स्विट्जरलैंड बैठक समाप्त: होर्मुज में नाके बंदी खत्म, संपति फ्रीज होना शुरू लेकिन यहां फंसी बात, जानें ईरान को क्या-क्या मिला?
America-Iran Switzerland Meeting: अमेरिका-ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बैठक पूरी हो गई है। ईरान ने इसकी जानकारी दी। साथ ही ईरान ने बैठक में हल हुए मुद्दे भी बताए। लेकिन लेबनान पर ईरान का सख्त रुख देखने को मिला। ईरान ने उसे ही असली परीक्षा बताया।
शांति समझौते पर साइन होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बैठक हुई। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची स्विट्जरलैंड पहुंचे। दोनों देशों के बीच 80 मिनट तक बातचीत चली। अब ईरान बैठक खत्म होने का ऐलान कर दिया है। कई मुद्दों पर ईरान को राहत मिली लेकिन एक मुद्दे पर ईरान अभी भी टिका है। ईरान ने इसे ही असली परीक्षा बताया।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरानी मीडिया को बताया कि स्विट्जरलैंड में तेहरान की बातचीत करने वाली टीम का काम अब "पूरा" हो गया है और टेक्निकल टीमें अपना काम जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह तय हुआ कि टेक्निकल टीमें इस MoU (समझौता ज्ञापन) को असरदार ढंग से लागू करने के लिए जरूरी मुद्दों पर अपना काम जारी रखेंगी। "इस चरण में, बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल का काम पूरा हो गया है, लेकिन टेक्निकल टीमें कल भी अपना काम जारी रखेंगी।
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ईरान को क्या क्या मिला?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के ज्वाइंट स्टेटमेंट के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि तेल और [पेट्रोकेमिकल] निर्यात पर लगी रोक हटा ली गई है, नाकेबंदी खत्म कर दी गई है, कुछ फ्रीज की गई संपत्ति जारी कर दी गई है और ईरान के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है।
Tireless Pakistani and Qatari mediation has delivered major progress to end Lebanon War. Oil and petrochem exports are waived, blockade lifted, some frozen assets released, and major reconstruction & development plan launched for Iran.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) June 22, 2026
1st real test: Lebanon deconfliction cell https://t.co/q0okD2qwSO
ईरान ने लेबनान को बताया अंतिम परीक्षा
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि 'लेबनान युद्ध' खत्म करने की दिशा में 'बड़ी प्रगति' हुई है। लिखा कि पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध को खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। उन्होंने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि पहली "असली परीक्षा" "लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल" होगी। दरअसल, बैठक में अमेरिका और ईरान लेबनान में शांति के लिए लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाने पर सहमत हुए हैं।
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