राहुल बोले- जनता में भाजपा के खिलाफ नाराजगी:अगला लोकसभा चुनाव हमारा, INDIA ब्लॉक को मैसेज- विपक्ष को मिलकर लड़ना होगा
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा कि देश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। बैठक में सहयोगी दलों की ओर से कांग्रेस पर की जाने वाली आलोचनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव के विषपान वाले प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वह खुद सहयोगी दलों की हर आलोचना को मुस्कुराकर स्वीकार करेंगे। राहुल ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठकों में अक्सर निराशा का माहौल दिखाई देता है, लेकिन उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि अगर सभी दल साथ रहें तो भाजपा को हराना आसान है। INDIA ब्लॉक की सोमवार को बैठक हुई थी। शुक्रवार को राहुल ने 9 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी। उस चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। राहुल का आरोप- चुनावी संस्थाएं भाजपा के कंट्रोल में उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले बहुत कम लोगों को भरोसा था कि भाजपा को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया। राहुल ने नेताओं से आग्रह किया कि वे जीत का विश्वास रखें और एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राज्य की कई संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा का कंट्रोल है, जिसके कारण विपक्ष को पहले जैसी समान राजनीतिक परिस्थितियां नहीं मिल रहीं। राहुल ने दावा किया कि उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा है। कई विपक्षी नेता अब यह मानने लगे हैं कि उनके चुनावी नतीजों पर असर पड़ा। मीडिया को मौका न देने की सलाह राहुल ने कहा कि कुछ राजनीतिक घटनाओं, जैसे सहयोगी दलों के ब्लॉक छोड़ने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे आपसी लड़ाई से बचें और ऐसे बयान न दें, जिनसे विपक्ष की एकता पर सवाल उठें। कि भाजपा लगातार यह धारणा बनाने की कोशिश करती है कि विपक्ष बिखरा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा कि अगर सभी दल साथ खड़े रहें और विरोध की राजनीति करें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है। राहुल ने NEET, CBSE, भारत जोड़ो यात्रा और अन्य मुद्दों को जनता के बीच संघर्ष के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को हर दिन यह सोचना चाहिए कि जनता के मुद्दों पर सरकार का विरोध कैसे किया जाए। INDIA ब्लॉक की बैठक में क्या हुआ सोमवार को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में सभी दलों ने एकमत से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग NEET और CBSE से जुड़े विवादों को लेकर की गई। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट लूट के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का भी फैसला किया गया। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… खड़गे बोले- SIR में करोड़ों वोटर के नाम काटे, इसके खिलाफ INDIA ब्लॉक CJI को लेटर लिखेगा INDIA ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। पूरी खबर पढ़ें…
पुणे में TCS कर्मचारी ने आत्महत्या की:2 महिला सहकर्मियों पर प्रताड़ना, नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप; बेटे की शिकायत पर केस दर्ज
पुणे में TCS के एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने दो महिला सहकर्मियों पर प्रताड़ित करने और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। बेटे की शिकायत पर पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक की पहचान 48 साल के अमित ब्रह्मे के रूप में हुई है। वह TCS के हिंजेवाड़ी ऑफिस में काम करते थे। 2 जून को उन्होंने भोसरी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस के मुताबिक, अमित ने सुसाइड नोट में सहकर्मी अर्चना और शाश्वती का नाम लिखा है। नोट में आरोप लगाया कि दोनों उन्हें बार-बार सहकर्मियों के सामने अपमानित करती थीं। पसंद के प्रोजेक्ट नहीं देती थीं। उनकी एक्सपर्टिज से बाहर के काम सौंपती थीं। दोस्त पर बदनाम करने का आरोप अमित ने सुसाइड नोट में अपने दोस्त विनोद पलिचा का भी नाम लिया है। विनोद ने कंपनी को उनके खिलाफ कथित तौर पर बदनाम करने वाले ईमेल भेजे थे। अमित के बेटे की शिकायत पर पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। TCS बोली- जांच की जा रही है TCS ने कहा कि वह मृतक के परिवार को हरसंभव सहयोग दे रही है। कंपनी ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ लगे आरोपों को संज्ञान में लिया है और उनकी जांच की जा रही है। वहीं, आईटी कर्मचारियों के संगठन NITES ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। TCS से जुड़ा पिछला विवाद इससे पहले मार्च में नासिक स्थित TCS ऑफिस में महिला कर्मचारियों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव, मानसिक प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं। 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। 22 मई को SIT ने 1,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की। जांच में आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने महिला सहकर्मियों को धार्मिक वीडियो दिखाए, नमाज सिखाई और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। TCS ने मामले में आरोपों का सामना कर रहे कर्मचारियों को सस्पेंड कर आंतरिक जांच शुरू की थी। -------------- ये खबर भी पढ़ें… TCS केस की पीड़ित बोली- पाकिस्तानी मौलवियों के वीडियो दिखाए:कहा- भजन सुनना और मंदिर जाना बंद करो, अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देंगे महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की चार्जशीट में नए खुलासे हुए हैं। चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ितों को निशाना बनाया। एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जाते थे। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 























