पाकिस्तान आर्मी का MI-17 हुआ हादसे का शिकार, सवार सभी कर्मियों की मौत
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल इस इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया है. एक बड़ा सैन्य विमानन क्रैश होने की जानकारी मिली है. पाकिस्तानी सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, हादसे की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है. खास बात यह है कि इस हादसे में विमान में सवार सभी कर्मियों की मौत हो गई है.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हेलीकॉप्टर में सवार सभी सैन्यकर्मियों की दुर्घटना में मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि हादसा इतना गंभीर था कि किसी के भी जीवित बचने की सूचना नहीं मिली है. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया.
#ISPR Rawalpindi | 10 June 2026
— Aisha Ali (@CaptAisha) June 10, 2026
???????? Pakistan Army Aviation Mi-17 helicopter crashed near Muzaffarabad today during take-off due to a technical fault.
All personnel on board embraced Shahadat. There were no survivors.
Rescue and recovery teams immediately reached the crash site.… pic.twitter.com/VRjoUPrG8W
जांच के आदेश, तकनीकी खामी पर फोकस
पाकिस्तानी सेना ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. शुरुआती रिपोर्ट में यांत्रिक खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य हेलीकॉप्टरों में तकनीकी निरीक्षण और नियमित रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि दुर्घटना किसी अचानक तकनीकी विफलता का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद था.
क्या है एमआई-17 हेलीकॉप्टर?
एमआई-17 दुनिया के सबसे भरोसेमंद और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले सैन्य हेलीकॉप्टरों में गिना जाता है. इसका निर्माण रूस द्वारा किया गया है और इसे प्रसिद्ध मिल मॉस्को हेलीकॉप्टर प्लांट ने विकसित किया था. यह हेलीकॉप्टर एमआई-8 श्रृंखला का उन्नत संस्करण माना जाता है. अपनी मजबूत क्षमता, बहुउद्देश्यीय उपयोग और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन की वजह से इसे कई देशों की सेनाएं इस्तेमाल करती हैं.
सैनिकों और भारी सामान के परिवहन में सक्षम
एमआई-17 हेलीकॉप्टर का उपयोग सैनिकों के परिवहन, राहत एवं बचाव अभियान, चिकित्सा निकासी और सैन्य रसद पहुंचाने जैसे कार्यों में किया जाता है. यह एक बार में लगभग 30 सैनिकों को ले जाने की क्षमता रखता है. इसके अलावा इसमें 12 स्ट्रेचर तक लगाए जा सकते हैं, जिससे यह आपदा और आपातकालीन चिकित्सा अभियानों में भी उपयोगी साबित होता है. हेलीकॉप्टर लगभग 4,000 किलोग्राम तक कार्गो ले जा सकता है, जबकि बाहरी स्लिंग सिस्टम के जरिए करीब 3 टन अतिरिक्त भार भी ढो सकता है.
सैन्य विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई देशों में सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें तकनीकी खराबी प्रमुख कारणों में शामिल रही है. मुजफ्फराबाद के पास हुआ यह हादसा न केवल पाकिस्तान सेना के लिए बड़ा झटका है, बल्कि यह सैन्य विमानों की सुरक्षा और रखरखाव प्रक्रियाओं की समीक्षा की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है. अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी.
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