रणथंभौर एक्सप्रेस के पहियों से धुआं निकला:रतलाम में बचने के लिए यात्री दूसरे ट्रैक पर कूदे; लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे
रतलाम जिले के आलोट स्थित लूणी-रीछा स्टेशन के पास गुरुवार (18 जून) सुबह पौने 10 बजे के आसपास रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। ट्रेन इंदौर से जोधपुर जा रही थी। स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही आग लगने की आशंका से यात्री दहशत में आ गए और सामान लेकर पटरियों पर कूद गए। मौके पर पहुंचे रेल कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर से स्थिति पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, लूणी-रीछा स्टेशन पर रणथंभौर एक्सप्रेस का कोई आधिकारिक स्टॉपेज नहीं है। इसके बावजूद लोको पायलट ने यहां अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे। ब्रेक लगने के तुरंत बाद इंजन के पास लगे जनरल कोच के पहियों से धुआं उठने लगा। हालांकि, इमरजेंसी ब्रेक क्यों लगाए गए और धुआं निकलने का तकनीकी कारण क्या था, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। बता दें, हाल ही में मुरैना ट्रेन हादसे में आग लगने की अफवाह के कारण इसी तरह यात्री पटरियों पर उतर गए थे। हादसे में 4 की दूसरी ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। हादसे की 3 तस्वीरें देखिए… आग लगने की अफवाह से मची अफरा-तफरी पहियों से धुआं निकलता देख किसी ने आग लगने की बात कह दी, जिससे कोच में हड़कंप मच गया। घबराए यात्री सामान लेकर कोच से बाहर निकलने लगे। जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री पटरियों के बीच खड़े हो गए। इस दौरान दूसरी लाइन पर भी एक ट्रेन खड़ी थी और यात्री दोनों ट्रेनों के बीच पटरियों पर जमा रहे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यात्री हड़बड़ी में ट्रेन से नीचे उतरते नजर आ रहे हैं। फायर एक्सटिंग्विशर से आग को काबू किया गया रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लूणी-रीछा स्टेशन राजस्थान के कोटा रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में आता है। सूचना मिलने पर रेल कर्मचारी तत्काल अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) लेकर मौके पर पहुंचे और स्थिति नियंत्रित की। स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। सिग्नल अचानक रेड हुआ, इसलिए इमरजेंसी ब्रेक लगाए जानकारी के अनुसार ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए सिग्नल नहीं मिला था। अचानक सिग्नल रेड होने पर लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इस दौरान एक पहिए के हार्ड एक्सल पर ब्रेक शू जाम होकर चिपक गए, जिससे घर्षण होने लगा और धुआं निकलने लगा। घटना के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगी थी इससे पहले 17 मई को त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) में आग लग गई थी। हादसा रतलाम जिले में आलोट के पास लूणी रीछा-विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुआ। आग ट्रेन के एसी कोच बी-1 में लगी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे कर्मचारियों ने करीब 15 मिनट में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। घटना के बाद ट्रेन की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई और दोनों प्रभावित कोचों को ट्रेन से अलग किया गया। ये खबर भी पढ़ें… मुरैना ट्रेन हादसे का वीडियो, लोग कटते दिखे:500 मीटर तक फैले मांस के लोथड़े खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह ने 4 जानें ले लीं। मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। इनको पोस्टमॉर्टम के लिए पोटली में समेटना पड़ा। हादसे का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…
QS World University Rankings 2027: IIT दिल्ली बना भारत का नंबर 1 इंस्टीट्यूट, ग्लोबल रैंकिग में 118वीं रैंक हासिल
QS World University Rankings 2027: आईआईटी दिल्ली एक बार फिर से दुनिया में नंबर-1 भारतीय संस्थान बन गया है। दरअसल QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में लगातार 2 सालों से भारत के टॉप एजुकेशनल और रिसर्च इंस्टीट्यूट के तौर पर IIT दिल्ली अपना परचम लहरा रही है। 134वीं रैंक के साथ IIT बॉम्बे दुनिया में दूसरा भारतीय संस्थान है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के मुताबिक, 2027 में अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) लगातार 15वें साल पहले नंबर है। इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में दुनिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज को उनकी एकेडमिक परफॉर्मेंस, रिसर्च आउटपुट, ग्लोबल रिपुटेशन और एम्प्लॉयमेंट रिकॉर्ड जैसे स्टैंडर्ड्स के आधार पर जगह दी गई है।
टॉप ग्लोबल रैंकिंग के बराबर IIT
18 जून 2026 को जारी हुई QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के मुताबिक IIT दिल्ली लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। पिछले साल की 123वीं रैंक से 5 जगह बेहतर करके इस साल 118वीं रैंक हासिल की है। साल 2024 में IIT दिल्ली की रैंक 197वीं और 2025 में 150वीं थी। आईआईटी दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में किसी भारतीय संस्थान की ओर से हासिल की गई, सबसे टॉप ग्लोबल रैंकिंग की बराबरी कर ली है।
संस्थान की स्थिति और भी होगी मजबूत-प्रोफेसर सोमनाथ वैद्य रॉय
IIT दिल्ली की इस उपलब्धि पर प्लानिंग डीन और रैंकिंग सेल के हेड, प्रोफेसर सोमनाथ वैद्य रॉय का कहना है कि संस्थान के नए करिकुलम, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। संस्थान के मुताबिक पिछले 4 सालों में उसने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में 79 जगहों को सुधार किया है, और QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2024 में 197वीं रैंक से लेटेस्ट सेशन में 118वीं रैंक पर पहुच गया है।
रैंकिंग सुधार में क्या रहे मुख्य केंद्र ?
रैंकिंग में सुधार के पीछे कई परफॉर्मेंस इंडिकेटर (प्रदर्शन के पैमाने) का हाथ था। इनमें से, 'एम्प्लॉयर रेप्युटेशन' (नियोक्ता की नज़र में प्रतिष्ठा) इंडिकेटर में 11 जगहों की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे IIT दिल्ली को दुनिया भर में 39वीं रैंक हासिल करने में सहायता मिली है। जो यह दर्शाता है कि संस्थानों के ग्रेजुएट्स को नियोक्ता किस नज़रिए से देखते हैं, जो वर्कफोर्स में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की नौकरी के लिए तैयारी को दर्शाता है।
एक सुधार 'एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स' (रोजगार के नतीजे) में देखा गया है। जहां IIT दिल्ली 60 जगह ऊपर आ गया है। यह इंडिकेटर संस्थान की उस क्षमता को मापता है जिससे वह अपने ग्रेजुएट्स के लिए बेहतर रोजगार की संभावनाएं सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही भविष्य के लिए ऐसे लीडर्स तैयार करता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में प्रभाव डालें।
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