Explainer: 'मेरे पैसे आपके खाते में डलवा दूं...', आपको मिले ऑफर तो हो जाएं अलर्ट, जानें क्या होता है मनी म्यूल अकाउंट? कैसे होती है ठगी
Explainer: डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है. अब पैसे भेजने और प्राप्त करने में केवल कुछ सेकंड लगते हैं. लेकिन इसी सुविधा का फायदा साइबर अपराधी भी उठा रहे हैं. हाल के वर्षों में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में आया है "मनी म्यूल अकाउंट". भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को इससे सावधान रहने की चेतावनी दे रही हैं.
अगर कोई अनजान व्यक्ति आपसे कहे कि उसके कुछ पैसे आपके खाते में आएंगे और आपको केवल उन्हें आगे ट्रांसफर करना है, बदले में आपको अच्छा कमीशन मिलेगा, तो यह सुनने में भले ही आसान कमाई का जरिया लगे, लेकिन यह आपको बड़ी कानूनी परेशानी में डाल सकता है.
क्या होता है मनी म्यूल अकाउंट?
मनी म्यूल (Money Mule) उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति के पैसे प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए करता है. कई मामलों में लोग लालच में आकर यह काम करते हैं, जबकि कुछ लोग अनजाने में भी इस जाल का हिस्सा बन जाते हैं.
साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं, बैंकिंग फ्रॉड और अन्य अपराधों से कमाए गए पैसे को सीधे अपने खाते में नहीं रखते. वे जांच एजेंसियों से बचने के लिए इन पैसों को कई खातों के जरिए घुमाते हैं. इस प्रक्रिया में जिन खातों का उपयोग किया जाता है, उन्हें मनी म्यूल अकाउंट कहा जाता है.
कैसे काम करता है पूरा नेटवर्क?
मनी म्यूल फ्रॉड एक संगठित नेटवर्क की तरह काम करता है. सबसे पहले साइबर अपराधी किसी व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाकर उससे पैसे ऐंठते हैं. इसके बाद यह रकम सीधे अपराधी के खाते में न जाकर कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की जाती है.
उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति से ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए 5 लाख रुपये ठगे गए. यह रकम पहले एक मनी म्यूल अकाउंट में भेजी जाएगी. फिर वहां से दूसरे खाते और उसके बाद तीसरे खाते में ट्रांसफर की जाएगी. इस तरह पैसों का स्रोत और अंतिम गंतव्य छिपाने की कोशिश की जाती है.
यही वजह है कि जांच एजेंसियों के लिए असली अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है.
लोगों को कैसे फंसाते हैं साइबर ठग?
साइबर अपराधी लोगों को कई तरीकों से अपने जाल में फंसाते हैं.
1. आसान कमाई का लालच
सबसे आम तरीका है घर बैठे कमाई का ऑफर. सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर संदेश भेजकर कहा जाता है कि केवल पैसे रिसीव और ट्रांसफर करने पर कमीशन मिलेगा.
2. फर्जी नौकरी के विज्ञापन
कई बार लोगों को "फाइनेंस एजेंट", "पेमेंट प्रोसेसिंग एग्जीक्यूटिव" या "ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मैनेजर" जैसी नौकरियों का झांसा दिया जाता है.
3. निवेश और ट्रेडिंग स्कैम
फर्जी निवेश योजनाओं में शामिल अपराधी अपने ग्राहकों से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाते हैं.
4. पहचान की चोरी
कुछ मामलों में साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के आधार, पैन और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर बैंक अकाउंट खुलवा लेते हैं.
समस्या कितनी गंभीर है?
मनी म्यूल अकाउंट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े इसकी गंभीरता को दर्शाते हैं.
संदिग्ध खातों की पहचान के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था के तहत अब तक 24 लाख से अधिक संदिग्ध मनी म्यूल अकाउंट की जानकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझा की जा चुकी है. इसके अलावा लाखों संदिग्ध पहचान भी चिन्हित की गई हैं.
इन प्रयासों की वजह से हजारों करोड़ रुपये की संभावित साइबर ठगी को रोका जा सका है.
RBI का AI हथियार कैसे करता है काम?
साइबर अपराधियों से निपटने के लिए RBI भी तकनीक का सहारा ले रहा है. रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने MuleHunter.AI नाम का एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम विकसित किया है.
यह सिस्टम बैंकिंग लेनदेन के पैटर्न का विश्लेषण करता है और उन खातों की पहचान करता है जिनमें संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देती हैं. यदि किसी खाते में बार-बार अलग-अलग स्रोतों से रकम आ रही है और तुरंत आगे भेजी जा रही है, तो सिस्टम उसे संभावित मनी म्यूल अकाउंट के रूप में चिह्नित कर सकता है. इस तकनीक को कई बड़े बैंक अपनाना शुरू कर चुके हैं.
मनी म्यूल बनने के क्या खतरे हैं?
कई लोगों को लगता है कि वे केवल पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं और इसमें कोई जोखिम नहीं है. लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है. यदि जांच में पता चलता है कि आपका बैंक अकाउंट साइबर अपराध से जुड़े पैसों के लेनदेन में इस्तेमाल हुआ है, तो सबसे पहले आपका अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है.
इसके अलावा पुलिस पूछताछ, कानूनी कार्रवाई और लंबी जांच प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है. कई मामलों में व्यक्ति को यह साबित करने में महीनों लग जाते हैं कि वह जानबूझकर अपराध में शामिल नहीं था.
RBI ने क्या सावधानियां बताई हैं?
RBI ने ग्राहकों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं....
-अपना बैंक अकाउंट किसी दूसरे के इस्तेमाल के लिए न दें.
-OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें.
-आसान कमाई और कमीशन के लालच से बचें.
-अनजान लोगों के लिए पैसे रिसीव या ट्रांसफर न करें.
-संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें.
-अपने KYC दस्तावेजों को सुरक्षित रखें.
सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
डिजिटल लेनदेन की दुनिया में सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा है. मनी म्यूल फ्रॉड का शिकार बनने वाले अधिकांश लोग शुरुआत में इसे एक साधारण और जोखिम-मुक्त काम समझते हैं. लेकिन कुछ हजार रुपये के कमीशन का लालच उन्हें गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट में डाल सकता है.
याद रखिए, आपका बैंक अकाउंट केवल आपकी व्यक्तिगत वित्तीय गतिविधियों के लिए है. यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे अपने पैसे आपके खाते में लेने और आगे भेजने की बात करता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं. हो सकता है वह आपको एक बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा हो. डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है.
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