एलन मस्क की वजह से चमकी SpaceX के वेल्डर की किस्मत, कभी कमाते थे घंटे के 2600 रुपये, अब 9.5 करोड़ के शेयर्स के मालिक
दुनिया में उस वक्त हलचल मच गई जब SpaceX के IPO के बाद एलन मस्क को कथित तौर पर ट्रिलियनेयर बताया जाने लगा। यह सिर्फ एक अमीरी की खबर नहीं थी, बल्कि एक ऐसा बदलाव था जिसने टेक वर्ल्ड और हजारों कर्मचारियों की जिंदगी को एक झटके में बदल दिया
New Rules: ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को बड़ी राहत! 20 नहीं, अब इतने साल तक वैलिड होगा डीएल
New Rules: ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके लागू होने के बाद लोगों को बार-बार ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार लाइसेंस की मौजूदा 20 साल की वैधता अवधि को बढ़ाकर 50 साल करने की योजना बना रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो करोड़ों वाहन चालकों को RTO के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने पर लोगों को उसके नवीनीकरण के लिए RTO कार्यालय जाना पड़ता है। इससे न केवल आम नागरिकों का समय खर्च होता है, बल्कि सरकारी कार्यालयों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ता है। सरकार का मानना है कि लाइसेंस की वैधता बढ़ाने से प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी और लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में अधिक सुविधा मिलेगी। यह कदम ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी नागरिकों के दैनिक जीवन को सरल बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
राज्यों ने जताई चिंता
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर कुछ राज्य सरकारों ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि लाइसेंस रिन्यूअल की संख्या कम होने से फीस के जरिए मिलने वाले राजस्व पर असर पड़ सकता है। लेकिन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से राज्यों की आय पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसके लाभ कहीं अधिक होंगे।
वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया भी होगी आसान
सरकार सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं, बल्कि पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी में है। वर्तमान में वाहन बेचने या खरीदने के बाद स्वामित्व हस्तांतरण (Ownership Transfer) के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। नए प्रस्ताव के तहत इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा सकता है। इससे वाहन मालिक घर बैठे इंटरनेट के जरिए वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे और परिवहन कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ लागू करने पर भी विचार कर रही है। इस प्रणाली के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के लाइसेंस पर नेगेटिव अंक दर्ज किए जाएंगे। यदि किसी चालक के खिलाफ तय सीमा से अधिक नेगेटिव पॉइंट जमा हो जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (Suspend) या स्थायी रूप से रद्द (Cancel) किया जा सकता है। इससे लापरवाह ड्राइविंग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कब लागू होंगे नए नियम?
फिलहाल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन प्रस्तावित बदलावों को लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। हालांकि, डिजिटल इंडिया और परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर सरकार के बढ़ते फोकस को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन सुधारों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
(मंजू कुमारी)
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