'भूखे रह लेंगे लेकिन आपकी सुरक्षा...', कानपुर के युवक ने PM मोदी को क्यों लिखा भावुक पत्र?
Letter to PM Modi: वैश्विक अस्थिरता, ईरान-इजराइल संघर्ष और आर्थिक चुनौतियों के बीच कानपुर के एक युवा छात्र ने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। छात्र ने PM के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है। पत्र में उसने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की और लिखा कि देश की जनता हर तरह की कमी बर्दाश्त कर लेगी, लेकिन PM की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।
कानपुर के आशुतोष यादव ने PM मोदी को लिखे पत्र में मौजूदा वैश्विक हालात का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि इन परिस्थितियों से ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है। आशुतोष ने कहा कि ऐसे समय में PM मोदी का आत्मनिर्भरता, संयम और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने का संदेश लाखों भारतीयों को प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार देशहित में हर जरूरी कुर्बानी के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने अनावश्यक आयातित सामान का इस्तेमाल घटाने का संकल्प लिया है, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव न बढ़े। पत्र में आशुतोष यादव ने मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री अपनी सुरक्षा पर होने वाले खर्च में कटौती करना चाहते हैं। इस पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि PM की सादगी और त्याग भाव वाकई प्रेरणादायक है, लेकिन उनकी सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए।आशुतोष ने लिखा, "आप केवल जनप्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि लाखों भारतीयों के लिए आशा, आस्था और प्रेरणा के प्रतीक हैं। आप इस देश की अनमोल धरोहर हैं।"
#WATCH | Kanpur, Uttar Pradesh: The youth who wrote a letter to the PM Office regarding PM Modi reducing his security convoy, Ashutosh Yadav says, "... I wrote a letter addressed to PM Modi. A few days ago, he had urged us to exercise caution regarding certain… https://t.co/EwAwZNZrEy pic.twitter.com/dTBWR0xYKJ
— ANI (@ANI) June 13, 2026
भूखे रहने तक की कही बात
अपने भावुक संदेश में आशुतोष यादव ने लिखा, "जरूरत पड़ी तो हम तकलीफ सह लेंगे, भूखे रह लेंगे, लेकिन भारत के आत्मसम्मान, पहचान और संप्रभुता पर आंच नहीं आने देंगे।" उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें, क्योंकि आज देश को उनके नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है।
कोविड-19 के समय में पीएम की तारीफ
आशुतोष यादव ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए लिखा कि उस कठिन समय में देश को आशा और विश्वास प्रदान करने वाला नेतृत्व आज भी लाखों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और भी मजबूत होकर उभरेगा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा।
पेरेंट्स की भी लिखी बात
पत्र में उन्होंने अपनी दादी इंद्राणी देवी और माता-पिता श्याम सिंह और सुधा यादव की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। यह पत्र एक तरह से एक आम भारतीय परिवार की आस्था, भावनात्मक जुड़ाव और प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के संकल्प में विश्वास का प्रतिबिंब है।
प्याज किसानों को बड़ी राहत, केंद्र ने बढ़ाई न्यूनतम सुनिश्चित खरीद कीमत
देश के प्याज किसानों को राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी कि प्याज की खरीद को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (एमएपीपी) में संशोधन किया है.
उपभोक्ता मामले विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक
प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में प्याज खरीद व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई.
न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य में बढ़ोतरी (नई दरें)
बैठक के बाद लिए गए फैसले के तहत भंडारण योग्य गुणवत्ता वाले प्याज और मौजूदा मंडी कीमतों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य को संशोधित कर 1,650 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है. यह नई दर 13 जून से प्रभावी होगी.
बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केवल खरीद मूल्य में ही बदलाव नहीं किया गया, बल्कि मूल्य निर्धारण की पूरी प्रक्रिया को भी अधिक व्यावहारिक तथा बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप बनाया गया है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्याज उत्पादक किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और बाजार में कीमतों के संतुलन को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. साथ ही यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
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एमएसपी और न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य में अंतर
ध्यान देने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा प्याज के लिए कोई आधिकारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय नहीं किया जाता, क्योंकि यह एक खराब होने वाली फसल है. इसके बजाय सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत 'न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य' पर किसानों से प्याज खरीदती है ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके.
स्रोत--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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