्ट किचन ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं-
अगर खाने में लाल मिर्च हो जाए तेज
अगर खाने में लाल मिर्च ज्यादा हो गई है, तो ऐेसे में सब्जी में फैट बढ़ाइए। ऐसे में पानी डालने की गलती ना करें, क्योंकि लाल मिर्च की तीखापन देने वाला तत्व कैप्साइसिन पानी में नहीं घुलता। ऐसे में बेहतर होगा कि आप ताजी मलाई, दही, मक्खन, घी या नारियल का दूध डालकर मिक्स करें।
अगर खाने में गरम मसाला हो जाए तेज
अगर खाने में गरम मसाला तेज होने की वजह से तीखापन महसूस हो रहा है तो ऐसे में आप तीखापन कम करने के लिए चीनी डालने से बचें। तीखापन कम करने के लिए आप उसी सब्जी का बिना मसाले वाला बेस तैयार करें। इससे मसाले की मात्रा अपने आप बैलेंस हो जाएगी।
अगर खाने में काली मिर्च हो जाए तेज
अगर खाने में काली मिर्च तेज हो जाए तो ऐसे में आप खाने में खट्टापन बढ़ाइए। याद रखें कि काली मिर्च का तीखापन लाल मिर्च से अलग होता है। इसलिए, इसे कम करने के लिए आप टमाटर प्यूरी, थोड़ा नींबू या थोड़ा दही मिक्स करें। कभी भी इस तरह की सब्जी में चीनी डालने से बचें, क्योंकि इससे स्वाद और अजीब हो सकता है।
अगर सूखी सब्जी में मसाला ज्यादा हो जाए
इस तरह की सब्जी को बैलेंस करना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि उसमें ग्रेवी नहीं होती। सूखी सब्जी में मसाला ज्यादा होने पर आप उबले आलू, उबली फूलगोभी, उबली मटर या पनीर मिक्स कर सकते हैं। आप इसे सब्जी में मिलाकर 5 मिनट धीमी आंच पर चलाएं। इससे सब्जी का मसाला बैलेंस हो जाता है।
- मिताली जैन
Continue reading on the app