T20 Women World cup: एलिस पेरी ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा, टी20 विश्व कप इतिहास में हासिल किया बड़ा मुकाम
ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी ने क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया। महिला टी20 विश्व कप 2026 में नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में उतरते ही पेरी टी20 विश्व कप के इतिहास में 50 मैच खेलने वाली पहली क्रिकेटर बन गईं। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि मेंस और वुमेंस दोनों वर्गों को मिलाकर हासिल की।
35 साल की पेरी लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की पहचान रही हैं। उन्होंने 2008 में महज 17 साल की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद से वह लगातार ऑस्ट्रेलिया की सफलता का अहम हिस्सा बनी हुईं। अपनी प्रतिभा, निरंतरता के दम पर पेरी ने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शामिल किया है।
ICC T20 वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा मैच खेले गए (मेंस और वुमेंस मिलाकर):
खिलाड़ी मैच
एलिस पेरी - 50
रोहित शर्मा- 47
सूजी बेट्स- 43
जोस बटलर- 43
शाकिब अल हसन-43
एलिसा हीली-42
हरमनप्रीत कौर-41
डेविड वॉर्नर-41
सोफी डिवाइन-40
आदिल रशीद-38
पेरी का टी20 विश्व कप सफर भी बेहद शानदार रहा। वह 2009 में शुरू हुए पहले महिला टी20 विश्व कप से लेकर अब तक हर संस्करण में ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रही हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 6 बार खिताब जीता और इन सफलताओं में पेरी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पेरी टूर्नामेंट के इतिहास की तीसरी सबसे सफल गेंदबाज हैं। उन्होंने टी20 विश्व कप में 42 विकेट हासिल किए हैं। उनका गेंदबाजी औसत 17.16 का रहा है, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट पर 12 रन है। बल्लेबाजी में भी उन्होंने टीम को कई अहम मौकों पर संभाला और अब तक 559 रन बना चुकी हैं।
एलिस पेरी के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज है। वह मेंस और महिला क्रिकेट को मिलाकर टी20 इंटरनेशनल में 1000 रन और 100 विकेट का डबल पूरा करने वाली पहली खिलाड़ी हैं। यही वजह है कि उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडर्स में गिना जाता।
अपने 50वें टी20 विश्व कप मैच के बारे में बात करते हुए पेरी ने कहा कि वह इस उपलब्धि पर यकीन नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा बनना हमेशा खास रहा है और हर विश्व कप का अनुभव अलग और यादगार रहा है। उनके मुताबिक, इतने लंबे समय तक टीम के लिए खेलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।
पेरी की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि महिला क्रिकेट के विकास और उसमें उनकी असाधारण भूमिका का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में इस रिकॉर्ड को तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।
Mango Pickle: आम का अचार सालों तक नहीं होगा खराब! बनाते वक्त बस इन 5 बातों का रखें ख्याल
Mango Pickle: भारतीय रसोई में आम का अचार सिर्फ एक साइड डिश नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। गर्मियों में बड़ी संख्या में लोग घर पर आम का अचार बनाते हैं, लेकिन कई बार कुछ छोटी-छोटी गलतियों के कारण अचार जल्दी खराब होने लगता है। फफूंदी लगना, स्वाद बदल जाना या अचार का नरम पड़ जाना ऐसी समस्याएं हैं, जिनका सामना अक्सर लोगों को करना पड़ता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका आम का अचार महीनों नहीं बल्कि सालों तक सुरक्षित और स्वादिष्ट बना रहे, तो अचार डालते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही आम का चुनाव, मसालों का संतुलन और स्टोरेज का तरीका अचार की गुणवत्ता तय करता है। आइए जानते हैं वे 5 महत्वपूर्ण टिप्स, जो आपके अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचा सकते हैं।
सही और ताजे आम का करें चुनाव
अचार बनाने के लिए हमेशा कच्चे, सख्त और बिना दाग वाले आम चुनें। अधिक पके हुए या नरम आम अचार की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छे आम अचार की लंबी उम्र की पहली शर्त होते हैं।
नमी बिल्कुल न रहने दें
अचार खराब होने का सबसे बड़ा कारण नमी होती है। आम काटने के बाद उन्हें अच्छी तरह सूखने दें। मसाले, बर्तन और चम्मच भी पूरी तरह सूखे होने चाहिए। थोड़ी सी नमी भी फफूंदी का कारण बन सकती है।
नमक और मसालों की मात्रा संतुलित रखें
नमक अचार का प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव माना जाता है। यदि नमक कम होगा तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। इसी तरह हल्दी, मेथी, सौंफ और सरसों जैसे मसाले न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि अचार को सुरक्षित रखने में भी मदद करते हैं।
अच्छी गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल करें
आम के अचार में आमतौर पर सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है। तेल की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि अचार पूरी तरह उसमें डूबा रहे। तेल अचार को हवा और नमी से बचाने का काम करता है, जिससे उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है।
सही तरीके से स्टोर करें
अचार को हमेशा साफ और सूखे कांच के जार में भरें। जार को धूप में अच्छी तरह सुखाने के बाद ही इस्तेमाल करें। अचार निकालते समय हमेशा सूखा चम्मच प्रयोग करें और जार का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें।
अचार लंबे समय तक सुरक्षित रखने के अतिरिक्त टिप्स
- समय-समय पर अचार को धूप दिखाएं।
- गीले हाथों से अचार को छूने से बचें।
- जार को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
- अगर तेल की मात्रा कम लगे तो जरूरत के अनुसार ऊपर से तेल डाल सकते हैं।
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लेखक: (कीर्ति)
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