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Explainer: राहुल गांधी को विशेषाधिकार समिति का नोटिस-क्या है ये कमेटी और कितनी ताकतवर?

लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने  इन शब्दों के उपयोग को लेकर राहुल गांधी को नोटिस जारी किया. 28 अगस्त 2026 तक इसे लेकर जवाब मांगा गया है. यह नोटिस भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दी गई शिकायत के आधार पर जारी की गई है. अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई 2026 को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था. शिकायत में आरोप लगाया गया कि एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. 
 
14 अगस्त यानि शुक्रवार को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. इस मामले में लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक/असंसदीय भाषा उपयोग करने से जुड़ा है. उन्हें 28 अगस्त तक जवाब देने को कहा गया है.

जाने 'विशेषाधिकार' क्या होता है?

संसद के सदस्यों और सदन को कुछ विशेष अधिकार इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे बिना दबाव के अपना संसदीय काम कर सकें और सदन की गरिमा व अधिकार सुरक्षित रहें. इनका संवैधानिक आधार मुख्यत अनुच्छेद 105 है. मसलन, संसद में कही गई बात या दिए गए वोट के लिए सांसद पर सामान्यतः अदालत में कार्यवाही नहीं हो सकती.इसे संसदीय विशेषाधिकारों की सुरक्षा का हिस्सा माना जाता है. मगर इसका मतलब यह नहीं कि सदन के भीतर सांसद जो चाहें, कह सकते हैं; संसदीय नियम और सदन की अपनी अनुशासनात्मक शक्तियां लागू रहती हैं.

विशेषाधिकार समिति क्या है 

विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) संसद की वह समिति है जो यह जांचती है कि किसी सांसद या संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन हुआ है या नहीं. सबसे पहले शिकायत आती है कि किसी सांसद/व्यक्ति ने सदन की गरिमा या विशेषाधिकार का उल्लंघन किया. इसके बाद समिति मामले की जांच करती है. संबंधित सांसद या व्यक्ति से जवाब मांग सकती है. जरूरत पड़ने पर गवाहों को बुला सकती है और दस्तावेज मंगा सकती है. जांच के बाद समिति रिपोर्ट और अपनी सिफारिश लोकसभा को देती है. इसके बाद अंतिम फैसला सदन करता है कि कार्रवाई करनी है या नहीं.

राहुल गांधी के मामले में अभी उन्हें नोटिस मिला है, यानी उनसे उनका पक्ष पूछा गया है. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें दोषी मान लिया गया है. समिति पहले राहुल गांधी का जवाब देखेगी. मामले की जांच कर सकती है. इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट/सिफारिश देगी. अगर मामला सदन के सामने आता है, तो अंतिम कार्रवाई का अधिकार लोकसभा के पास होता है. विशेषाधिकारों के केस में सदन के पास उल्लंघन या अवमानना पर कार्रवाई करने की शक्ति है. इसलिए अभी यह कहना कि "राहुल गांधी की सांसदी जाने वाली है" जल्दबाजी होगी.

समिति कितनी ताकतवर है?

नोटिस के बाद जवाब और जांच समिति की रिपोर्ट/सिफारिश सदन/स्पीकर के स्तर पर फैसला समिति की जांच की शक्तियां काफी गंभीर हैं. वह गवाह और दस्तावेज बुला सकती है. संसद के पास अपने विशेषाधिकारों की रक्षा के लिए किसी व्यक्ति को सदन की अवमानना या विशेषाधिकार भंग के लिए दंडित करने की शक्ति भी है. लेकिन समिति कोर्ट नहीं है और उसका नोटिस अपने-आप में कोई सजा नहीं है.

राहुल गांधी के मामले में अभी क्या होगा?

फिलहाल सबसे अहम तारीख 28 अगस्त है. राहुल गांधी को अपना पक्ष रखना है. उसके बाद समिति तय करेगी कि मामले में विशेषाधिकार-हनन बनता है या नहीं और आगे क्या सिफारिश की जाए.

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15 अगस्त के लिए दिल्ली तैयार, लाल किले की सुरक्षा में हाईटेक सिस्टम और हजारों जवान; ट्रैफिक में बड़ा बदलाव

80th Independence Day: 15 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए देश की राजधानी पूरी तरह से तैयार है. मुख्य आयोजन स्थल लाल किला और इसके आसपास के विशाल इलाके को सुरक्षा के बेहद मजबूत चक्रव्यूह में तब्दील कर दिया गया है. जमीन से लेकर आसमान तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को पूरी तरह से रोका जा सके. सुरक्षा व्यवस्था इतनी ज्यादा कड़ी कर दी गई है कि वहां किसी परिंदे का पर मारना भी मुमकिन नहीं है. दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है.

एक हजार से ज्यादा CCTV एक्टिव

इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा बड़े पैमाने पर लिया जा रहा है. लाल किले के अंदर और बाहर के सभी संवेदनशील स्थलों पर नजर रखने के लिए एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं. इसके अलावा हवाई खतरों से निपटने के लिए आधुनिक ड्रोन रोधी प्रणाली को नए तकनीकी फीचर्स के साथ तैनात किया गया है. सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में हर साल सुधार किया जाता है और इस बार भी तकनीकी स्तर पर कई बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि निगरानी में कोई कमी न रह जाए. आसमान में उड़ने वाली हर संदिग्ध वस्तु पर पल-पल नजर रखने के लिए विशेष तकनीकी दस्ते लगातार काम कर रहे हैं.

बड़ी संख्या में लोगों का सत्यापन और जांच अभियान

समारोह की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी और जांच अभियान चलाया है. डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने जानकारी दी कि लाल किले के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले और वहां काम करने वाले बीस हजार से अधिक लोगों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है. जिन लोगों के किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का अंदेशा था, उनके खिलाफ समय रहते जरूरी एहतियाती कदम उठाए गए हैं. सड़कों पर दिन-रात लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और आने-जाने वाले सभी वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है. इस इलाके के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी साफ देखी जा सकती है.

लाल किले के आसपास रास्तों पर 7 घंटे का प्रतिबंध

पंद्रह अगस्त की सुबह प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे और इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसे ध्यान में रखते हुए सेंट्रल रेंज के डीसीपी ट्रैफिक निशांत गुप्ता ने बताया कि सुबह चार बजे से लेकर दिन के ग्यारह बजे तक कई मुख्य रास्तों पर आम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा. इनमें नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, निषादराज मार्ग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग, एस्प्लेनेड रोड, किला घाट रोड और रिंग रोड शामिल हैं. आम लोगों को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है. ग्यारह बजे के बाद स्थिति सामान्य होने पर रास्ते खोल दिए जाएंगे.

बसों के रूट में बदलाव और पार्किंग का डिजिटल प्रबंधन

समारोह के दौरान लगने वाले प्रतिबंधों के कारण प्रभावित रास्तों पर डीटीसी और अन्य बसों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा. बसों के रूट में बदलाव किया गया है और उनके अंतिम ठहराव स्थल को रामलीला मैदान और तीस हजारी कोर्ट के पास स्थानांतरित किया गया है. इसके साथ ही आमंत्रित अतिथियों को पार्किंग ढूंढने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी निर्धारित पार्किंग स्थलों को गूगल मैप्स से जोड़ दिया गया है. ट्रैफिक पुलिस लगातार अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर रास्तों से जुड़े ताजा अपडेट साझा कर रही है ताकि लोग समय पर सही जानकारी पा सकें. चांदनी चौक इलाके की सड़कें भी सुबह के समय बंद रहेंगी, हालांकि वहां की दुकानों और बाजारों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है.

देश के अन्य हिस्सों में भी हाई अलर्ट

दिल्ली के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत कर दी गई है. पूर्वोत्तर के राज्य असम के डिब्रूगढ़ में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आम जनता में जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए खास मोटरसाइकिल रैली निकाली. वहीं जम्मू और कश्मीर में नरबल से गुलमर्ग जाने वाले हाईवे पर सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है. जगह-जगह नई चौकियां बनाकर गाड़ियों और राहगीरों की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि पूरा देश आजादी का यह महापर्व बिना किसी बाधा के धूमधाम से मना सके.

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  Sports

TNPL में PMOA प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर तमिलनाडु के बल्लेबाज पर 1 लाख जुर्माना

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) के एक मैच के दौरान ‘खिलाड़ी और मैच अधिकारियों के क्षेत्र’ (पीएमओए) प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर तमिलनाडु के एक युवा बल्लेबाज पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को पीटीआई से कहा, ‘‘जांच जारी होने के कारण टीएनसीए खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं करेगा। मैं सिर्फ इसकी पुष्टि कर सकता हूं कि वह बाएं हाथ का बल्लेबाज है जिसने पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में तमिलनाडु के लिए दो अर्धशतक लगाए थे।

मैच के दौरान वह अपनी महिला मित्र को संदेश भेजते हुए पाए गए। उस पर भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन मैच के दौरान पीएमओए में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसलिए इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया है।

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’’ शुरुआत में 26 वर्षीय इस खिलाड़ी पर दो साल का प्रतिबंध लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन चूंकि मामला गंभीर प्रकृति का नहीं था इसलिए अंततः उसे एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ छोड़ दिया गया। उल्लेखनीय है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले सत्र के दौरान राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर और वैभव सूर्यवंशी के लिए फ्रेंचाइजी द्वारा नियुक्त अभिभावक रोमी भिंडर पर भी मैच के दौरान टीम डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के कारण एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

Sat, 15 Aug 2026 10:23:00 +0530

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