वैभव सूर्यवंशी को उकसाकर फंसे श्रीलंका के खिलाड़ी, मैच रेफरी ने दी सजा
Vaibhav Sooryavanshi: 15 जून को भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई सीरीज का चौथा वनडे मैच खेला गया. इस मैच में भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के स्पिनर विशेन हलमबेज के बीच तीखी-बहस के साथ-साथ धक्का-मुक्की भी हो गई थी. अब क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को लेकर मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश ने दोषी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा लगा दिया है. श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बेज को को मुख्य रूप से बड़ी सजा मिली है. हालांकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर कोई जुर्नामा लगा है या नहीं इसपर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर भी मैच रेफरी ने लगाया जुर्माना
दिलचस्प बात यह है कि मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश ने श्रीलंका के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर जुर्माना लगाया, जो हलाम्बेज और वैभव सूर्यवंशी के झगड़े में बीच-बचाव कर रहे थे. हालांकि, विकेटकीपर डिकवेला पर लगाया गया जुर्माना एक अलग अपराध के लिए था और इसका वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलमबेज के झगड़े से सीधा संबंध नहीं था. यह घटना इस वक्त क्रिकेट जगत में बड़ी सुर्खियां बनी हुई है. हालांकि, डिकवेला पर जुर्माना किस वजह से लगाया गया है इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. हो सकता है कि विकेट के पीछे से ज्यादा अपील करने की वजह से उनपर जुर्माना लगाया गया हो.
वैभव सूर्यवंशी पर जुर्माने को लेकर सामने नहीं आई कोई जानकारी
इतना ही वहीं वैभव सूर्यवंशी पर कोई प्रतिबंध लगाया गया है कि नहीं इसपर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने भी धक्का-मुक्की की थी. प्रकाशन के समय तक भारतीय टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजे गए संदेशों का कोई जवाब नहीं मिला था.
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फर्जी वीडियो विवाद पर भड़के भगवंत मान, बोले- मुझे बदनाम करने की रची जा रही साजिश
पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक कथित फर्जी वीडियो को लेकर विवाद गरमाया हुआ है. इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और आरोप लगाया है कि उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित साजिश रची जा रही है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा किया गया है, उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है.
फर्जी वीडियो को बताया राजनीतिक साजिश
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा वीडियो पूरी तरह भ्रामक है. उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति न तो उनकी कद-काठी से मेल खाता है और न ही उनकी शारीरिक बनावट से.
मान ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह के हथकंडों का इस्तेमाल कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों से विरोधी दल परेशान हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ दुष्प्रचार का अभियान चलाया जा रहा है.
बेअदबी कानून को लेकर उठाया सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है. उनके मुताबिक, जब तक ऐसा कानून नहीं था तब तक विपक्ष और विभिन्न संगठन सरकारों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते थे, लेकिन अब कानून बनने के बाद वही लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
भगवंत मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ कड़ा कानून लागू होने के बाद से ही उनके खिलाफ प्रचार तेज हो गया है. उन्होंने इसे राजनीतिक विरोधियों की बौखलाहट बताया और कहा कि जनता इस पूरे मामले की सच्चाई को समझ रही है.
अकाल तख्त के प्रति जताया सम्मान
विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी आस्था और सम्मान को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और वह हमेशा उसके प्रति नतमस्तक रहे हैं.
मान ने कहा कि वह कभी भी ऐसी कोई बात सोच भी नहीं सकते जो अकाल तख्त साहिब के सम्मान के खिलाफ हो. हालांकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है.
केजरीवाल ने भी किया समर्थन
इस पूरे विवाद में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के समर्थन में सामने आए. उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों और जनहित के फैसलों से विरोधी दल परेशान हैं.
केजरीवाल का कहना है कि जब कोई सरकार जनता के हित में काम करती है तो उसके खिलाफ झूठे आरोप और अफवाहें फैलाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं. उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान भी इसी राजनीति का हिस्सा है.
पंजाब की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
फर्जी वीडियो विवाद ने पंजाब की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है. एक ओर मुख्यमंत्री इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, वहीं विपक्ष और अन्य पक्ष इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं. आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है.
फिलहाल भगवंत मान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं और पंजाब, किसानों, युवाओं तथा राज्य के हितों से जुड़े फैसले आगे भी लेते रहेंगे. उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचें तथा तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें.
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