New Bike: डुकाटी ने पेश की नई स्ट्रीट-लीगल एंडयूरो बाइक, जानें प्राइस और फीचर्स
New Bike: प्रीमियम मोटरसाइकिल निर्माता डुकाटी ने अपनी नई एंडयूरो बाइक Ducati Desmo 450 EDS को ग्लोबल लेवल पर पेश कर दिया है। यह कंपनी की पहली स्ट्रीट-लीगल एंडयूरो मोटरसाइकिल है, जिसे पिछले साल लॉन्च की गई Desmo MX मोटोक्रॉस बाइक के प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। नई बाइक को ऑफ-रोड और एडवेंचर राइडिंग के शौकीनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
एंडयूरो राइडिंग के लिए खास डिजाइन
Ducati Desmo 450 EDS में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जो इसे कठिन रास्तों और ऑफ-रोड ट्रैक्स पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करते हैं। कंपनी का दावा है कि यह बाइक एडवेंचर और एंडयूरो राइडिंग के लिए बेहतरीन संतुलन, कंट्रोल और परफॉर्मेंस प्रदान करेगी।
449.6cc का पावरफुल इंजन
नई Ducati Desmo 450 EDS में 449.6cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है। यह इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है, जो बेहतर पावर डिलीवरी और विभिन्न राइडिंग परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। बाइक को हल्का और फुर्तीला बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
फीचर्स की लंबी सूची
डुकाटी ने इस नई एंडयूरो बाइक को कई आधुनिक और प्रीमियम फीचर्स से लैस किया है। इसमें 21-इंच फ्रंट और 18-इंच रियर व्हील, 8.5 लीटर क्षमता का फ्यूल टैंक, नए साइड पैनल, एलईडी लाइटिंग सिस्टम, हैंड गार्ड, इंजन प्रोटेक्टर, क्लच और अल्टरनेटर कवर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा बाइक में दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक, मल्टीपल राइडिंग मोड्स और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसी इलेक्ट्रॉनिक राइडिंग एड्स भी मिलेंगी, जो कठिन रास्तों पर राइडर को बेहतर नियंत्रण प्रदान करेंगी।
भारत में कब होगी लॉन्च?
डुकाटी ने पुष्टि की है कि Desmo 450 EDS को भारतीय बाजार में भी लॉन्च किया जाएगा। कंपनी की योजना इसे 2027 की पहली तिमाही में पेश करने की है। यानी जनवरी से मार्च 2027 के बीच यह मोटरसाइकिल चुनिंदा Ducati डीलरशिप्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकती है।
संभावित कीमत
फिलहाल डुकाटी ने इस बाइक की आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, ऑटो इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार भारतीय बाजार में इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 17 लाख से 20 लाख रुपये के बीच हो सकती है। आधिकारिक लॉन्च के समय कीमत और अन्य जानकारियां सामने आएंगी।
(मंजू कुमारी)
Crash Test: ग्लोबल एनकैप क्रैश टेस्ट में किआ सोनेट फेल, एडल्ट सेफ्टी में सिर्फ 1* रेटिंग
Crash Test: सेफर कार्स फॉर अफ्रीका (Safer Cars for Africa) प्रोग्राम के तहत किए गए ताजा Global NCAP क्रैश टेस्ट में किआ सोनेट (Kia Sonet) को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए सिर्फ 1-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। वहीं, बच्चों की सुरक्षा के मामले में इस कॉम्पैक्ट SUV को 3-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई। टेस्ट किया गया मॉडल भारत में निर्मित था, लेकिन इसे दक्षिण अफ्रीका में बेचे जाने वाले वर्जन के आधार पर आंका गया।
भारतीय और अफ्रीकी मॉडल में बड़ा अंतर
हालांकि यह नतीजा कई ग्राहकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि क्रैश टेस्ट में शामिल दक्षिण अफ्रीकी-स्पेक Kia Sonet और भारत में बिकने वाली Sonet के बीच काफी अंतर है। Kia India वर्तमान में Sonet की पूरी रेंज में 6 एयरबैग्स को स्टैंडर्ड फीचर के रूप में उपलब्ध करा रही है, जबकि टेस्ट किए गए अफ्रीकी मॉडल में सुरक्षा उपकरणों की संख्या सीमित थी।
एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में कमजोर प्रदर्शन
वयस्क यात्रियों की सुरक्षा के परीक्षण में Kia Sonet ने 34 में से 21.29 अंक हासिल किए, जिसके आधार पर इसे 1-स्टार रेटिंग दी गई। फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में SUV को 16 में से 9 अंक मिले। रिपोर्ट के अनुसार, ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों के घुटनों की सुरक्षा संतोषजनक नहीं रही, क्योंकि टक्कर के दौरान उनके डैशबोर्ड के पीछे मौजूद कठोर हिस्सों से टकराने की आशंका पाई गई।
बॉडीशेल और फुटवेल को बताया गया अस्थिर
Global NCAP ने अपने मूल्यांकन में बताया कि Sonet का फुटवेल एरिया और बॉडीशेल दोनों अस्थिर पाए गए। संगठन के अनुसार, वाहन की संरचना अतिरिक्त भार या अधिक गंभीर टक्कर की स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) तकनीकी मानकों को पूरा करता है, लेकिन इसे सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इसके अलावा, सीट-बेल्ट रिमाइंडर सिस्टम केवल ड्राइवर सीट के लिए ही Global NCAP की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
बच्चों की सुरक्षा में मिला 3-स्टार स्कोर
दो एयरबैग वाले इस वर्जन को चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन टेस्ट में 49 में से 28.57 अंक मिले, जिसके चलते इसे 3-स्टार रेटिंग दी गई। परीक्षण के दौरान 18 महीने और 3 साल के बच्चों की डमी को ISOFIX एंकरेज और सपोर्ट लेग के साथ रियर-फेसिंग चाइल्ड सीट में स्थापित किया गया था।
फ्रंटल क्रैश टेस्ट में दोनों डमी को 8 में से पूरे 8 अंक मिले, जबकि साइड इम्पैक्ट टेस्ट में भी 4 में से पूरे 4 अंक हासिल हुए, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक परिणाम माना गया।
किन कारणों से कटे अंक?
चाइल्ड सेफ्टी टेस्ट में Sonet के कुछ अंक इसलिए कटे क्योंकि पिछली सीट के बीच वाले हिस्से में केवल लैप सीटबेल्ट दी गई है, जबकि चाइल्ड रिस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) के लिए बेहतर सुरक्षा हेतु 3-पॉइंट सीटबेल्ट की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, फ्रंट पैसेंजर एयरबैग को बंद करने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं है। यह फीचर आगे की सीट पर चाइल्ड सीट लगाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके अभाव में वाहन को अतिरिक्त अंक नहीं मिल सके।
(मंजू कुमारी)
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