Don 3 Controversy: रणवीर सिंह 18 महीने तक नहीं देंगे कोई इंटरव्यू; फरहान अख्तर से विवाद के बाद टूटी दोस्ती?
Don 3 Controversy: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों और 'डॉन 3' से जुड़े विवाद को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इसी बीच एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रणवीर सिंह ने अगले 18 महीनों तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी न करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, वे इस दौरान मीडिया इंटरव्यू और पत्रकारों से भी दूरी बनाए रख सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर अपनी आगामी फिल्म 'प्रलय' की रिलीज तक किसी भी विवादित मुद्दे पर खुलकर बात करने के मूड में नहीं हैं।
'डॉन 3' विवाद पर नहीं देंगे कोई बयान
फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, दावा किया गया है कि हाल ही में रणवीर सिंह से हुई मुलाकात के दौरान अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वह 'डॉन 3' से जुड़े विवाद पर फिलहाल कुछ भी नहीं बोलना चाहते। बताया जा रहा है कि अभिनेता के पास कई इंटरव्यू के लिए रिक्वेस्ट आई हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल मीडिया बातचीत से दूरी बनाए रखने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रणवीर और 'डॉन 3' के निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर के बीच रिश्तों में आई खटास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
क्या जोया अख्तर करा सकती हैं सुलह?
फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा है कि रणवीर सिंह को उम्मीद है कि निर्देशक और लेखिका जोया अख्तर इस मामले में मीडियेटर की भूमिका निभा सकती हैं। रणवीर और जोया के बीच लंबे समय से अच्छे प्रोफेशनल और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। ऐसे में इंडस्ट्री के कुछ लोगों का मानना है कि भविष्य में दोनों पक्षों के बीच सुलह की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
कैसे शुरू हुआ 'डॉन 3' विवाद?
'डॉन 3' को लेकर रणवीर सिंह और फिल्म निर्माताओं के बीच मतभेद की खबरें लंबे समय से सामने आ रही हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता और निर्माताओं के बीच क्रिएटिव डिफरेंस पैदा हो गए थे।
इसके अलावा फिल्म की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप न मिलने और बार-बार शूटिंग में देरी होने को भी विवाद की एक बड़ी वजह बताया गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट ने कथित तौर पर मुआवजे की मांग की है।
FWICE का रुख भी रहा चर्चा में
विवाद के दौरान फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश जारी किया था। हालांकि बाद में इस निर्देश को वापस ले लिया गया, जिससे अभिनेता को राहत मिली।
'प्रलय' की रिलीज का इंतजार
रणवीर सिंह की आगामी फिल्म 'प्रलय' को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी एक्साइटमेंट है। यह एक पोस्ट-एपोकैलिप्टिक ज़ॉम्बी थ्रिलर बताई जा रही है।
फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं, जो मशहूर फिल्मकार हंसल मेहता के बेटे हैं। जय इससे पहले 'स्कैम 1992' और 'लूटेरे' जैसे प्रोजेक्ट्स में निर्देशन टीम का हिस्सा रह चुके हैं।
Neet Paper Leak Controversy: "1 करोड़ का मुआवजा दीजिए...," CJP चीफ अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को लिखा लेटर, क्या मांगे रखीं ?
Abhijeet Dipke Letter To PM Modi: नीट पेपर लीक विवाद के बीच छात्रों के सुसाइड मामलों को लेकर सामाजिक दबाव के साथ-साथ राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चीफ अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ओपन लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने उन परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग उठाई है, जिनके बच्चों ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ते मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली है।
अभिजीत दीपके की ओर से दावा किया गया है कि पिछले 1 हफ्ते में 11 नीट उम्मीदवारों ने सुसाइड किया है। उनका यह भी कहना है कि इनमें से 5 छात्रों ने पिछले 48 घंटों के भीतर आत्महत्या की। लेटर में दीपके ने लिखा है कि NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरे तनाव में डाल दिया है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है, और कई छात्र मानसिक दबाव झेल रहे हैं।
हर प्रभावित परिवार 1 करोड़ का मुआवजा-अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए। CJP की मांग है कि हर प्रभावित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके अलावा सीजेपी संस्थापक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराई है।
Open Letter to PM:
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 19, 2026
We urge PM @narendramodi to provide ₹1 crore in compensation to the families of students who died by suicide due to the paper leak crisis. pic.twitter.com/p6gOuNRvsT
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
उन्होंने कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है और अपनी मांगों को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रही है। छात्र केवल इतना चाहते हैं कि जान के नुकसान के लिए जवाबदेही तय हो।''
दीपके का यह भी कहना है कि नेतृत्व स्तर पर जवाबदेही तय करना छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने की दिशा में बेहतर कदम है। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री को पद से हटाने का आग्रह करते हुए कहा कि मंत्री प्रधानमंत्री के विश्वास के कारण पद पर बने हुए हैं, और अंतिम जवाबदेही प्रधानमंत्री की है।
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