Amarnath Yatra 2026: वार्षिक अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। 57 दिनों तक चलने वाली इस तीर्थयात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें।
नवयुग टनल के लिए विशेष निर्देश यात्रा के दौरान सुरक्षा को देखते हुए नवयुग टनल से गुजरने वाली सामान्य ट्रैफिक पर समय-सीमा तय की गई है।
कश्मीर से जम्मू की ओर जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले टनल पार नहीं कर सकेंगे।
जम्मू से कश्मीर की ओर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे के बाद टनल से नहीं गुजर पाएंगे।
मीर बाजार से श्रीनगर और अनंतनाग जाने वाले वाहनों के लिए कट-ऑफ समय शाम 4 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि नवयुग टनल के लिए यह समय शाम 5 बजे तक का है।
बीमा कवर में बड़ा इजाफा श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों के लिए दुर्घटना बीमा कवर की राशि को दोगुना कर दिया है। अब यह कवर 5 लाख रुपये के बजाय 10 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके लिए श्रद्धालुओं को कोई अतिरिक्त प्रीमियम या शुल्क नहीं देना होगा। यह लाभ पंजीकृत तीर्थयात्रियों, श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों, अधिकारियों और यात्रा से जुड़े अन्य लोगों को भी मिलेगा।
स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं यात्रा के दोनों मार्गों, बालटाल और पहलगाम पर व्यापक इंतजाम किए गए है। श्रद्धालुओं के लिए दो बड़े फील्ड अस्पताल बनाए गए है, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 70 बिस्तरों की है। इसके अलावा 100 एम्बुलेंस की तैनाती की गई है और स्वास्थ्य विभाग ने 1,000 से अधिक कर्मियों को सेवा के लिए लगाया है। पंजीकृत तीर्थयात्रियों को वैध परमिट के साथ मुफ्त ठहरने की सुविधा भी दी जाएगी।
यात्रा के दो मुख्य मार्ग 57 दिवसीय यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और रक्षा बंधन के दिन, 28 अगस्त को संपन्न होगी। श्रद्धालु दो मार्गों से अमरनाथ गुफा तक पहुँच सकेंगे:
पारंपरिक 48 किमी लंबा नूनवान-पहलगाम मार्ग।
14 किमी लंबा छोटा लेकिन खड़ा बालटाल मार्ग।
प्रशासन ने सलाह दी है कि तीर्थयात्री अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और कट-ऑफ समय का विशेष ध्यान रखें ताकि सुरक्षा जांच और मौसम संबंधी बाधाओं के कारण होने वाली परेशानी से बचा जा सके।
Rohit Sharma Padma Shri Video: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह के दौरान पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। रोहित शर्मा को यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान क्रिकेट के खेल में उनके असाधारण योगदान और खेल के प्रति उनके समर्पण के लिए दिया गया है। जनवरी में घोषित सूची के बाद, आज उन्हें औपचारिक रूप से यह सम्मान प्राप्त हुआ।
क्रिकेट जगत में 'हिटमैन' का दबदबा रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप 2024 का खिताब अपने नाम किया। साथ ही, वे 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान उनका नेतृत्व काफी सराहनीय रहा, जहां भारत फाइनल तक पहुंचा। रोहित ने उस टूर्नामेंट में 597 रन बनाए थे।
#WATCH | Delhi | Former Captain of the Indian Cricket Team, Rohit Sharma, awarded the Padma Shri by President Droupadi Murmu
इसके अलावा, 2019 के वनडे विश्व कप में उन्होंने रिकॉर्ड पांच शतक जड़कर सबको प्रभावित किया था, जिसमें वे 648 रनों के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे थे।
विजय अमृतराज और सविता पूनिया को भी मिला गौरव इस समारोह में अन्य खेल दिग्गजों को भी सम्मानित किया गया। टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी विजय अमृतराज को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा गया। वहीं, भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर गोलकीपर सविता पूनिया को पद्म श्री पुरस्कार मिला।
सविता पूनिया के लिए भावुक पल पद्म श्री मिलने के बाद सविता पूनिया ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लिए यह बेहद खास पल है। उन्होंने बताया कि एक समय था जब वे घर से निकलने में भी डरती थीं और हॉकी खेलना एक दूर का सपना लगता था, लेकिन आज अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति भवन में इस सम्मान को प्राप्त करना उनके लिए एक भावुक और यादगार सफर है। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलंपिक में भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई थी।