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अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से फर्जी-साइन केस में राहत:TMC बोली- नेता प्रतिपक्ष को सिर्फ पॉलिटिकल पार्टी चुन सकती है, विधायक दल नहीं

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को फेक सिग्नेचर मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह तक किसी भी कार्रवाई से राहत दी है। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया, जिसके बाद वे गुरुवार शाम करीब 5:50 बजे CID हेडक्वार्टर भवानी भवन पहुंचे। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में पूछताछ के लिए CID को 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा। वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट में बंगाल विधानसभा के नेता विपक्ष की नियुक्ति के मामले में भी सुनवाई हुई। TMC और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा स्पीकर के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष और संदीपन साहा को चीफ व्हिप के रूप में मान्यता दी गई थी। TMC की ओर से दायर याचिका में शोभनदेव चट्टोपाध्याय और ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी पहले ही शोभनदेव को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त कर चुकी थी और इसकी जानकारी स्पीकर को दे दी गई थी। इसलिए स्पीकर को पार्टी के फैसले को स्वीकार करना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि नेता प्रतिपक्ष चुनने का अधिकार राजनीतिक दल का होता है, विधायक दल का नहीं। उन्होंने कहा कि स्पीकर का फैसला संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है। कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है, इसलिए उनके समूह को अलग विधायक दल नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है और मामले की अगली सुनवाई 16 जून को तय की है। विधानसभा का सत्र 18 जून से शुरू होगा। यह मामला TMC की 6 मई की बैठक में पारित उस प्रस्ताव से जुड़ा है, जिसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष और अन्य नेताओं को विधानसभा के कई पदों के लिए नामित किए जाने का दावा किया गया था। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था और प्रस्ताव पुस्तिका में कई सिग्नेचर फर्जी हैं। इन आरोपों के आधार पर कोलकाता पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में CID को सौंप दिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि सिग्नेचर की फॉरेंसिक जांच के लिए मूल प्रस्ताव पुस्तिका और उपस्थिति रजिस्टर जरूरी हैं। इसी वजह से अभिषेक बनर्जी को तीन बार समन भेजा गया था। CID ने हाल ही में ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित पार्टी कार्यालय और अभिषेक बनर्जी के कोलकाता कार्यालय में भी तलाशी ली, लेकिन मूल दस्तावेज नहीं मिले। अब एक तरफ हाईकोर्ट नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई करेगा, वहीं दूसरी तरफ CID सिग्नेचर जालसाजी मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। फर्जी साइन की शिकायत करने पर निकाले गए थे दोनों विधायक ममता बनर्जी ने TMC से 2 विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया था। दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि पार्टी ने शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने वाले प्रस्ताव में उनके उनके फर्जी साइन किए थे। साहा और बनर्जी का आरोप है कि यह शिकायत करने पर ही दोनों TMC से निकाले गए। इसके बाद 3 मई को पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया। उन्हें विपक्ष का नेता चुना गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी मिल गई। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… 4 दिन में TMC के 4 राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा, कल्याण बनर्जी बोले- ममता मुझे चुनें या अभिषेक को TMC के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिन में 13 में से चार राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर जा चुके हैं। 10 जून को सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़ी थी। पूरी खबर पढ़ें…

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Chicken Biryani Recipe: कुकर में ऐसे बनाएं होटल जैसी चिकन बिरयानी, चावल का हर दाना दिखेगा खिला-खिला; नोट करें विधि

How To Make Chicken Biryani: अगर आप घर पर होटल जैसी स्वादिष्ट चिकन बिरयानी बनाना चाहते हैं, तो प्रेशर कुकर की मदद से यह काम बेहद आसान हो सकता है। सही मसालों और सही तरीके से पकाने पर बिरयानी का हर चावल खिला-खिला बनता है और चिकन भी बेहद रसीला रहता है। यह रेसिपी कम समय में तैयार हो जाती है और स्वाद में किसी रेस्टोरेंट से कम नहीं लगती।

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  Sports

Mohammed Siraj को क्यों दिया गया आराम, आंकड़ों ने बताई भारतीय टीम की बड़ी रणनीति

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ शार्ट फार्मेट वाले मुकाबलों की सीरीज के लिए टीम में चुना गया था। हालांकि टीम घोषणा के कुछ ही दिनों बाद उन्हें आराम देने का फैसला किया गया और उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा को शामिल कर लिया गया। पहली नजर में यह फैसला कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था, क्योंकि पिछले कुछ समय से सिराज सीमित ओवरों के प्रारूप में नियमित रूप से नहीं खेल रहे थे।

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में विश्व कप जीतने के बाद से मोहम्मद सिराज का छोटी अवधि वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में योगदान काफी सीमित रहा है। उन्होंने इस दौरान केवल एक द्विपक्षीय श्रृंखला खेली थी। वहीं वर्ष 2026 के विश्व कप में भी उन्हें केवल एक मुकाबले में मौका मिला था, जब जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था। इतना ही नहीं, उस प्रतियोगिता की टीम में उनकी जगह भी हर्षित राणा के चोटिल होने के बाद बनी थी।

मौजूद जानकारी के अनुसार एकदिवसीय प्रारूप में भी सिराज की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। वर्ष 2023 के विश्व कप के बाद भारत ने 23 एकदिवसीय मुकाबले खेले, जिनमें सिराज केवल नौ मैचों में दिखाई दिए। उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में भी जगह नहीं मिली थी। 

हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू कहीं अधिक दिलचस्प है। जहां सीमित ओवरों के क्रिकेट में सिराज के अवसर कम हुए हैं, वहीं लंबे प्रारूप में वह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बनकर उभरे हैं। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने जितना क्रिकेट खेला है, वह दुनिया के किसी भी अन्य तेज गेंदबाज से अधिक माना जा रहा है।

बता दें कि जनवरी 2023 से अब तक मोहम्मद सिराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और घरेलू पेशेवर प्रतियोगिताओं को मिलाकर कुल 1231 ओवर गेंदबाजी की है। इस दौरान केवल रविंद्र जडेजा ने उनसे अधिक ओवर डाले हैं। तेज गेंदबाजों की सूची में सिराज सबसे ऊपर हैं।

गौरतलब है कि उनके कुल कार्यभार का बड़ा हिस्सा लंबे प्रारूप से आया है। उन्होंने इस अवधि में 30 टेस्ट मुकाबलों में 744 ओवर फेंके हैं। औसतन हर मुकाबले में करीब 25 ओवर गेंदबाजी करना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। यही वजह है कि उनके कुल कार्यभार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा लंबे प्रारूप से जुड़ा हुआ है।

मौजूद जानकारी के अनुसार भारत ने वर्ष 2023 के बाद 33 लंबे मुकाबले खेले हैं, जिनमें सिराज 30 मैचों में मैदान पर उतरे। यह लगभग 91 प्रतिशत मुकाबलों में उनकी मौजूदगी को दर्शाता है। दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लगातार नियंत्रित किया गया और उन्हें कई श्रृंखलाओं में आराम दिया गया।

इंग्लैंड दौरे पर भी सिराज ने सभी पांच मुकाबले खेले थे और 185 ओवर गेंदबाजी करते हुए टीम के सबसे सफल गेंदबाज बने थे। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ छोटी अवधि वाले मुकाबलों से बाहर रखने का फैसला केवल मौजूदा श्रृंखला को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया है।

बता दें कि भारतीय टीम के सामने आने वाले महीनों में व्यस्त कार्यक्रम है। टीम को 17 एकदिवसीय और 10 लंबे मुकाबले खेलने हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 के विश्व कप की तैयारियां भी जारी हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन नहीं चाहता कि सिराज पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़े।

दरअसल पिछले कुछ समय से चर्चा होती रही कि मोहम्मद सिराज केवल एक प्रारूप के खिलाड़ी बनकर रह गए हैं। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि उनकी अहमियत कम नहीं हुई, बल्कि बढ़ी है। भारतीय टीम के लिए वह अब ऐसे गेंदबाज बन चुके हैं जिन पर लगातार भरोसा किया जाता है। यही कारण है कि अब कार्यभार प्रबंधन की नीति केवल जसप्रीत बुमराह तक सीमित नहीं रही, बल्कि मोहम्मद सिराज भी उसका अहम हिस्सा बन चुके हैं।
Thu, 11 Jun 2026 22:28:15 +0530

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