Responsive Scrollable Menu

'भ्रष्टाचार, मुलसमानों के साथ विश्वासघात...', AIMIM प्रमुख ओवैसी ने ममता बनर्जी की हार के बताए कारण, SIR को लेकर क्या कहा?

AIMIM प्रमुख ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस में बड़े पैमाने पर बगावत के बीच कहा कि टीएमसी का भ्रष्टाचार, कुशासन और मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात उनकी हार के कारणों में से थे। ओवैसी ने SIR पर भी ममता को घेरेना का काम किया।

Continue reading on the app

अमेरिका में मिलने वाले प्रति घंटा वेतन में गिरावट जारी:मध्यम वर्ग की आय धीमी गति से बढ़ रही, एआई से भी बढ़ी समस्या

अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय एक विरोधाभास से गुजर रही है, जहां एक ओर अरबपतियों की संपत्ति नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, वहीं आम वर्कर्स बढ़ती महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। पिछले सप्ताह इसकी झलक दो घटनाओं में दिखाई दी। बुधवार को लेबर ब्यूरो ने बताया कि ऊर्जा कीमतों(बिजली, पेट्रोल, गैस, डीजल) में बढ़ोतरी ने औसत अमेरिकी कर्मचारी की पिछले डेढ़ साल की वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग खत्म कर दी। वहीं शुक्रवार को स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन गए। अर्थशास्त्रियों गैब्रियल जकमैन और इमैनुएलसाएज के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध के तथाकथित "गिल्डेड एज' में सबसे अमीर अमेरिकियों की संपत्ति देश के वार्षिक आर्थिक उत्पादन के लगभग 3% के बराबर थी। आज अमेरिका के शीर्ष 0.00001% यानी लगभग 20 लोगों की संपत्ति राष्ट्रीय उत्पादन (अमेरिकी कंपनियों द्वारा अमेरिका और अन्य देशों में सालाना किया जाने वाला उत्पादन ) के 12% तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में शीर्ष स्तर पर संपत्ति का इतना बड़ा केंद्रीकरण पहले कभी नहीं देखा गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर स्टीफेनी स्टेंटचेवा केअनुसार, शेयर बाजार में लगातार उछाल ने लोगों में यह भावना पैदा की है कि आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के लिए अधिक काम कर रही है। हालांकि आधे से अधिक अमेरिकी परिवार प्रत्यक्ष रूप से या रिटायरमेंट फंड के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश रखते हैं और उन्हें भी लाभ मिला है, लेकिन फेडरल रिजर्व के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दशक में मध्यम वर्ग की संपत्ति अमीरों की तुलना में कहीं धीमी गति से बढ़ी है। ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण मई में अमेरिका की मुद्रास्फीति तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। महंगाई को समायोजित करने के बाद प्रति घंटे मिलने वाला वास्तविक वेतन लगातार तीन महीनों से घट रहा है। नतीजतन, ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल के शुरुआती दौर में हुई वेतनवृद्धि का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। अमेरिकी परिवार पहले ही कोविड-19 महामारी,चार दशक की सबसे ऊंची महंगाई, ऊंची ब्याज दरों, टैरिफ और मंदी की आशंकाओं का सामना कर चुके हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई तकनीकी कंपनियों के प्रमुख चेतावनी दे चुके हैं कि एआई आने वाले वर्षों में अनेक श्रेणियों की नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। कोलंबिया बिजनेस स्कूल के अर्थशास्त्री ग्लेन हबार्ड का कहना है कि जब तकनीकी कंपनियां स्वयं यह संदेश देती हैं कि उनकी तकनीक लोगों की नौकरियां खत्म कर सकती है, तो उसके खिलाफ प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इसी वजह से अमेरिका में आर्थिक असमानता, सुपररिच वर्ग के बढ़ते प्रभाव और आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर बहस पहले से अधिक तेज हो गई है। महंगाई बढ़ने के साथ कमाई घटी - अमेरिका में महामारी के बाद महंगाई चार दशक में सबसे अधिक हो गई । - राष्ट्रीय आय में वर्कर्स के हिस्से में लगातार गिरावट। - अमीरों की तुलना में मध्यमवर्ग की संपत्ति में बढ़ोतरी की गति धीमी। - लंबे समय तक महंगाई रहने से कंज्यूमर खर्च से बचते हैं। - प्रति घंटा वेतनों में तीन माह से गिरावट जारी। एआई कंपनियों के कई बड़े आईपीओ आएंगे टेक कंपनियों को अभी हाल में शेयर मार्केट की तेजी से फायदा हुआ है। स्पेसएक्स के बाद एआई कंपनियों के बड़े-बड़े आईपीओ की श्रृंखला आ सकती है। महंगाई और आय में गिरावट की चिंता के बीच एआई में उछाल से लोगों का अमीरों की संपत्ति में बढ़ोतरी से असहज होना असामान्य नहीं है। कम आय वालों को करना पड़ रहा संघर्ष अर्थशास्त्रियों के अनुसार महंगाई के दौर से कंज्यूमर का आर्थिक व्यवहार लंबे समय तक प्रभावित रहता है। यह उनके बजट पर बोझ के साथ अनुचित भी है, क्योंकि अमीर लोग तो महंगाई का सामना अपेक्षाकृत आसानी से कर लेते हैं जबकि कम आय वाले परिवारों को संघर्ष करना पड़ता है। कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटरों का विरोध सर्वेक्षणों के अनुसार कई वर्कर्स करिअर पर एआई टेक्नोलॉजी के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। अमेरिका के कई राज्यों में वोटर अपने इलाके में डेटा सेंटरों के निर्माण पर विरोध जता चुके हैं। वे अपने बिजली के बिल, पानी सप्लाई और हवा की क्वालिटी पर इसके असर की बात कह रहे हैं।

Continue reading on the app

  Sports

'श्रीलंकाई खिलाड़ियों को तमीज सिखानी चाहिए...' विवाद पर भड़के भारतीय कोच, वैभव सूर्यवंशी का किया बचाव

sairaj bahutule reacts on vaibhav sooryavanshi fight: भारतीय स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने वैभव सूर्यवंशी का बचाव करते हुए कहा है कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों को सिखाया जाना चाहिए कि मैदान पर कैसे व्यवहार करना है. बहुतुले का कहना है कि वैभव बहुत शांत स्वभाव के हैं. नहीं पता उसे कैसे उकसाया गया. Tue, 16 Jun 2026 19:26:29 +0530

  Videos
See all

Maa Kamakhya मंदिर में Anant Ambani ने की विशेष पूजा-अर्चना, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम! | Guwahati #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T14:16:45+00:00

Iran America War Update: Nuclear programme पर भिड़े ईरान-अमेरिका | Trump | Peace Deal | Hormuz |N18S #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T14:12:48+00:00

Patna Protest News: अपराध करने वाला शिक्षक नहीं हो सकता है: धीरेन्द्र कुमार मुन्ना | Bihar News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T14:15:07+00:00

Fake IPS Officer | दुकान से सामान लेकर बोला मैं IPS हूं! मचा हड़कंप | #viralvideo #noida #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-16T14:10:54+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers