वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान का बजट पेश, सरकार बोली- कर्ज सबसे बड़ी चुनौती, हर साल ब्याज की किस्तें चुकाने में 8 लाख करोड़ खर्च होंगे
पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संसद में यह बजट प्रस्ताव रखा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को पूरा करने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस बजट में कड़े आर्थिक फैसले लिए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती अब भी कर्ज है। कुल 18.8 लाख करोड़ के बजट में से 8.05 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए सिर्फ पुराने कर्ज और उसके ब्याज की किस्तें चुकाने में खर्च हो जाएंगे। बजट में रक्षा खर्च को खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सेना और रक्षा से जुड़े खर्चों के लिए करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा रक्षा सेवाओं के प्रशासनिक खर्च के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 17.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। नए वित्त वर्ष में 4% (GDP) ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जबकि औसत महंगाई दर 8.2% रहने का अनुमान जताया गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 7% की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही न्यूनतम मजदूरी में 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है। अमीर वर्ग पर लगने वाले 9% सरचार्ज को हटा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान का बजट पेश, सरकार बोली- कर्ज सबसे बड़ी चुनौती, हर साल ब्याज की किस्तें चुकाने में 8 लाख करोड़ खर्च होंगे पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संसद में यह बजट प्रस्ताव रखा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को पूरा करने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस बजट में कड़े आर्थिक फैसले लिए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती अब भी कर्ज है। कुल 18.8 लाख करोड़ के बजट में से 8.05 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए सिर्फ पुराने कर्ज और उसके ब्याज की किस्तें चुकाने में खर्च हो जाएंगे। बजट में रक्षा खर्च को खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सेना और रक्षा से जुड़े खर्चों के लिए करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा रक्षा सेवाओं के प्रशासनिक खर्च के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 17.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। नए वित्त वर्ष में 4% (GDP) ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जबकि औसत महंगाई दर 8.2% रहने का अनुमान जताया गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 7% की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही न्यूनतम मजदूरी में 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है। अमीर वर्ग पर लगने वाले 9% सरचार्ज को हटा दिया गया है।
कैंसर की देर से पहचान क्यों है खतरनाक? ऑन्कोलॉजी ने बताया सर्वाइवल रेट पर कितना पड़ता है असर
Early Detection Of Cancer: कैंसर का इलाज किया जा सकता है, लेकिन अगर वक्त पर इस बीमारी का पता लगाया जाए. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इसका गंभीर असर देखने को मिल सकता है.
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