PM Modi के दिमागी नक्सल वाले बयान पर कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास ने साधा निशाना
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन में ‘‘दिमागी नक्सल’’ के उल्लेख को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल सरकार पर सवाल उठाने के कारण पढे़ लिखे युवाओं को ‘‘नक्सली’’ करार नहीं दिया जा सकता। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जहां सशस्त्र नक्सलवाद का खतरा अब समाप्ति की ओर है, वहीं ‘‘दिमागी नक्सल’’ सोच रखने वाले कुछ लोग ऐसे हैं, जो हिंसा और अशांति फैलाने के मौके तलाश रहे हैं तथा देश को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए। दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी, ‘दिमागी नक्सल’ या ऐसी कोई भी बात काम नहीं आएगी। आप पढ़े-लिखे युवाओं को नक्सली वगैरह कैसे कह सकते हैं?
सिर्फ़ इसलिए कि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार है। उनकी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह नाकामी है।’’ कॉजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बदलाव की घंटी बज चुकी है।
जागने का समय आ गया है।’’ स्वतंत्रता दिवस पर एक अलग संदेश में दास ने कहा कि शायद 12 वर्षों बाद देश ‘‘सच्चे अर्थों में’’ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, क्योंकि ‘‘हमारे भीतर का कुछ आखिरकार आजाद हो गया है: डर।’’ दास ने कहा कि जिस पीढ़ी को चुप रहने के लिए कहा गया था, उसे अब अपनी आवाज और माध्यम मिल गया है, जबकि जिस पीढ़ी को बताया गया था कि कुछ नहीं बदलेगा, उसने फिर से उम्मीद करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘जागृति का एक दौर शुरू हो गया है। शांतिपूर्ण विरोध का एक दौर शुरू हो गया है।’’ उन्होंने कहा कि लोग धीरे-धीरे ‘‘पुराने, भ्रष्ट, अक्षम और अहंकारी लोगों’’ को हटा देंगे।
दास ने कहा कि ‘‘इस देश के हर जिले में एक जंतर-मंतर का जन्म हो रहा है’’, जहां निराश लोगों को एक-दूसरे से उम्मीद मिलेगी और खुद को कमजोर समझने वाले लोग साथ खड़े होने की ताकत को महसूस करेंगे। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर ‘‘आपका जेन-जी बनाम हमारा जेन-जी’’ कहकर जेन-जी और युवाओं को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
Datia में तिरंगा लगाते समय Student की करंट से मौत, स्कूल मालिक पर BNS में केस
मध्यप्रदेश के दतिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान एक निजी स्कूल में राष्ट्रीय ध्वज लगाते समय ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना शुक्रवार को लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल में हुई।
कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि छात्र राज कुशवाह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद स्कूल में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। राज के परिजनों ने शनिवार को आरोप लगाया कि कक्षाएं खत्म होने के बाद शुक्रवार करीब दोपहर डेढ़ बजे स्कूल के एक अधिकारी ने उसे वापस बुलाया और राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए छत पर भेज दिया।
इसी दौरान वह उच्च-वोल्टेज वाले बिजली के तार की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने घटना की तत्काल सूचना उन्हें नहीं दी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर न्यू कलेक्ट्रेट के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्काजाम कर दिया।
जाम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की कार भी फंस गई। मंत्री कार से उतरकर छात्र के परिजनों से मिले और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। कुशवाह ने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसकी गिरफ्तारी होगी। परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।’’ पुलिस अधिकारी राजपूत ने बताया कि स्कूल के मालिक नंदकिशोर कुशवाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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