Jharkhand Government: हेमंत सोरेन का बड़ा लक्ष्य, 2028 तक हर ग्रामीण घर में नल से पहुंचेगा शुद्ध पानी
Jharkhand Government: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार (9 जून) को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभाग के सचिव अबू इमरान समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में राज्य में पेयजल योजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई.
दिसंबर 2028 तक हर घर में नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए और राज्य के हर ग्रामीण घर तक पाइपलाइन और नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए. अधिकारियों ने बताया कि विभाग का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल संकट की संभावना है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए. जहां पानी की समस्या सामने आए, वहां तुरंत कार्रवाई कर लोगों को राहत दी जाए.
योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
हेमंत सोरेन ने निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बड़ी परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए. इसमें रोजाना काम की प्रगति की जानकारी साझा की जाए और उसकी लगातार निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि पेयजल विभाग की योजनाएं लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा जाए. सरकार की कोशिश है कि हर घर तक सुरक्षित और साफ पानी पहुंचे.
आज पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश दिए-
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 9, 2026
- जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से हर घर तक नल से जल पहुंचाने का काम करें।
- पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर समाधान सुनिश्चित करें। pic.twitter.com/pM4UcoxCTl
आंगनबाड़ी केंद्रों तक भी पहुंचे शुद्ध पानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी बेहतर पेयजल सुविधाएं मिलनी चाहिए.
जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को लेकर भी विशेष निर्देश दिए. उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और भू-जल स्तर बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने को कहा. साथ ही लोगों को जल बचाने के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने भू-जल स्तर गिरने के कारण बंद पड़े चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने का सुझाव दिया, ताकि वर्षा जल को जमीन में पहुंचाकर जल स्तर बढ़ाया जा सके.
- जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर सभी नागरिकों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाए।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 9, 2026
- प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाने तथा बेहतर कार्य करने वाले गांवों को प्रोत्साहित करें। pic.twitter.com/ODpFoE1eiH
प्लास्टिक मुक्त गांवों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने जल गुणवत्ता को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि शुद्ध पेयजल हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले लोगों व समूहों को सरकार की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत करने का भी निर्देश दिया.
यह भी पढ़ें- Jharkhand Government: युवाओं को रोजगार और श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश



IBC24
News Nation




















