इस साल से आईआईटी कानपुर लॉन्च करेगा साइबर सिक्योरिटी कोर्स:जेईई एडवांस्ड स्कोर जरूरी नहीं, 60 सीटों पर एडमिशन
IIT कानपुर अपने नए एकेडमिक सेशन से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर ने नए यूजी प्रोग्राम के तहत बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स की शुरुआत की है। कोडिंग, एथिकल हैकिंग और डिजिटल सिक्योरिटी की दुनिया में करियर बनाने वाल कैंडिडेट्स साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। इस प्रोग्राम की शुरुआत जुलाई 2027 से होगी। इसे वाधवानी स्कूल ऑफ AI और इंटेलिजेंट सिस्टम्स ऑफर करेगा। जुलाई में होगा लाइव हैकाथॉन जेईई मेन स्क्रीनिंग और प्रोफाइल शॉर्टलिस्टिंग के बाद चुने गए स्टूडेंट्स को जुलाई के पहले हफ्ते में आईआईटी कानपुर के कैंपस में बुलाया जाएगा। यहां लाइव हैकाथॉन होगा, जहां छात्रों को टेक्निकल और एथिकल हैकिंग स्किल्स का लाइव प्रदर्शन करना होगा। साइबर सिक्योरिटी कोर्स क्या है? आईआईटी कानपुर का ‘बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी’ प्रोग्राम 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। इसका सिलेबस स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल और लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका दिलाएगा। आईआईटी कानपुर के पास साइबर सिक्योरिटी का मजबूत इकोसिस्टम और C3i हब है, जिसका फायदा इस कोर्स में मिलेगा। 4 साल का होगा अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम यह कोर्स 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है। इसके शुरुआती दो साल में छात्रों को आईआईटी कानपुर के मेन कैंपस में बिताने होंगे। इस दौरान उन्हें साइबर सिक्योरिटी की बुनियादी और एडवांस थ्योरी पढ़ाई जाएगी। संस्थान की हाई-टेक लैबोरेटरीज के कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे स्टूडेंट्स नेटवर्क सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और थ्रेट इंटेलिजेंस जैसे टॉपिक्स को बारीकी से समझ सकेंगे। कोर्स के तीसरे और चौथे साल में स्टूडेंट्स को भारत सरकार के टॉप सुरक्षा संगठनों में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान स्टूडेंट्स देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े रियल-वर्ल्ड साइबर प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। अगले हफ्ते तक लॉन्च होगा वेबपेज आईआईटी कानपुर इस कोर्स के लिए एक वेबपेज लॉन्च करने की प्रोसेस में है। इसके अगले सप्ताह तक लाइव होने की उम्मीद है। संस्थान ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी के बढ़ते महत्व और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की जरूरत को देखते हुए यह प्रोग्राम शुरू किया गया है। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल सिस्टम्स की सुरक्षा के लिए एक खास क्षेत्र बन गया है। ये खबर भी पढ़ें स्कूल-कॉलेजों के समय नहीं होगी कोचिंग की अनुमति:सीएम सम्राट चौधरी की घोषणा, बिहार में कोचिंग बिल लाने की तैयारी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों के संचालन के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
बिरयानी के 370 वसूलूंगा वाले वीडियो पर बोले देवेंद्र फडणवीस:स्टैंडअप कॉमेडी के नाम पर मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए; कॉमेडियन प्रणित समेत 3 पर केस दर्ज
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में हुईं आपत्तिजनक बातों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान आया है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान सबको अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर सामाजिक मर्यादा को लांघना सही नहीं है। इससे पहले महाराष्ट्र सायबर पुलिस ने गुरुग्राम में हुए एक कॉमेडी शो के वीडियो को लेकर प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। इस शो में महिलाओं और मृतकों के शवों पर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। संविधान आजादी देता है, लेकिन जिम्मेदारी जरूरी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि वे खुद स्टैंडअप कॉमेडी देखना पसंद करते हैं, लेकिन कॉमेडी करते समय शालीनता के न्यूनतम मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत का संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी देता है। हालांकि, इसमें कुछ सुरक्षा उपाय भी तय किए गए हैं ताकि इस आजादी का गलत इस्तेमाल न हो। जब अभिव्यक्ति अनियंत्रित हो जाती है, तो यह समाज में सम्मान से जीने के लोगों के अधिकार को प्रभावित करती है।" मनोरंजन के नाम पर मर्यादा न लांघें मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कॉमेडी एक लोकप्रिय माध्यम है, लेकिन इसके जरिए सामाजिक सीमाओं को पार करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मनोरंजन के लिए मर्यादा की सीमाएं तोड़ना लोगों के साथ अन्याय करने जैसा है। इसलिए स्टैंडअप कॉमेडी करते समय कलाकारों को शालीनता के दायरे का पालन करना चाहिए। क्या है पूरा मामला दरअसल यह पूरा मामला गुरुग्राम में हुए उनके एक लाइव शो से जुड़ा है, जहां एक 22 साल के लड़के ने बातचीत के दौरान महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। शो में बातचीत के दौरान जांगड़ा ने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक महिला पर करीब ₹360–₹370 की चिकन बिरयानी का खर्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्हें अपने खर्च की भरपाई के रूप में फिजिकल इंटिमेसी की उम्मीद थी। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रणित मोरे की काफी आलोचना हुई। विवाद बढ़ने पर कॉमेडियन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी और उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया है। वहीं वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा एक और वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सेजल पवार नाम की एक डॉक्टर और इन्फ्लुएंसर ने कहा था कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनका मजाक उड़ाते थे। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद प्रणित ने माफी मांगी इंस्टाग्राम और एक्स सहित कई प्लेटफॉर्म पर लोगों ने जांगड़ा के कमेंट की आलोचना की। विरोध बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इंस्टाग्राम स्टोरी में मोरे ने लिखा था कि हाल ही में वायरल हुई क्लिप को लेकर मिली आलोचनाओं को मैं स्वीकार करता हूं। दर्शक के कमेंट्स मेरे विचार नहीं हैं। मुझे उस समय बेहतर जवाब देना चाहिए था। हमने वीडियो हटा दिया है। मैं माफी मांगता हूं और भविष्य में ऐसे मामलों को अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ संभालूंगा। हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाला गया स्टारविक डिजाइन ने इस मामले में जांगड़ा पर एक्शन लेते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया। कंपनी के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा, “पिछले 24 घंटों में मुझे हमारे एक कर्मचारी हिमांशु जांगड़ा को लेकर सैकड़ों मैसेज, ईमेल और फोन कॉल आए हैं। आप सभी की तरह मैंने भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स देखे हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि उन वीडियो में दिखाई गई बातें आपत्तिजनक हैं। मैं उन बातों से सहमत नहीं हूं। हमारी कंपनी भी ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती और न ही हम चाहते हैं कि ऐसी बातें युवाओं को प्रभावित करें।” -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें शवों के प्राइवेट पार्ट्स का उड़ता है मजाक':'370 की बिरयानी' विवाद के बीच प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो वायरल ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सेजल पवार नाम की एक डॉक्टर और इन्फ्लुएंसर ने कहा था कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनका मजाक उड़ाते थे। पूरी खबर पढ़ें
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