मणिपुर सरकार "इन अत्याचारों को चुपचाप नहीं देखेगी", मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने यह बड़ी बात कही। यह बयान तब आया जब पुलिस ने कांगपोकपी ज़िले में हथियारबंद समूहों द्वारा अगवा किए गए लापता नागा पुरुषों में से छह लोगों के शव बरामद किए। नागा समुदाय के इन छह लोगों को कथित तौर पर 13 मई को लेइलोन वाइफेई गाँव से अगवा किया गया था। एक आधिकारिक बयान में सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी और कहा कि हत्या के लिए ज़िम्मेदार दोषियों को गिरफ़्तार किया जाएगा और कानून के मुताबिक सज़ा दी जाएगी।
ये शव उस घटना के एक दिन बाद मिले, जब सेनापति ज़िले से लगभग एक महीने पहले अगवा किए गए 14 कुकी लोगों को 9 जून को रिहा किया गया था। मणिपुर पुलिस ने बुधवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि मणिपुर पुलिस, CRPF और असम राइफल्स के लगभग 450 जवानों ने स्निफर डॉग्स और फोरेंसिक एक्सपर्ट टीमों की मदद से करीब 24 घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद आज दोपहर छह लोगों के शव बरामद किए गए। माना जा रहा है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें 13 मई, 2026 को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाया गया था।
खबरों के अनुसार, 13 मई को कांगपोकपी ज़िले में चर्च के तीन नेताओं की हत्या के बाद छह नागा और 14 कुकी लोगों का अपहरण कर लिया गया था। X पर एक अलग पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि कांगपोकपी ज़िले के लेइलोन वाइफेई गाँव से अगवा किए गए छह बेगुनाह नागा ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।
सिंह ने कहा कि मणिपुर सरकार इस घिनौनी हरकत की कड़ी निंदा करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दोषियों को सज़ा मिले। इस मामले की जांच NIA कर रही है। हमारे समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। हम मणिपुर में शांति, सुरक्षा और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं।
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केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस ने एक बार फिस से डरा दिया है.यहां पर 43 साल के व्यक्ति में निपाह की पुष्टि हुई है. एनआईवी पुणे को सैंपल भेजे गए हैं. बड़े पैमाने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. ऐसे लोगों को आइसोलेशन में रखा जा रहा है.
FIFA World Cup 2026: फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' में खेल के रोमांच के साथ-साथ कड़े नियम भी देखने को मिलेंगे। खेल की नियम नियामक संस्था IFAB ने टूर्नामेंट को अधिक पारदर्शी, तेज और निष्पक्ष बनाने के लिए कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इन नए नियमों का सीधा असर खिलाड़ियों के अनुशासन और मैच की गति पर पड़ेगा।
मुंह छुपाकर बहस करने पर 'लाल कार्ड' मैदान पर अब खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई खिलाड़ी विवाद या बहस के दौरान अपने मुंह को हाथ, जर्सी या बाजू से ढककर कुछ कहता है, तो रेफरी उसे सीधे रेड कार्ड दिखा सकता है। इस नियम का उद्देश्य मैदान पर होने वाली अनैतिक बातचीत और रेफरी के प्रति अभद्र व्यवहार को रोकना है।
टाइम वेस्टिंग और सब्स्टीट्यूशन पर सख्ती समय की बर्बादी रोकने के लिए फीफा ने '5 सेकंड' का नियम लागू किया है। अब थ्रो-इन या कॉर्नर लेने में देरी करने पर रेफरी 5 सेकंड का काउंटडाउन शुरू कर सकता है। समय सीमा के भीतर खेल शुरू न होने पर गेंद विपक्षी टीम को सौंप दी जाएगी। साथ ही, सब्स्टीट्यूशन के दौरान खिलाड़ी को 10 सेकंड के भीतर मैदान छोड़ना होगा, अन्यथा टीम को कुछ देर तक एक खिलाड़ी कम के साथ खेलना पड़ सकता है।
VAR की बढ़ी पावर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। अब VAR केवल गोल या पेनल्टी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ये इन स्थितियों में भी दखल देगा:
गलत तरीके से दिया गया कॉर्नर किक।
अटैक के दौरान हुआ फाउल।
गलत खिलाड़ी को कार्ड दिखाना।
गलत तरीके से दिया गया दूसरा येलो कार्ड।
मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अनिवार्य ब्रेक अब यदि कोई खिलाड़ी चोटिल होने पर मैदान पर इलाज करवाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से 1 मिनट तक मैदान से बाहर रहना होगा। हालांकि, गोलकीपर और गंभीर चोट या सिर में चोट (Head injury) जैसी स्थितियों में इस नियम में छूट दी गई है।
रेफरी के विरोध पर भारी जुर्माना रेफरी के फैसलों को चुनौती देना अब खिलाड़ियों के लिए महंगा साबित हो सकता है। किसी भी फैसले का विरोध करने या खिलाड़ियों को उकसाने वाले कोचों पर सख्त कार्रवाई होगी। विरोध में मैदान छोड़ने जैसे कृत्य करने पर रेड कार्ड दिया जाएगा और स्थिति बिगड़ने पर टीम को मैच भी गंवाना पड़ सकता है।
हाइड्रेशन ब्रेक और खेल का नया स्वरूप गर्म मौसम को देखते हुए प्रत्येक हाफ में 'हाइड्रेशन ब्रेक' अनिवार्य होगा, ताकि खिलाड़ी खुद को तरोताजा रख सकें। इन तमाम बदलावों का उद्देश्य फुटबॉल को और अधिक अनुशासित बनाना है, जिससे फैंस को आने वाले वर्ल्ड कप में पहले से कहीं ज्यादा तेज और निष्पक्ष मुकाबले देखने को मिलेंगे।