8th Pay Commission: क्या बढ़ सकता है फिटमेंट फैक्टर? जानें कर्मचारी यूनियन की मांग पर क्या बोले एक्सपर्ट
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़ी आर्थिक राहत लेकर आ सकता है. सरकार ने 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अपनी हरी झंडी दे दी है. इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद देश के करीब 55 लाख कार्यरत कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स की मासिक आय और मिलने वाले भत्तों में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है. सरकार की तरफ से गठित इस विशेष पैनल को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें पेश करने के लिए कुल 18 महीने का वक्त दिया गया है. फिलहाल यह आयोग अलग-अलग राज्यों के दौरे पर है, ताकि जमीनी हकीकत को समझकर फैसला लिया जा सके.
सैलरी बढ़ाने वाला फिटमेंट फैक्टर
किसी भी नए वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर होता है. दरअसल फिटमेंट फैक्टर वह जरूरी गुणांक होता है, जिसकी मदद से सभी सरकारी कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को नए स्ट्रक्चर में बदला जाता है. इसी मल्टीप्लायर के आधार पर तय होता है कि निचले स्तर से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक की इनहैंड सैलरी में कितना इजाफा होगा. पुराने 7वें वेतन आयोग के समय सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में एक बड़ा उछाल देखा गया था. अब नए आयोग के सामने इसे और ज्यादा बढ़ाने की चुनौती है.
कर्मचारी यूनियनों की तरफ से उठ रही मांग
नए वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों की लंबी सूची रखी है. देश के विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशनों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में न्यूनतम वेतन के पुराने फॉर्मूले को बदला जाना चाहिए. कई यूनियनों ने इस बार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3 से लेकर 5 गुना तक करने का प्रस्ताव दिया है. कर्मचारी चाहते हैं कि शुरुआती बेसिक पे को इस तरह तय किया जाए जिससे निचले स्तर के कर्मियों को सबसे ज्यादा फायदा मिले. हालांकि दूसरी तरफ आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी मांग को पूरा करना देश के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ डाल सकता है.
एक्सपर्ट्स का नया आकलन और सुझाव
वित्तीय मामलों के पेंशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार आयोग न्यूनतम वेतन की गणना करने के बुनियादी तरीके में ही बदलाव कर सकता है. अब तक न्यूनतम वेतन तय करने के लिए परिवार में तीन उपभोग इकाइयों को आधार माना जाता था, जिसे बढ़ाकर अब पांच किया जा सकता है. इसके अलावा जानकारों को उम्मीद है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.64 के आसपास रखने पर विचार कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो भी कर्मचारियों की वर्तमान आय में एक सम्मानजनक वृद्धि देखने को मिलेगी और बाजार की महंगाई से निपटने में उन्हें आसानी होगी.
कितना बढ़ सकता है आपकी जेब का पैसा?
कर्मचारियों को मिलने वाली अंतिम सैलरी पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग की किन सिफारिशों को सरकार अंतिम रूप से अपनी मंजूरी देती है. अगर इसे एक सीधे गणित से समझें, तो यदि सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.0 कर देती है, तो शुरुआती स्तर की बेसिक पे में 15 से 20 प्रतिशत से ज्यादा की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसी स्थिति में जो न्यूनतम बेसिक सैलरी पहले 15 हजार रुपये के आसपास हुआ करती थी, वह बढ़कर सीधे 45 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. कम गुणांक मिलने पर भी कर्मचारियों की टेक होम सैलरी पहले से काफी बेहतर हो जाएगी.
पिछले वेतन आयोग में मिला था इतना लाभ
अगर 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उसने सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति महीना कर दिया था. इसके साथ ही सीधी भर्ती से आने वाले क्लास वन अधिकारियों का शुरुआती वेतन 56 हजार 100 रुपये तय किया गया था. इस बदलाव के कारण साल 2016 में कर्मचारियों की कुल सैलरी और पेंशन में कुल मिलाकर 14.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. अब 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को इससे भी बड़े उछाल की उम्मीद है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में जीवन यापन की लागत बहुत तेजी से बढ़ी है.
रिपोर्ट आने की समय सीमा और एरियर का गणित
सरकार ने इस नए पैनल को रिपोर्ट तैयार करने के लिए भले ही 18 महीने का समय दिया हो, लेकिन इस वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जा रहा है. आयोग ने अलग-अलग पक्षों से सुझाव और ज्ञापन लेने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि रिपोर्ट आने और इसे लागू होने में साल 2027 तक का समय लगता है, तो सरकार को बाद में एकमुश्त बड़ी रकम एरियर के रूप में देनी होगी. नियम के अनुसार, सिफारिशें देर से लागू होने पर भी बीच की पूरी अवधि का बकाया पैसा कर्मचारियों के खाते में भेजा जाता है.
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IND vs AFG: अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में भारत ने टॉस जीतकर चुनी बॉलिंग, हर्ष दुबे-गुरनूर बरार ने किया डेब्यू
IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच धर्मशाला में खेला जा रहा है. यह मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से शुरू होना था, लेकिन बारिश की वजह से टॉस में काफी देरी हुई. इस मैच के लिए शाम 5:15 बजे टॉस हुआ. भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. टीम इंडिया की ओर से हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला है. बता दें कि क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेली जा रही है. हार्दिक पांड्या और विराट कोहली इंजरी की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. जबकि रोहित शर्मा की वापसी हुई है.
25-25 ओवर का खेला जाएगा भारत बनाम अफगानिस्तान का मैच
भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में खेला जा रहा पहला वनडे मैच बारिश की वजह से अब 25-25 ओवर का खेला जाएगा, क्योंकि बारिश की वजह से मैच काफी देर से शुरू हुआ. पहले यह मुकाबला 1:30 बजे से शुरू होना था, लेकिन अब 5:45 बजे शुरू होगा. इस वजह से ओवरों में कटौती की गई. वहीं टीम इंडिया की ओर से 2 युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिला.
हर्ष दुबे और गुरनूर बरार ने किया इंटरनेशनल डेब्यू
हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला है. इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसकी वजह से उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया और अब पहले ही मैच में इंटरनेशनल डेूब्यू करने का मौका मिला है.
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Congratulations to Harsh Dubey and Gurnoor Brar on receiving their ODI debut caps from KL Rahul and Shubman Gill respectively ????
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भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने क्या कहा?
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले पर कहा, मौसम थोड़ा बादल वाला है, इसलिए मुझे लगता है कि इससे गेंदबाजों को मदद मिलेगी. बारिश होने की भी संभावना है, इसलिए हम पहले गेंदबाजी करना चाहते हैं. पिच की बात करें तो यह बहुत अच्छी लग रही है. मुझे लगता है कि बल्लेबाजी के लिए यह एक अच्छी पिच होगी.
अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा, अगर हम टॉस जीतते, तो हम भी पहले बॉलिंग ही करते, लेकिन टॉस हमारे हाथ में नहीं है और हमें खेल की शुरुआत से ही अच्छा खेलना होगा. हमने हाल के समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन साथ ही, यह पहली बार है जब हम भारत में उन्हीं की परिस्थितियों में भारत के खिलाफ खेल रहे हैं.
???? Toss Update from Dharamshala ????#TeamIndia have won the toss and elected to bowl in the 1️⃣st ODI.
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ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग 11:
भारत की प्लेइंग 11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा.
अफगानिस्तान की प्लेइंग 11: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज़, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (डब्ल्यू), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफ़ी, एएम ग़ज़नफ़र, ज़िया उर रहमान शरीफी.
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— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) June 13, 2026
Presenting our Starting Lineup for the first ODI against India. ????#AfghanAtalan | #INDvAFG | #GloriousNationVictoriousTeam | #e& – Go for More | #SuperCola – Share the Love pic.twitter.com/Js2Y1uteBz
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