कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर आर-पार की लड़ाई, कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने किया 15 अगस्त से आमरण अनशन का ऐलान
मुरैना: कैलारस के बंद पड़े सहकारी शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस के जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद शक्कर कारखाना परिसर में शांतिपूर्ण आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि सरकार जब तक कारखाने के पुनर्जीवन और परिसमापन से जुड़ी कार्रवाई रद्द करने को लेकर ठोस लिखित निर्देश जारी नहीं करती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
कैलारस में वर्ष 1973 में सहकारी शक्कर कारखाने की स्थापना हुई थी। यह कारखाना वर्ष 2008 तक संचालित हुआ, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया। कारखाने को दोबारा शुरू कराने के साथ किसानों और कर्मचारियों की बकाया देनदारियों के भुगतान की मांग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है।
जमीन और परिसंपत्तियां MSME को सौंपने के फैसले का विरोध
19 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन और परिसंपत्तियां MSME विभाग को सौंपने का फैसला लिया गया था। इसके एवज में MSME विभाग द्वारा सहकारिता विभाग को करीब 61 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हुआ। किसान संगठनों ने पूरे जिले में जनजागरूकता अभियान चलाया और 21 सितंबर 2025 को जीवाजीगंज, मुरैना में किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान सभा आयोजित की गई। पंकज उपाध्याय के अनुसार, क्षेत्र के करीब पांच हजार किसानों ने सरकार को लिखित वचन पत्र देकर गन्ने की खेती के लिए तैयार होने की बात कही थी।
विधानसभा में तीन बार सवाल लगाने के बाद भी नहीं मिला जवाब
पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर विधानसभा के तीन अलग-अलग सत्रों में सवाल लगाए। उन्होंने दिसंबर 2025 के सत्र में 1 दिसंबर, फरवरी-मार्च 2026 के सत्र में 17 फरवरी और जुलाई 2026 के सत्र में 20 जुलाई को कारखाने से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
उपाध्याय का आरोप है कि तीनों प्रश्न विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर अस्वीकार कर दिए गए और प्रश्न निरस्त किए जाने का कारण भी उन्हें लिखित रूप से नहीं बताया गया। इसी से नाराज होकर उन्होंने 21 जुलाई 2026 को विधानसभा परिसर में धरना दिया था। उनका कहना है कि इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने सवालों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिले हैं।
चंबल में पांच शक्कर कारखाने चलने की संभावना का हवाला
कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू करने की मांग के समर्थन में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। उपाध्याय के अनुसार, रिपोर्ट में चंबल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन की ऐसी संभावनाओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर यहां पांच शक्कर कारखाने संचालित किए जा सकते हैं। विधायक ने कारखाने की परिसंपत्तियां MSME विभाग को सौंपने और इसके परिसमापन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों के साथ वादाखिलाफी बताया है।
अमित शाह से लेकर सीएम मोहन यादव तक भेजे पत्र
पंकज उपाध्याय का कहना है कि कैलारस शक्कर कारखाने के पुनर्जीवन की मांग को लेकर उन्होंने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना सहित कई नेताओं को पत्र भेजे हैं। विधायक का दावा है कि इस मुद्दे पर सैकड़ों पत्र भेजने के बावजूद अब तक किसी भी नेता की ओर से उन्हें जवाब नहीं मिला है।
15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद शुरू होगा आमरण अनशन
अब पंकज उपाध्याय ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद वे कैलारस शक्कर कारखाना परिसर में शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर बैठेंगे।
उन्होंने साफ किया है कि इस बार केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि सरकार कैलारस शक्कर कारखाने को पुनर्जीवित करने और परिसमापन से संबंधित सभी कार्रवाइयों को रद्द करने के संबंध में ठोस लिखित निर्देश जारी करे। ऐसे निर्देश जारी होने तक आमरण अनशन जारी रखने की घोषणा की गई है।
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