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मोदी फ्रांस पहुंचे, राष्ट्रपति मैक्रों से आज मुलाकात:17 जून को G7 समिट के दौरान ट्रम्प से मिलेंगे, 16 महीने बाद आमने-सामने होंगे; स्लोवाकिया भी जाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस पहुंच गए हैं। वे 14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक और 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 12 समझौते हो सकते हैं। प्रधानमंत्री 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के 6 दिनों के दौरे पर हैं। पीएम बनने के बाद उनकी यह 7वीं फ्रांस यात्रा है। उनका फ्रांस दौरा दो फेज में होगा। इस दौरान 3 शहरों नीस, इवियान और पेरिस जाएंगे। वे 13-14 जून तक नीस में रहेंगे। 16 से 17 जून को एवियन में G7 समिट में हिस्सा लेंगे। 18 जून को पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक सम्मेलन में जाएंगे। 17 जून को G7 समिट के दौरान मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से द्विपक्षीय मुलाकात होगी। दोनों नेता 16 महीने बाद मिलेंगे। दोनों आखिरी बार फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे। फांस दौरे के बीच मोदी 14 जून की शाम फ्रांस से स्लोवाकिया जाएंगे और 15 जून तक रुकेंगे। इस दौरान स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यह पहला दौरा है। सवा 3 लाख करोड़ की डील, यात्रा के बाद फैसला लेगी कैबिनेट विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत और फ्रांस के बीच सबसे अहम चर्चा वायु सेना के लिए 114 रफाल लड़ाकू विमानों की डील पर होगी। करीब सवा 3 लाख कराेड़ रुपए के इस सौदे में भारत विमानों के साझा विकास और उत्पादन के अलावा टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर चाहता है। भारतीय जरूरतों के हिसाब से इन विमानों पर अपनी मिसाइलें और अन्य हथियार लगाने के लिए सोर्स कोड को लेकर भी भारत अपना रुख स्पष्ट करेगा। मोदी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने अभी तक इस डील पर मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान होने वाले फैसलों के बाद ही कैबिनेट कमेटी अंतिम राय बनाएगी। होर्मुज रक्षा गठबंधन में भारत के शामिल होने पर निर्णय संभव प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। ब्रिटेन की अगुवाई में अप्रैल में हुई पेरिस वार्ता में भारत शामिल हुआ था। होर्मुज खोलने को लेकर भारत किसी एक देश की पहल पर होने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बजाए संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुकूल बहुपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था के हक में है। ऐसे में भारत फ्रांस और ब्रिटेन की पहल के साथ कदम मिलाते हुए होर्मुज रक्षा गठबंधन में शामिल होने पर सहमति दे सकता है। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की 'मॉडर्न इकोनॉमी' वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (Guest Country) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। भारत इनोवेट्स क्या है, जिसका उद्घाटन करेंगे PM 'भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं। इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है। भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था।

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एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:टाटा की आईफोन-पार्ट्स फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप, इस हफ्ते सोना ₹6438 सस्ता हुआ

कल की बड़ी खबर एंथ्रोपिक से जुड़ी रही। AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद: अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. टाटा की आईफोन-पार्ट्स फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप: तमिलनाडु पॉल्यूशन बोर्ड ने बिजली काटने और प्लांट बंद करने की चेतावनी दी तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है। रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पाकिस्तान में पेट्रोल 4 और डीजल 2 रुपया सस्ता: पेट्रोल 373.78 और हाई-स्पीड डीजल 378.78 रुपया लीटर हुआ, नई कीमतें आज से लागू पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 4 रुपया और हाई स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 2 रुपया की कटौती की है। इससे यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 373.78 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) और डीजल की कीमत 378.78 रुपया प्रति लीटर पर आ गई हैं। नई कीमतें आज यानी 13 जून से लागू हो गई हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 8वें वेतन आयोग की शर्तों को मंजूरी: फिटमेंट फैक्टर 3 होने पर ₹45 हजार हो जाएगी बेसिक सैलरी; 1.24 करोड़ कर्मचारियों-पेंशनर्स को फायदा केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब करीब 55 लाख सेवारत कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की उम्मीद है। वहीं आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही: चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

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