सूर्यकुमार यादव को न केवल भारत की टी20 टीम की कप्तानी से हटाया गया, बल्कि उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। खास बात यह है कि यह फैसला उस खिलाड़ी के लिए आया जिसने महज तीन महीने पहले भारत को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब दिलाने में कप्तान के रूप में अहम भूमिका निभाई थी।
गौरतलब है कि पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन पहले जैसा प्रभावशाली नहीं रहा था। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया। हालांकि उनके हालिया प्रदर्शन पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन भारतीय टी20 क्रिकेट पर उनके प्रभाव को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
बता दें कि सूर्यकुमार यादव ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस समय भारतीय टीम की बल्लेबाजी शैली आज की तुलना में काफी अलग थी। टीम में रोहित शर्मा, केएल राहुल और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज मौजूद थे, जो लगातार रन बनाने में माहिर थे, लेकिन आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट लगाने की संस्कृति उतनी मजबूत नहीं थी जितनी आज दिखाई देती है।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार मार्च 2021 से जून 2024 के बीच सूर्यकुमार यादव भारत के सबसे प्रभावशाली टी20 बल्लेबाजों में शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने 2,340 रन बनाए और उनका प्रहार दर 167 से अधिक रहा। उन्होंने केवल तेजी से रन नहीं बनाए, बल्कि लगातार बड़े शॉट लगाकर विपक्षी टीमों पर दबाव भी बनाया। इस अवधि में वह हर 10.49 गेंद पर एक छक्का लगाने में सफल रहे, जो भारतीय बल्लेबाजों में सबसे बेहतर आंकड़ों में शामिल था।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 और 2023 सूर्यकुमार यादव के करियर के स्वर्णिम साल रहे। वर्ष 2022 में उन्होंने 1,158 रन बनाए और उनका प्रहार दर 187 रहा। इसके बाद 2023 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। इसी वजह से उन्हें लगातार दो वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टी20 खिलाड़ी चुना गया था। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, सूर्यकुमार यादव ने कप्तान के रूप में भी भारतीय टीम की सोच बदली। रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद जब उन्होंने टीम की कमान संभाली तो उन्होंने अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे आक्रामक खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी। परिणाम यह हुआ कि भारत दुनिया की सबसे खतरनाक टी20 टीमों में शामिल हो गया।
बता दें कि आज भारतीय टीम में कई ऐसे बल्लेबाज हैं जो शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं। अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों ने लगातार आक्रामक क्रिकेट खेलकर नई पहचान बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव में सूर्यकुमार यादव की सोच और प्रभाव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हालांकि फिलहाल वह भारतीय टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनके योगदान को केवल आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता है। 3,272 रन, 25 अर्धशतक, चार शतक, दो टी20 विश्व कप खिताब और कप्तान के रूप में द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में अपराजित रिकॉर्ड उनकी उपलब्धियों की कहानी बताते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने भारतीय टी20 क्रिकेट को एक नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। यही कारण है कि भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय सफर आगे बढ़े या नहीं, भारतीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में सूर्यकुमार यादव का नाम हमेशा एक बदलाव के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
Wed, 10 Jun 2026 21:14:09 +0530