भास्कर अपडेट्स:असम में 4.7 तीव्रता का भूकंप, मेघालय समेत पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में महसूस हुए झटके
असम के कछार जिले में गुरुवार रात 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके मेघालय सहित पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि, इससे किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप रात 9:10 बजे आया। इसका केंद्र असम के कछार जिले में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 39 किलोमीटर नीचे थी। इसका केंद्र 24.941 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.007 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। आज की अन्य बड़ी खबरें… बागी माने जा रहे शत्रुघ्न सिन्हा बोले- मैं ममता के साथ हूं तृणमूल कांग्रेस में जारी हलचल के बीच कुछ नेताओं ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा दोहराई है। बागी गुट में गिने जा रहे सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे मुश्किल समय में ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब वे कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं। आसनसोल सांसद ने कहा कि कुछ लोगों ने मजबूरी, डर या लालच में साथ छोड़ा हो सकता है, लेकिन वे न पार्टी छोड़ेंगे और न नेता का साथ। वहीं राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भी साफ किया कि वे ममता के साथ हैं। सौगत रॉय ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति समर्थन जताया। देश में दलित ईसाई और मुस्लिमों को एससी का दर्जा दें या नहीं रिपोर्ट तैयार पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले आयोग ने दलित ईसाइयों और दलित मुस्लिमों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने के मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द केंद्र सरकार को सौंपा जा सकता है। अक्टूबर 2022 में गठित आयोग ने करीब तीन वर्षों तक विभिन्न राज्यों का दौरा कर सामाजिक, कानूनी और ऐतिहासिक पहलुओं का अध्ययन किया। आयोग का दायित्व यह जांचना था कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्मों में धर्मांतरण कर चुके दलितों को भी एससी का दर्जा दिया जाना चाहिए या नहीं। वर्तमान में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत यह लाभ मुख्यतः हिंदू, सिख और बौद्ध समुदायों के दलितों को मिलता है। पुणे से सीजेपी का आंदोलन शुरू, घोषणापत्र जारी किया देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को पुणे से एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर दी है। पार्टी ने अपना ‘शिक्षा घोषणापत्र भी जारी किया। इसमें शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की वकालत की गई है। छात्र संगठन ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं थमेगा। आंदोलन देश के विभिन्न शहरों से होते हुए 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगा। देश के पहले ‘मेड-इन-इंडिया’ सैन्य परिवहन विमान की टेस्ट उड़ान सफल 11 जून 2026 का दिन भारतीय विमानन और रक्षा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। गुरुवार को देश के पहले ‘मेड इन इंडिया’ एयरबस सी 295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने वडोदरा से पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी की। इसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लि. और एयरबस की वडोदरा स्थित फाइनल असेंबली लाइन में बनाया गया है। यह वायुसेना के लिए देश में बनने वाले 40 सी-295 विमानों की शृंखला का पहला विमान है। वायुसेना को पहला विमान इसी साल सौंपेंगे।
ट्विशा केस-गिरिबाला के कार्यकाल में नियुक्त वकीलों पर उठाए सवाल:पिता बोले- गरीबों के लिए नियुक्त वकील आरोपी पक्ष के साथ; तस्वीरों के साथ की शिकायत
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब कानूनी सहायता व्यवस्था (लीगल एड) से जुड़े वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमपीएसएलएसए) और चीफ जस्टिस विवेक रूसिया को शिकायत भेजकर कुछ लीगल एड वकीलों तथा एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियुक्त लीगल एड से जुड़े कुछ वकील आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के पक्ष में सक्रिय दिखाई दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं। पिता ने शिकायत के साथ एक फोटो भी भेजा है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना से जुड़े सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना कथित तौर पर समर्थ सिंह की शादी में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान भी वे आरोपी पक्ष के निजी वकील के साथ अदालत में मौजूद थे। रीना वर्मा की भूमिका पर भी सवाल शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि 2 जून को सीबीआई द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान उन्होंने वकालतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आरोपी पक्ष के पास पहले से निजी अधिवक्ता मौजूद थे, तब लीगल एड से जुड़े वकीलों की सक्रिय भूमिका की जांच होना चाहिए। दो नियुक्तियों पर उठाए सवाल नवनिधि शर्मा का आरोप है कि गिरिबाला सिंह के कार्यकाल में नियुक्त दो लीगल एड वकील बाद में उन्हीं से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष के साथ दिखाई दिए। शिकायत में कहा गया है कि यदि लीगल एड पैनल से जुड़े सदस्य निजी पक्ष की पैरवी कर रहे थे तो इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। 8 कॉल और अग्रिम जमानत पैरवी की जांच की मांग शिकायत में दावा किया गया है कि 12 मई की रात करीब 11 बजे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य को कॉल किया गया था। साथ ही 15 मई को अग्रिम जमानत मामले में पैरवी करने पहुंचे अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। अज्ञात व्यक्ति की पहचान पर भी सवाल शिकायत में एक ऐसे व्यक्ति का उल्लेख किया गया है, जो कथित रूप से ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में दिखाई देता है। शिकायतकर्ता ने इस व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत में क्या-क्या मांगें शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया कि शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले में कार्रवाई का इंतजार है। क्या हाेते हैं लीगल एड वकील ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। जांच एजेंसी अब इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रही है। दूसरी पीएम रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी गई है।पूरी खबर पढ़ें
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