नीट यूजी की पुनर्परीक्षा देने जा रहे उत्तराखंड के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी भी छात्र को पैसों की तंगी न झेलनी पड़े, इसके लिए उत्तराखंड रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला 21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-एग्जाम के मद्देनजर लिया गया है।
19 से 23 जून तक उठा सकेंगे मुफ्त यात्रा का फायदा
परिवहन निगम के मुताबिक, उत्तराखंड के स्थायी निवासी अभ्यर्थी 19 जून से लेकर 23 जून तक रोडवेज की साधारण बसों में बिना किराए के सफर कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से दूरदराज के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले छात्रों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, एडमिट कार्ड ही होगा टिकट
परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि इस फ्री यात्रा के लिए छात्रों को किसी भी तरह के रजिस्ट्रेशन या अतिरिक्त डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी। सफर के दौरान छात्रों को बस अपना नीट-यूजी 2026 का वैलिड एडमिट कार्ड दिखाना होगा, जिसे ही यात्रा का मुख्य दस्तावेज माना जाएगा। हालांकि, परिवहन निगम ने यह भी साफ किया है कि यह सुविधा सिर्फ साधारण श्रेणी की बसों में ही मिलेगी; एसी, वॉल्वो या अन्य लग्जरी बसों में इसका लाभ नहीं उठाया जा सकेगा।
रोडवेज स्टाफ को मिले सहयोगात्मक व्यवहार के निर्देश
परीक्षा के दिनों में छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए निगम मुख्यालय ने सभी डिपो मैनेजरों, ड्राइवरों और कंडक्टरों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्हें हिदायत दी गई है कि वे छात्रों के साथ सहयोगात्मक और अच्छा व्यवहार करें। इसके साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर सीटें देने के लिए भी कहा गया है ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो।
हजारों परिवारों और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
हर साल उत्तराखंड के हजारों छात्र इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठते हैं, जिनमें से एक बड़ी आबादी ऐसे परिवारों की है जिन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी और महंगी दूरी तय करनी पड़ती है। सरकार के इस फैसले से खासकर पर्वतीय क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले की रहने वाली महिला उद्यमी अभिलाषा सलारिया ने मसालों के प्रोडक्शन का एक बेहद सफल बिजनेस शुरू किया है। उन्होंने सरकारी बागवानी योजना की मदद लेकर अपने इस ऑर्गेनिक मसाले के बिजनेस 'सलारिया फूड एंड स्पाइसेस' को एक बड़े मुकाम पर पहुंचाया है।
किसानों से सीधा कनेक्शन और लोकल महिलाओं को रोजगार
अभिलाषा बताती हैं कि वे हल्दी, लहसुन और अदरक जैसी लोकल फसलें सीधे किसानों से खरीदती हैं। इसके बाद अपनी प्रोसेसिंग यूनिट में इनसे टिक्की मसाला समेत कई तरह के बेहतरीन मसाले तैयार करती हैं। खास बात यह है कि इस काम के लिए वे उन स्थानीय महिलाओं को नौकरी पर रखती हैं, जो घर से बाहर दूर जाकर काम नहीं कर सकतीं। अभिलाषा का कहना है कि घर पर रहने वाली महिलाओं को आगे आकर सरकारी योजनाओं का फायदा उठाना चाहिए ताकि बेरोजगारी को खत्म किया जा सके।
ODOP स्कीम से मिला बिजनेस को बड़ा बूस्ट
अभिलाषा के पति रोहित सलारिया ने बताया कि उधमपुर जिले को लहसुन के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना के तहत चुना गया है। इस स्कीम के तहत वे लहसुन का अचार और लहसुन पाउडर बड़े पैमाने पर बना रहे हैं। इसके अलावा वे कश्मीरी टिक्की मसाला, गरम मसाला, मीट मसाला, राजमा मसाला और लोकल मिर्च के मसाले भी खुद ही प्रोसेस करके तैयार करते हैं।
सरकार से मिला पूरा सपोर्ट और बड़ा मार्केट
रोहित ने आगे बताया कि इस बिजनेस को बढ़ाने में उन्हें भारत सरकार के बागवानी विभाग और योजना एवं विपणन विभाग से काफी सपोर्ट मिला है। सरकार ने उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में अपने प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी लगाने और बड़े खरीदारों से सीधे मिलने के बेहतरीन मौके दिए हैं। उनका कहना है कि अगर किसी को बिजनेस में दिलचस्पी है, तो सरकार के पास हर क्षेत्र के लिए शानदार प्रोजेक्ट्स और स्कीम्स मौजूद हैं।
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