एअर इंडिया ने शुरू की 'बेसिक' किराया कैटेगरी:मुफ्त खाना नहीं मिलेगा, चाय-कॉफी कॉम्प्लीमेंट्री रहेगी; चुनिंदा घरेलू रूट्स पर ट्रायल शुरू
एअर इंडिया ने चुनिंदा घरेलू रूट्स पर एक नई 'बेसिक' किराया कैटेगरी की शुरुआत की है। जिसके तहत यात्रियों को कम कीमत में सफर करने का ऑप्शन मिलेगा। इकोनॉमी क्लास टिकट में मुफ्त भोजन शामिल नहीं होगा, हालांकि यात्रियों को मुफ्त चाय या कॉफी दी जाएगी। एयरलाइन ने एक बयान में बताया कि इस किराए को अभी ट्रायल बेसिस पर शुरू किया गया है, जो उन यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो कम खर्च में यात्रा करना चाहते हैं। लगेज के लिए मिलेगी 15 किलोग्राम की लिमिट 24 घंटे पहले बुक कर सकेंगे अपनी पसंद का भोजन भले ही इस बेसिक किराए में मुफ्त खाना शामिल नहीं है, लेकिन यात्रियों के पास खाना खरीदने का ऑप्शन रहेगा। बेसिक फेयर बुक करने वाले यात्री फ्लाइट के रवाना होने से 24 घंटे पहले तक अपने लिए भोजन प्री-परचेज कर सकते हैं। यात्रियों को भोजन के लिए वेजिटेरियन, नॉन वेजिटेरियन, जैन और डायबिटिक मील्स के ऑप्शन भी दिए जाएंगे। फ्लाइट री-शेड्यूल होने पर रिफंड या ट्रांसफर की सुविधा एअर इंडिया ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन के रिफंड और ट्रांसफर को लेकर भी नियम स्पष्ट किए हैं। एयरलाइन के मुताबिक, यदि फ्लाइट के शेड्यूल में कोई बदलाव होता है या यात्री को किसी दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट किया जाता है, तो पैसेंजर के पहले से खरीदा गया भोजन नई फ्लाइट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यदि किसी स्थिति में भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो यात्री को उसके पैसे रिफंड कर दिए जाएंगे। एयरलाइन के पुराने किराए के ऑप्शन भी रहेंगे मौजूद इन माध्यमों से की जा सकती है बुकिंग एअर इंडिया का कहना है कि यह बेसिक किराया वर्तमान में केवल कुछ चुनिंदा घरेलू रूट्स पर ही उपलब्ध है। जो यात्री इस किराए के तहत टिकट बुक करना चाहते हैं, वे एअर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप, कॉन्टैक्ट सेंटर और एयरपोर्ट टिकटिंग ऑफिसेज के माध्यम से अपनी बुकिंग करा सकते हैं। फीडबैक के बाद लिया जाएगा फैसला एअर इंडिया के अनुसार, यह पूरी कवायद उन यात्रियों के लिए है जो किफायती यात्रा को प्राथमिकता देते हैं। एयरलाइन इस पायलट फेज (ट्रायल) के दौरान ग्राहकों से मिलने वाले रिपॉन्स और उनके फीडबैक का बारीकी से आकलन करेगी। इस ट्रायल से मिलने वाले अनुभवों और ग्राहकों की प्रतिक्रिया की समीक्षा करने के बाद ही कंपनी इस बेसिक किराया सर्विस को भविष्य में स्थायी रूप से लागू करने या आगे बढ़ाने पर कोई अंतिम फैसला लेगी। क्या होता है पायलट फेज या ट्रायल बेसिस? जब कोई कंपनी अपनी किसी नई सर्विस या प्रोडक्ट को पूरे बाजार में बड़े पैमाने पर लॉन्च करने से पहले कुछ चुनिंदा जगहों या रूट्स पर सीमित समय के लिए शुरू करती है, तो उसे पायलट फेज या ट्रायल कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों का रिस्पॉन्स देखना और आनी वाली कमियों को सुधारना होता है। ये खबर भी पढ़ें… बिगबास्केट के CEO हरि मेनन ने इस्तीफा दिया: अमेजन के अमित नंदा उनकी जगह लेंगे, टाटा ग्रुप की कंपनी में बड़ा फेरबदल टाटा के ओनरशिप वाले ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म बिगबास्केट के को-फाउंडर हरि मेनन ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 16 जून को इसकी आधिकारिक घोषणा की। ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी अमेजन में 11 साल से ज्यादा समय बिता चुके अमित नंदा अब बिगबास्केट के नए CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
1 ही नाम से बनी 3 फिल्में, तीनों में नजर आए सुपरस्टार, दूसरे नंबर वाली का माधुरी दीक्षित के रहते हुए हो गया बंटाधार
बॉलीवुड में एक ही नाम से बनने वाली फिल्मों का सिलसिला शुरुआत से चला आ रहा है. कई बार ऐसा हुआ है, जब एक ही नाम से कई फिल्में बनी हैं. ऐसी ही 3 फिल्में हैं, जो एक ही नाम से बनी है. लेकिन तीनों में अलग-अलग दौर के स्टार नजर आए. इनमें दो तो सुपरहिट साबित हुई. लेकिन तीसरी का माधुरी दीक्षित के रहते हुए भी बंटाधार हो गया.
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