बिहार के 123 दलित छात्रों का विदेश जाने का अवसर, करोड़ों खर्च करेगी सरकार
Bihar News: बिहार में अनुसूचित जाति के होनहार छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और आसान होने जा रही है. राज्य के जो प्रतिभावान युवा पैसों की तंगी के कारण विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना पूरा नहीं कर पाते थे, उनके लिए सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है. बिहार सरकार में अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने घोषणा की है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर दलितों के सर्वांगीण विकास के लिए कई बड़ी योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में अब राज्य के अनुसूचित जाति के 123 विद्यार्थियों को पीजी और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश भेजा जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि इस पढ़ाई के लिए प्रत्येक विद्यार्थी पर चाहे एक करोड़ रुपए तक का भी खर्च आए, उसे सरकार खुद वहन करेगी.
पूर्ववर्ती छात्रों के सम्मान समारोह में बड़ी घोषणा
यह महत्वपूर्ण एलान पटना के महेंद्रू स्थित अंबेडकर कल्याण छात्रावास परिसर में आयोजित पूर्ववर्ती दलित छात्रों के सम्मान समारोह के दौरान किया गया. इस कार्यक्रम में मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. उन्होंने छात्रावास में रहकर कठिन संघर्षों के बल पर सफलता हासिल करने वाले कई पूर्ववर्ती छात्रों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. मंत्री ने कहा कि आज इस समाज के युवा अपनी शिक्षा और काबिलियत के दम पर विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी विभागों में बड़े पदों पर काम कर रहे हैं, जो पूरे समाज के लिए गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह चाबी है जिससे तरक्की के सारे बंद दरवाजे खोले जा सकते हैं.
बाबा साहब के पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को याद किया. उन्होंने कहा कि एक समय था जब बाबा साहब ने तमाम विपरीत परिस्थितियों और सामाजिक भेदभाव का सामना करते हुए विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण की थी. वहां से लौटने के बाद उन्होंने देश को एक महान संविधान दिया जिसने करोड़ों वंचितों को जीने का अधिकार और सम्मान दिया. मंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि ठीक उसी तरह आज के दलित विद्यार्थियों को भी अच्छी और उच्च शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए ताकि वे देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकें. सरकार का लक्ष्य है कि पैसों की कमी किसी भी होनहार छात्र के रास्ते का रोड़ा न बने.
हर प्रखंड में बनेगा अंबेडकर छात्रावास
बिहार के छात्रों को रहने और पढ़ाई करने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. मंत्री ने कार्यक्रम के मंच से घोषणा की कि बिहार के सभी प्रखंडों में अंबेडकर छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक अंबेडकर आवासीय विद्यालय खोला जाएगा. इस पूरी योजना पर विभाग की तरफ से तेजी से काम चल रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों के गरीब बच्चों को भी अपने ही क्षेत्र में रहकर बेहतर शिक्षा और रहने की उत्तम व्यवस्था मिल सके. सरकार लगातार ऐसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है.
छात्रों ने रखी डिजिटल लाइब्रेरी की मांग
इस विशेष मौके पर मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने छात्रावास में रह रहे वर्तमान छात्रों से भी सीधे बातचीत की. उन्होंने छात्रों से संवाद कर छात्रावास में मिलने वाले भोजन, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली. बातचीत के दौरान छात्रावास के छात्र नायक पवन कुमार और छात्र नेता अमर आजाद ने मंत्री के सामने अपनी कुछ प्रमुख मांगें रखीं. छात्रों ने मांग की कि आधुनिक दौर की पढ़ाई के लिए छात्रावास परिसर के अंदर एक सर्वसुविधायुक्त डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था कराई जाए ताकि वे ऑनलाइन पढ़ाई और रिसर्च कर सकें. मंत्री ने छात्रों की मांगों को ध्यान से सुना और इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया.
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
महेंद्रू के इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के कई प्रबुद्ध वर्ग और युवा नेताओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में पिंटू मांझी, मंजीत कुमार, पवन कुमार और सन्नी पासवान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके साथ ही सुधीर रजक, मुकेश पासवान, बादल कुमार, सूरज पासवान और गोलू पासवान समेत भारी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग उपस्थित रहे. सभी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि विदेश में पढ़ाई की यह योजना दलित समाज के युवाओं के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी.
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19 की उम्र में घर से भागकर की शादी, टूटा रिश्ता, दूसरी शादी भी नहीं चली, अब राम चरण की बहन ने बयां किया दर्द
Srija Konidela Marriage Heartbreaking Story: साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार चिरंजीवी की बेटी और एक्टर राम चरण (Ram Charan) की बहन श्रीजा कोनिडेला (Srija Konidela) अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल लाइफ की परेशानियों को लेकर खुलकर बात है. उन्होंने एक पोस्ट के जरिए रिलेशन में आए उतार-चढ़ाव, डाइवोर्स और मेंटल स्ट्रगल को अपनी दुख बयां किया. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह खुद को पूरी तरह दर्द और फेलियर से जोड़कर देखने लगी थीं, लेकिन अब उन्होंने उस सोच से बाहर निकलने का फैसला कर लिया है.
श्रीजा ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर क्या बताया
हाल ही में श्रीजा कोनिडेला ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने मेंटल स्ट्रगल के साथ-साथ सेल्फ डिस्कवरी के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जब वह मेंटली स्ट्रगल कर रही थी तब उन्होंने एक सेल्फ-डेवलपमेंट ग्रुप में शामिल हो गई. इससे वह करीब 15 महीने जुड़ी रहीं. इससे उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया.
वीडियो में श्रीजा ने माना किया कि लंबे समय तक वह खुद से यही सवाल पूछती रहीं कि आखिर उन्हें इतने चैलेंज का सामना क्यों करना पड़ा रहा है. उन्हें लगता था कि लाइफ बार-बार उनकी परीक्षा ले रही है. उन्होंने कहा कि वह अक्सर यह सोचती थीं कि उन्होंने ऐसा क्या कर दिया है कि जिसकी वजह से उन्हें लगातार दुख-दर्ज और परेशानियों का समना करना पड़ रहा है. उन्होंने आगे बताया कि टाइम के साथ उन्हें एहसास होने लगा था कि लाइफ में परेशानियों से लड़ने की ताकत किसी और के पास नहीं बल्कि खुद उनके हाथ में हैं. इसी सोच के साथ वह आगे बढ़ीं. जिससे उन्हें इन परेशानियों से लड़ने में मदद मिली.
श्रीजा कोनिडेला ने 19 साल की उम्र में की भागकर शादी
श्रीजा कोनिडेला की पर्सनल लाइफ की कई बार चर्चा में रही है. उन्होंने साल 2007 में 19 साल की उम्र में अपने बॉयफ्रेंड शिरीष भारद्वाज के साथ भागकर शादी की थी. इन दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में परिवार को बता बिना शादी कर ली थी. उस समय इस मामले ने बहुत सुर्खियां बटोरी थी. शादी के एक साल बाद 2008 में ये कपल एक बेटी के माता-पिता बना. हालांकि शादी की शुरुआत में सब कुछ ठाक रहा. लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरने लगे, उनके रिलेशन में दिक्कतें आना शुरू हो गईं और श्रीजा ने अपने पति और ससुराल वालों पर टॉर्चर करने का आरोल लगा दिया था. इसके बाद 2014 में दोनों ने तलाक ले लिया. श्रीजा से तलाक के बाद शिरीष भारद्वाज ने पॉलिटिक्स में कदम रखा और बाद में दूसरी शादी भी की. साल 2019 में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था.
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श्रीजा ने 2016 में की थी दूसरी शादी
श्रीजा ने शिरीष भारद्वाज से तलाक लेने के बाद बाद दूसरी शादी की. साल 2016 में उन्होंने एक्टर कल्याण देव से शादी की. जानकारी के अनुसार, कल्याण उनके बचपन के फ्रेंड भी बताए जाते हैं. हालांकि यह शादी फैमिली की रजामंदी से हुई थी. पहली शादी की तरह शुरुआत में दोनों के बीच सबकुछ नॉर्मल था. लेकिन कुछ साल बाद दोनों के रिलेशन में दरार की खबरें सामने आने लगीं. इसके बाद साल 2022 मेंं दोनों के अलग होने की खबर आने लगीं. इसके बाद कल्याण देव ने सोशल मीडिया के जरिए तलाक की पुष्टि कर दी. इस तरह श्रीजा की बदकिस्मती से दूसरी शादी भी कामयाब नहीं हो सकी. जब श्रीजा की बार-बार शादी टूटने लगी इससे वह बहुत परेशान हो गई और मेंटली डिस्टर्ब रहने लगीं.
कौन हैं श्रीजा कोनिडेला?
श्रीजा कोनिडेला इंडस्ट्री के सुपरस्टार चिरंजीवी की सबसे छोटी बेटी और ग्लोबल स्टार राम चरण की बहन हैं. उनका जन्म 1988 में हुआ था. श्रीजा अपने पिता और भाई की तरह फिल्मी दुनिया से दूर रहती हैं. हालांकि, वह अपनी पर्सनल लाइफ और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालिया वीडियो के जरिए श्रीजा ने यह साफ किया कि उन्होंने बीते सालों में जो दुख-दर्द झेला था, उससे निकल चुकी हैं. इसके साथ वही वह अपनी लाइफ को नए नजरिए से देख रही हैं.
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