T20 World Cup: जीत की हैट्रिक पर Team India की नजर, South Africa देगी सबसे कड़ी टक्कर
भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप में शानदार शुरूआत के बाद अब रविवार को यहां ग्रुप वन के कठिन मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका जैसी खतरनाक टीम के सामने उस लय को कायम रखने की कोशिश करेगी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने पाकिस्तान पर 64 रन से जीत के साथ अपने अभियान की शुरूआत की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और विकेटकीपर बल्लेबाज रिचा घोष ने बल्ले से योगदान दिया जबकि दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट चटकाये।
नीदरलैंड को दूसरे मैच में भारत ने 95 रन से हराया। पांच बार सेमीफाइनल में पहुंच चुकी भारतीय टीम अभी तक टी20 विश्व कप नहीं जीत सकी है। अब उसे अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेहतरीन गेंदबाजी के लिये विख्यात दक्षिण अफ्रीका की चुनौती से पार पाना है। यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी और भारत की बल्लेबाजी के बीच हो सकता है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की मंधाना की काबिलियत और हरमनप्रीत के अनुभव के साथ शेफाली वर्मा और रिचा की आक्रामक बल्लेबाजी अहम होगी।
वहीं दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें कप्तान लौरा वोल्वार्ट और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर टिकी होंगी। दक्षिण अफ्रीका ने आस्ट्रेलिया से मिली पराजय के बाद पाकिस्तान को दो विकेट से हराकर वापसी की। पहले दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय गेंदबाजों के सामने उसके बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैनचेस्टर की पिच स्पिनरों की मददगार साबित हो सकती है। दोनों टीमों को अपने क्षेत्ररक्षण में सुधार करना होगा क्योंकि अब तक के मैचों में यह पहलू अहम साबित हुआ है। भारत के लिये सकारात्मक बात यह है कि टीम किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है और सभी ने योगदान दिया है। टीम प्रबंधन संतुलन से भी खुश होगा जिससे गेंदबाजी के विकल्पों में विविधता मिली है।
दीप्ति की आफ स्पिन के अलावा भारत के पास अच्छे तेज और स्पिन गेंदबाजी विकल्प है। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट की सबसे प्रतिस्पर्धी टीमों में से है। पिछली बार टी20 विश्व कप फाइनल खेल चुकी इस टीम के पास दबाव से निपटने का काफी अनुभव है। दोनों टीमों के पास अच्छे हरफनमौला हैं और यह इस ग्रुप का सबसे अहम मुकाबला साबित हो सकता है। भारत को श्रेयंका पाटिल की कमी खलेगी जो पिछले मैच में चोट के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। उनकी जगह लेग स्पिनर प्रेमा रावत को शामिल किया गया है जिन्होंने अभी तक भारत के लिये पदार्पण नहीं किया है।
टीमें : भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा , जेमिमा रौड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, रिचा घोष, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरूंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, राधा यादव , प्रेमा रावत। दक्षिण अफ्रीका : लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), तजमीन ब्रिट्स, नडाइन डि क्लर्क, एनेरी डर्कसेन, शबनम इस्माइल, सिनालो जाफ्टा, मरियाने काप, अयाबोंगा खाका, सुने लूस, काराबो मेसो, एन मलाबा, कायला रेनेके, तुमी सेखुखुने, क्लो ट्रायोन, डेन वान नीकर्क मैच का समय : शाम सात बजे से।
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने श्रीराम प्रतिमा का प्रोजेक्ट रुकवाया:मूर्ति के अपमान का आरोप, विरोध में हिंदुओं का प्रदर्शन, जय श्रीराम के नारे लगे
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात को हजारों हिंदुओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। भगवान राम की प्रतिमा निर्माण का प्रोजेक्ट को रोकने से गुस्साए हिंदू समाज के लोगों ने हाथों में मशाल लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में एक मंदिर परियोजना के दौरान भगवान राम की तस्वीर को कट्टरपंथियों ने अपवित्र किया और निर्माण कार्य को जबरन रोक दिया। यह मार्च शाहबाग से शुरू होकर नेशनल प्रेस क्लब तक पहुंचा। पूरे रास्ते जय श्री राम के नारे गूंजते रहे। इसमें अलग-अलग हिंदू संगठनों के सदस्य और छात्र शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और तुरंत कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि घटना को लेकर मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रंगपुर में एक छोटे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की भी जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन से जुड़ी 3 तस्वीरें… भगवान कृष्ण और भगवान शिव की प्रतिमाएं भी बननी थी गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी में एक प्रस्तावित मंदिर परिसर में भगवान राम की 81 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण चल रहा था। इसके साथ 53 फुट की भगवान कृष्ण और 30 फुट की भगवान शिव की प्रतिमा भी बनाई जा रही थी। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका यानी 16.9 करोड़ रुपए बताई गई है। श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान कुछ कथित इस्लामिक समूहों ने धमकियां दीं, जिसके बाद काम रोकना पड़ा। समिति ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और सुरक्षा कारणों से निर्माण अस्थायी रूप से बंद किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसी दौरान एक प्रदर्शन में भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया और उसे नुकसान पहुंचाया गया। अल्टीमेटम और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी हिंदू संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात और औपचारिक ज्ञापन देने की भी घोषणा की है। यह ज्ञापन शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही देशभर में रैलियों और विरोध कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। कुछ संगठनों ने 64 जिलों में राम मंदिर निर्माण अभियान शुरू करने की बात भी कही है। हिंदू संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रही है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के दबाव में राम-प्रतिमा का प्रोजेक्ट रुका: फंडिंग की जांच व अधूरा निर्माण गिराने की मांग, 2025 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट बांग्लादेश के गैबांधा जिले में 82 फीट ऊंची राम प्रतिमा का प्रोजेक्ट कट्टरपंथी दबाव के बाद रोक दिया गया है। यह प्रतिमा श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर में बन रही थी। मंदिर समिति ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अस्थायी रोक बताया है, लेकिन इसकी असली वजह कट्टरपंथी संगठनों का दबाव बताया जा रहा है। प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे कट्टरपंथी संगठनों ने अधूरी संरचना गिराने तक की मांग की है। इमाम-उलमा परिषद ने प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द करने, भविष्य में ऐसी किसी पहल पर रोक लगाने और फंडिंग की जांच कराने की मांग रखी है। पूरी खबर पढ़ें…


prabhasakshi




















