Post Delivery Care: गर्मी में डिलीवरी के बाद नई मांएं न करें ये गलती, बढ़ सकता है इंफेक्शन का खतरा
Post Delivery Care: बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं का शरीर काफी ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है और उसे रिकवर होने में समय लगता है। अगर सर्जरी हुई है, तो रिकवरी में ज्यादा समय भी लग सकता है और उन्हें देखभाल की खास जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी के पहले महीने से लेकर डिलीवरी होने तक महिला के शरीर में हार्मोंस में लगातार उतार-चढ़ाव रहता है, फिर डिलीवरी चाहे नॉर्मल हो या फिर सी-सेक्शन से। खासतौर पर गर्मी के मौसम में डिलीवरी के बाद महिलाओं को आराम के साथ देखभाल की जरूरत होती है।
गर्मियों में लगातार पसीना आने के कारण उनमें डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन की समस्या अकसर देखने को मिलती है। गर्मी की वजह से महिलाओं को चक्कर आना और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिलाओं की इम्यूनिटी बहुत कमजोर हो जाती है। अगर वे अपनी हाइजीन का ध्यान नहीं रखती हैं, तो वेजाइनल इंफेक्शन का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए महिलाओं को गर्मी के मौसम में पोस्टपार्टम केयर की सख्त जरूरत होती है। इस बारे में यहां डिटेल में बता रहे हैं।
डिहाइड्रेशन से बचें
डिलीवरी के बाद महिलाएं शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराती हैं। इस वजह से उनके शरीर को दूध बनाने के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत होती है। इसलिए महिलाओं को डिलीवरी के बाद गर्मियों में खासतौर पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, नारियल पानी, छाछ, नीबू पानी, घर का बना हुआ ताजा जूस और सूप भी ले सकती हैं। महिलाओं को बहुत मीठे, कैफीन से भरपूर पैकेज्ड जूस या ड्रिंक्स लेने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को दही, छाछ, खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसे पानी से भरपूर फल और सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करने चाहिए।
डिलीवरी के बाद डाइट
डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए। महिलाओं को रिकवर होने के लिए मसालेदार और तले हुए भोजन से बचना चाहिए। उन्हें घर का बना हल्का और ताजा खाना जैसे खिचड़ी, दलिया या सूप डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। प्रोटीन (दालें, अंडे, पनीर, सोयाबीन, बींस आदि) युक्त भोजन उनकी रिकवरी में मदद करता है। सोंठ, गोंद या तिल के लड्डू की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मी में इनका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
पर्सनल हाईजीन
गर्मियों में पसीना बहुत ज्यादा आता है, इसलिए डिलीवरी के बाद महिलाओं को हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने चाहिए, जो पसीना सोख सकें और हवादार हों। महिलाओं को दिन में 1-2 बार जरूर नहाना चाहिए। इससे शरीर का तापमान ठीक रहता है और फ्रेशनेस महसूस होती है। अगर महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई है, तो उसे पेरिनियल एरिया की सफाई रखनी चाहिए और सी-सेक्शन हुआ है तो टांकों की सही देखभाल करनी चाहिए। टांके वाली जगह को सूखा और साफ रखना जरूरी है। अगर उसमें किसी तरह की सूजन, पस या तेज दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। महिलाओं को इस दौरान ब्लीडिंग भी काफी ज्यादा होती है, इसलिए सेनेटरी पैड समय-समय पर बदलना भी जरूरी है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। डिलीवरी के बाद नई मां को हल्के हाथों से तेल की मालिश करवानी चाहिए, जो ब्लड सरकुलेश्न बढ़ाता है और शरीर की सूजन कम करता है।
आराम-फिजिकल एक्टिविटी
डिलीवरी के बाद नई मां के शरीर की हीलिंग के लिए नींद बहुत जरूरी होती है, क्योंकि इससे मां का शरीर जल्दी रिकवर होता है। नवजात शिशु की देखभाल में मां अपनी नींद पूरी नहीं कर पाती, इसलिए उसे फिजिकल थकान के साथ मेंटल थकान भी होने लगती है। इसलिए जब बच्चा सोए, तब मां को भी सो जाना चाहिए। गर्मियों में डिलीवरी के 3-5 दिन बाद हल्की वॉक शुरू की जा सकती है लेकिन शुरुआती हफ्तों में बहुत ज्यादा फिजिकल मेहनत, सीढ़ियां चढ़ना या भारी सामान उठाने से बचना चाहिए। दोपहर (12 बजे से 4 बजे) की कड़ी धूप में बाहर जाने से बचें।
मेंटल हेल्थ
डिलीवरी के बाद नई मांओं में बेबी ब्लू या मूड स्विंग्स होना सामान्य बात है। ऐसे में किसी नजदीकी से बात करें अपनी फीलिंग्स शेयर करें या डॉक्टर से सलाह लें।
रेग्युलर चेकअप
अगर डिलीवरी के बाद मां को तेज बुखार, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, सांस लेने में दिक्कत, लगातार सिरदर्द, पैरों में सूजन या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो इग्नोर न करें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। रूटीन जांच और शारीरिक रिकवरी के लिए 6 सप्ताह बाद या डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर फॉलो-अप के लिए अवश्य जाएं।
मेडिकल सजेशन:
डॉ. रेनू अग्रवाल (गायनेकोलॉजिस्ट) के सुझाव पर आधारित
(प्रस्तुति:ललिता गोयल)
Travel Skincare Tips: गर्मी में ट्रैवलिंग कर रही हैं? ये 4 ब्यूटी प्रोडक्ट्स आपके मेकअप को नहीं होने देंगे खराब
Travel Skincare Tips: छुट्टियों में बहुत से लोग अपने परिवार, दोस्तों के संग हिल स्टेशंस या अन्य पर्यटक स्थलों पर घूमने जाते हैं ताकि नेचर का आनंद ले सकें और शहरों की भाग-दौड़ भरी उबाऊ जिंदगी से राहत मिल सकें। लेकिन इस मौसम में खुले वातवारण में घूमने से पसीने, टैनिंग, त्वचा में जलन, सनबर्न से ब्यूटी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन अगर आप ट्रैवलिंग के दौरान अपने साथ कुछ जरूरी कॉस्मेटिक्स साथ रखेंगी तो आपको अपनी स्किन, बालों के प्रति ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।
अगर आप अपने साथ कुछ जरूरी ब्यूटी प्रोडक्ट्स रखती हैं तो आप इस मौसम में त्वचा को होने वाले नुकसानों से खुद को बचा सकती हैं। इसलिए यहां बताए गए सुझाव से आप अपने ट्रैवल सूटकेस में एक छोटा-सा ब्यूटी बैग भी रख लें और निश्चिंत होकर सैर सपाटे का आनंद लें। इस बैग में क्या कुछ रखें, यहां बता रहे हैं।
फेस वाइप्स
गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी पसीने से होती है। तेज धूप की वजह से ऑयली स्किन पर गंदगी और तेल जम जाता है। इससे चेहरा डल लगता है और मेकअप भी खराब हो जाता है। इसलिए इस मौसम में जब भी आप घूमने जाएं तो अपने साथ फेस वाइप्स जरूर रखें। फेस वाइप्स के द्वारा हाथों-हाथ बिना पानी के चेहरे की त्वचा साफ हो जाती है और चेहरे की नर्व्स में ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। गीले फेस वाइप्स को आप अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग कर सकती हैं। जब आपके पास पानी और फेस वॉश उपलब्ध नहीं हो तो इसे यूज करें। वाइप्स निकालकर चेहरे को पोंछें। इससे आपकी स्किन तुरंत साफ और फ्रेश महसूस लगेगी।
वाटर प्रूफ काजल
अधिकतर महिलाएं अपनी सुंदरता को निखारने के आंखों पर काजल लगाना खूब पसंद करती हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में पसीने से काजल फैलने की समस्या हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए वाटर प्रूफ काजल आपकी मदद कर सकता है। वाटर प्रूफ काजल आंखों पर लंबे समय तक मेंटेन रहता है। इन्हें लगाने से आंखों को परेशानी नहीं होती है और सेंसिटिव आंखों वाली महिलाओं के लिए भी उपयुक्त होता है। जैल आधारित काजल 12 घंटों तक टिका रहता है, जिसे आप ब्रश की मदद से लगा सकती हैं। जहां तक संभव हो तो काजल की पतली लाइन लगाएं। पतली लाइनें कम फैलती हैं, जिससे आपका चेहरा पूरा दिन साफ और सुंदर दिखता है। पतली लाइनें ज्यादा प्राकृतिक दिखती हैं और यात्रा के दौरान मेकअप के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त होती हैं, क्योंकि पतली लाइन को ठीक करना भी आसान होता है।
ग्लिटर
जब भी आप छुट्टियां मनाने के लिए जाती हैं तो अमूमन नाइट पार्टियों में भी जाना पड़ता है। रात के समय नाखूनों के लुक को बेहतर करने के लिए ग्लिटर का प्रयोग करना चाहिए, जिससे आप औरों से बेहतर दिखेंगी। ग्लिटर नाखूनों को एक नया लुक देता है, जिससे साधारण मेनीक्योर भी खास दिखने लगता है। ग्लिटर मेनीक्योर अनेक प्रकार के कस्टमाइजेशन का अवसर प्रदान करता है और विभिन्न साइज, रंगों और फिनिश के साथ आपके सौंदर्य को चार चांद लगा देता है। ग्लिटर कई तरह के नाखूनों और उनकी लंबाई पर बहुत खूबसूरत लगता है। चाहे आपके नाखून छोटे हों या लंबे एक्सटेंशन, ग्लिटर उनकी खूबसूरती को बढ़ा सकता है और उन्हें आकर्षक और सुंदर बना सकता है।
ड्राई शैंपू
यात्रा के दौरान समय की कमी अकसर महसूस होती है और बालों को धोने का कम ही समय मिल पाता है। ऐसे में ड्राई शैंपू काफी मददगार हो सकता है। ड्राई शैंपू पानी रहित उत्पाद है, जिसे बालों को साफ करने के लिए आमतौर पर स्प्रे या पावडर के रूप में उपयोग किया जाता है। इसे सिर की त्वचा पर लगाया जाता है और यह बालों से तेल या सीबम को सोख लेता है, जिससे बाल साफ और तरोताजा दिखते हैं। यदि आपकी स्कैल्प संवेदनशील है तो आपको अल्कोहल आधारित या सुगंधित ड्राई शैंपू से बचना चाहिए। कुछ ड्राई शैंपू अलग-अलग शेड्स में भी आते हैं जोकि आपके बालों की शेड से मैच करते हैं।
(कॉस्मेटोलॉजिस्ट शहनाज हुसैन द्वारा सजेशन पर आधारित)
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