Independence Day Special: 15 अगस्त की फोटो-रील्स शेयर करते हुए लिखें देशभक्ति से भरे ये कैप्शन, जो भर देंगे आपमे जोश
Independence Day Special: भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिली थी. ये दिन हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, इस दिन देशभर में तिरंगा फहराने के साथ-साथ राष्ट्रगान गया जाता है. इतना नहीं आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले वीरों को याद किया जाता है. अगर आप इस विशेष मौके पर सोशल मीडिया पर अपनी फोटो और रील्स के साथ देशभक्ति से जुड़ा कैप्शन खोज रहे हैं तो यहां पर आपके लिए बेहतरीन कैप्शन लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपनी फोटो रील के साथ शेयर कर सकते हैं.
तिरंगे वाली फोटो के साथ लिखें ये कैप्शन
अगर आप हाथ में तिरंगा लेकर फोटो के साथ कैप्शन लिखना चाहते हैं, इसके लिए आप इन लाइन को लिख सकते हैं. 'तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, करोड़ों भारतीयों की शान है.' इसके अलावा 'दिल में हिंदुस्तान, हाथ में तिरंगा और चेहरे पर गर्व' भी तस्वीर के साथ शानदारर लगेगा.
अगर आप छोटा और आसान कैप्शन चाहते हैं तो 'तिरंगा मेरी पहचान, भारत मेरा अभिमान' लिख सकते हैं. वहीं 'जिस मिट्टी में जन्म लिया, उस मिट्टी पर नाज है' देशभक्ति वाले कैप्शन के साथ फोटो शेयर कर सकते हैं.
देशभक्ति का जज्बा दिखाने वाले छोटे कैप्शन
सोशल मीडिया पर कई बार लंबे कैप्शन के बजाय छोटी और दमदार लाइन ज्यादा बढ़िया लगती है. ऐसी पोस्ट के लिए आप लिख सकते हैं, 'मेरा देश, मेरी शान, मेरा हिंदुस्तान.' इसके अलावा आप 'भारत की मिट्टी से रिश्ता सबसे खास है.' भी कैप्शन दे सकते हैं.
वहीं, अगर आपकी फोटो या रील में तिरंगा लहरा रहा है तो 'लहराता रहे तिरंगा, बढ़ता रहे हिंदुस्तान' लिखा जा सकता है. वहीं 'आजादी की कीमत समझो, इसे सिर्फ जश्न मत समझो' देश के स्वतंत्रता संग्राम को याद करने वाला अच्छा मैसेज बन सकता है.
शहीदों को याद करने वाले भावुक कैप्शन
स्वतंत्रता दिवस सिर्फ जश्न का दिन नहीं है, बल्कि उन वीरों को याद करने का दिन भी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया था. ऐसी पोस्ट के साथ आप लिख सकते हैं, 'जिन्होंने देश के लिए अपना आज दिया, उन्हीं की वजह से हमारा आज आजाद है.'
एक और कैप्शन है, 'उन वीरों को सलाम, जिनकी कुर्बानी से तिरंगा आज शान से लहराता है.' अगर आप शहीदों की फोटो या स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कोई पोस्ट शेयर कर रहे हैं, उसके साथ 'आजादी हमें विरासत में नहीं, बलिदानों के बाद मिली है' कैप्शन लिख सकते हैं.
दोस्तों और परिवार के साथ पोस्ट के लिए कैप्शन
अगर आप स्वतंत्रता दिवस पर अपने दोस्त या फैमिली ग्रुप में फोटो शेयर कर रहे हैं तो कैप्शन थोड़ा मजेदार और खुशी वाला हो सकता है. जैसे 'साथ अपनों का, हाथ में तिरंगा और दिल में देशप्रेम' एक अच्छा ऑप्शन है. इसी तरह 'आजादी का जश्न अपनों के साथ, हिंदुस्तान के नाम' भी लिखा जा सकता है.
बच्चों की तिरंगे के साथ फोटो के लिए 'आज के बच्चे, कल के भारत की उम्मीद' या 'छोटे कदम, बड़े सपने और दिल में हिंदुस्तान' जैसे कैप्शन यूज किए जा सकते हैं.
Instagram Story के लिए ये कैप्शन हैं सबसे खास
अगर आप Instagram Story पर स्वतंत्रता दिवस की फोटो, वीडियो या तिरंगे की तस्वीर लगा रहे हैं, तो छोटी लाइन ज्यादा अच्छे लगेंगी. जैसे 'वतन से बढ़कर कुछ नहीं', 'भारत मेरा गर्व है', 'तिरंगा दिल में बसता है', 'आजादी का जश्न, देश के नाम' और 'मिट्टी से मोहब्बत, हिंदुस्तान से प्यार'.
मन्त्र चिकित्सा क्रियात्मक अनुसंधान योजना के संचालन के संबंध में गोष्ठी, प्रयोगात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया शुरू
उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् एवं महन्त इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून के संयुक्त तत्त्वावधान में शुक्रवार को सचिवालय परिसर में मन्त्र चिकित्सा क्रियात्मक अनुसंधान योजना के संचालन के संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया गया. देश व प्रदेश के संस्कृत विद्वानों ने मन्त्र चिकित्सा के लिए मन्त्रों के प्रयोग, प्रभाव, उच्चारण शुद्धता, विधि, नियम पालन आदि पर मन्तव्य प्रस्तुत किया गया.
अनुसंधान की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है
अपने संबोधन में सयुंक्त निदेशक, चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखंड डॉ. रंगील सिंह रैना एवं प्राचार्य महंत इंद्रेश चिकित्सा महाविद्यालय डॉ. उत्कर्ष शर्मा का मंतव्य था कि यदि मंत्र चिकित्सा से पूर्व में भी किसी भी बीमारी के निदान से संबंधित साहित्य उपलब्ध हो तो, उसके बेस पर अन्य बीमारियों में इसके प्रयोग की अनुमति दी जा सकती है. इस हेतु मरीज़ की स्वीकार्यता एवं एथिकल समिति की संस्तुति उपरांत उपरोक्त प्रयोगात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है.
साहित्य नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराए
सचिव संस्कृत शिक्षा श्री दीपक कुमार की ओर से बैठक में उपस्थित संस्कृत विद्वानों से आग्रह किया गया कि 10 दिनों के अंदर संबंधित साहित्य नोडल अधिकारी को उपलब्ध करा दिया जाए ताकि अनुसंधान प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके. बैठक में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय, श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. रामानुज उपाध्याय, प्रो. सुन्दरनारायण झा, प्रो. रामराज उपाध्याय, डॉ अविन पाल, गुरु राम राय संस्कृत महाविद्यालय प्रबंधक चंद्र मोहन पयाल, संस्कृत संस्थानम् के प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार, संस्कृत शिक्षा निदेशक मंजू भारती, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. बिन्दुमती द्विवेदी, डॉ. मीनाक्षी सिंह, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के डॉ. प्रदीप सेमवाल, ऋषिकेश के संस्कृत विद्वान् डॉ. शान्ति प्रसाद मैठाणी व कमल डिमरी, योजना के नोडल अधिकारी मंत्र चिकित्सा डॉ. रामभूषण विजल्वाण, शासन के संस्कृत शिक्षा अनुसचिव संजय कुमार, अनुभाग अधिकारी तरुण धंजीवाल आदि शिक्षाविद् व अधिकारी गण उपस्थित रहे.
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