कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई के 'मेन हैंडलर' का मर्डर, पुलिस ने की पुष्टि; रोहित गोदारा ने ली हत्या की जिम्मेदारी
कनाडा में बीते महीने मारा गया शख्स लॉरेंस बिश्नोई का मेन हैंडलर था, कनाडा पुलिस ने की पुष्टि.
दिल्ली के अस्पताल में बड़ा घोटाला, दवाओं-मेडिकल उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी
Delhi News: दिल्ली में सरकारी अस्पतालों को दी जाने वाली दवाइयां और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है. इस पूरे मामले का भंडाफोड हुआ है, जिसमें 650 करोड़ के उत्पाद शामिल है. दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी में हुए इस घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है. उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशानुसार, एसीबी ने भ्रष्टाचार अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज की है.
बता दें कि शुरुआती जांचों में सरकारी अस्पतालों के लिए भेजी जाने वाली दवाओं, मेडिकल उपकरणों, मरीजों के लिए चादर और X-Ray मशीनों के साथ एनेस्थीसिया से जुड़े डिवाइसों की खरीद में गड़बड़ी की गई थी.
क्या है आरोप?
इस मामले में आरोप पाया गया है कि कई चीजों को जानबूझकर बाजार की सामान्य दरों से अधिक कीमतों पर खरीदा गया था. इससे सरकारी खातों को करोड़ों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ा है. अधिकारियों पर खरीद व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर मनमाने तरीके से टेंडर जारी करने के आरोप भी लगाए गए है.
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कहां गायब हो गई फाइलें?
दवाओं के इस सनसनीखेज घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब विजिलेंस विभाग की टीमों ने इस खरीद से जुड़े दफ्तरों पर छापेमारी की. इसमें कई जरूरी टेंडरों से जुड़ी फाइलें गायब थी. जांच टीम ने खुलासा किया कि संदिग्ध अधिकारियों के लॉकर खुलवाए गए तो उसमें भी कुछ नहीं मिला. कुछ अफसरों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपनी पसंद से लोगों को पसंद के पद पर नियुक्त किया ताकि इस पूरे रैकेट का काम सुचारु रूप से हो सके. इसके अलावा, ऐसे कई टेंडरों का काम तेजी से पूरा हुआ, जो लंबे समय तक अटके हुए थे. इस वजह से भी मामला और गहरा गया है.
निलंबित हुई दिल्ली की पूर्व महानिदेशक
दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉक्टर वत्सला अग्रवाल को पद से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन आदेश के बाद कार्रवाई के लिए उनका मुख्यालय दिल्ली ही रहेगा. इसलिए, वे लिखित अनुमति के बिना दिल्ली छोड़कर नहीं जा सकती है. नियमों के तहत उन्हें इस दौरान सस्पेंशन अलाउंस दिया जाएगा. इस भत्ते को प्राप्त करने के लिए उन्हें प्रमाणपत्र देना होगा कि वे निलंबन के दौरान किसी भी अन्य व्यापार, नौकरी या पेशे से कोई लाभ या वेतन नहीं कमा रही हैं.
40 डॉक्टरों और अफसरों का तबादला
दवा घोटाले की गंभीरता से जांच हो रही है. प्रशासन ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ-साथ करीब 40 डॉक्टरों और अफसरों का ट्रांसफर हुआ है. एसीबी की टीम एक्शन मोड पर हैं और संदिग्ध अफसरों तथा डॉक्टरों से पूछताछ कर रही है.
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