फ्रांस के नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और फ्रांस के मजबूत रिश्तों पर खुलकर बात की। पीएम मोदी ने कहा, "दुनिया भर के अलग-अलग देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और रणनीतिक साझेदारी भी करते हैं। लेकिन बहुत कम रिश्ते ऐसे होते हैं जो केवल आपसी हितों के लिए नहीं, बल्कि एक साझा विज़न से प्रेरित होते हैं। भारत और फ्रांस का संबंध ऐसा ही एक अटूट रिश्ता है।"
सुरक्षा से लेकर सस्टेनेबिलिटी तक दोनों देशों ने मिलकर किया काम
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस रिश्ते की सबसे बड़ी खूबी इसका जुड़ाव, भरोसा, इनोवेशन, प्रेरणा और साझा मूल्य हैं। इसी मजबूत नींव पर दोनों देशों ने पिछले कुछ सालों में मिलकर कई नई पहल शुरू की हैं। उन्होंने कहा, "चाहे इंटरनेशनल सोलर अलायंस हो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बातचीत हो, या फिर सुरक्षा से लेकर सस्टेनेबिलिटी तक का क्षेत्र हो दोनों देशों ने हमेशा मानवता से जुड़ी बड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक साथ मिलकर काम किया है।" उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि इसी साल फरवरी में शुरू हुए 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' के बाद अब 'भारत इनोवेट्स' का उद्घाटन हो रहा है।
भारतीय टैलेंट और यूरोपीय कैपिटल के बीच पुल बनेगा यह प्लेटफॉर्म
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, "मैक्रों ने कहा था कि इस सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और फ्रांस को मिलकर आगे बढ़ना होगा। आज मुझे गर्व है कि हमारी यह पहल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। 'भारत इनोवेट्स' का यह प्लेटफॉर्म असल में भारतीय टैलेंट और यूरोपीय कैपिटल के बीच एक मजबूत पुल का काम कर रहा है। इसके जरिए भारत के युवा दिमागों को यूरोप की विशेषज्ञता और अनुभव से जुड़ने का सीधा मौका मिल रहा है।"
भारत की स्टार्टअप क्रांति को मिलेगा ग्लोबल मंच
21वीं सदी के बदलते भारत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज देश बदलाव के एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। भारत के कोने-कोने में इस समय एक 'स्टार्टअप क्रांति' चल रही है। उन्होंने भारतीय युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि नई सोच के साथ हमारे युवा पूरी मानवता के भले के लिए मुश्किल समस्याओं के समाधान ढूंढ रहे हैं। 'भारत इनोवेट्स' जैसा बड़ा मंच हमारे युवाओं के इन वर्ल्ड-क्लास आइडियाज और सॉल्यूशंस को पूरी दुनिया के सामने ले जाने का एक बेहतरीन माध्यम बनेगा।
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फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मिलकर 'भारत इनोवेट्स' (Bharat Innovates) कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया। इस खास इवेंट में भारत, फ्रांस और दुनिया के कई अन्य देशों के बड़े-बड़े स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स एक मंच पर एक साथ आए हैं। इसका मकसद ग्लोबल लेवल पर नई तकनीकों और बिजनेस आइडियाज को मिलकर बढ़ावा देना है।
राष्ट्रपति मैक्रों बोले- सवाल यह था कि भारत के साथ कौन पार्टनरशिप करेगा
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। मैक्रों ने अपने भाषण में कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीस में आपका स्वागत करना हमारे लिए बेहद सम्मान की बात है। कुछ महीने पहले, हमने मुंबई में मिलकर 'फ्रांस-भारत इनोवेशन वर्ष' की शुरुआत की थी। दुनिया में सवाल यह नहीं था कि क्या भारत इनोवेशन कर रहा है, बल्कि सवाल यह था कि भारत के साथ मिलकर इस पार्टनरशिप में कौन इनोवेशन करेगा।"
पीएम मोदी के नाम दर्ज हुए रिकॉर्ड पर दी बधाई
राष्ट्रपति मैक्रों ने हाल ही में देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा, "आजादी के बाद से आप भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह एक बहुत लंबा सफर रहा है, जो आपके दृढ़ संकल्प, अटूट संकल्प और आपके देश की ताकत को दिखाता है। यह वाकई में एक शानदार और उल्लेखनीय उपलब्धि है; इसलिए हमारे बीच आपकी मौजूदगी पर हमें बहुत गर्व है।"
'चंद्रयान-3' की सफलता और भारत के स्पेस पावर की तारीफ
फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत की वैज्ञानिक ताकत का लोहा मानते हुए 'चंद्रयान-3' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत आज रिसर्च और इनोवेशन के दम पर ग्लोबल इनोवेशन में सबसे आगे खड़ा है। अगर भारत की ताकत का कोई सबसे अच्छा उदाहरण देना हो, तो वह उसका स्पेस सेक्टर है। चंद्रयान-3 मिशन के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की ऐतिहासिक उपलब्धि भारत ने रिकॉर्ड समय में हासिल की, जो पूरी दुनिया के सामने भारत की ताकत और उसकी इनोवेशन क्षमता की मिसाल है।
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