Independence Day Weather: 15 अगस्त पर लाल किले पर बारिश का साया; सुबह 5:30 से 11:30 बजे तक 4 से 6 मिमी बारिश के आसार
देशभर में 15 अगस्त को 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम की अनिश्चितता ने सुरक्षा एजेंसियों और आयोजकों की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किला और आसपास के इलाकों में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर कई दौर की हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
मुख्य समारोह और वीवीआईपी संबोधन के दौरान बारिश के ज्यादा आसार
मौसम विभाग के तीन घंटे के अंतराल वाले विशेष पूर्वानुमान के मुताबिक, सबसे अहम समय यानी सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच बारिश की संभावना 80 प्रतिशत तक है। यही वह समय होता है जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इस दौरान 4 से 6 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है।
इसके अलावा, सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे के बीच भी 70 प्रतिशत संभावना के साथ इसी तरह की हल्की बारिश हो सकती है, जो अतिथियों के आगमन और तैयारियों का अहम समय होता है।
दिनभर कैसा रहेगा मौसम का मिजाज और बारिश का गणित
आईएमडी के अनुसार, दोपहर के बाद भी मौसम में नमी और बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बीच 1 से 2 मिलीमीटर बारिश की 75 प्रतिशत संभावना रहेगी, जबकि दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच यह घटकर 50 प्रतिशत और शाम 5:30 से रात 8:30 के बीच 25 प्रतिशत रह जाएगी। हालांकि, रात 8:30 से 11:30 बजे के दौरान एक बार फिर 70 प्रतिशत संभावना के साथ 3 से 4 मिलीमीटर हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
सुरक्षा बलों और आयोजन समिति के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी
लाल किले पर राष्ट्रीय पर्व के दौरान हजारों की संख्या में गणमान्य अतिथि, स्कूली बच्चे और आम नागरिक पहुंचते हैं। हल्की बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए मंच, वीआईपी दीर्घाओं, दर्शक दीर्घा और परेड मार्ग पर विशेष वाटरप्रूफ कवरिंग, अस्थायी शेड और पानी की तत्काल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों और नगर निगम की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि कार्यक्रम के सुचारू संचालन में कोई बाधा न आए।
नागरिकों और दर्शकों के लिए मौसम विभाग की विशेष सलाह
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि लगातार मूसलाधार या भारी बारिश की आशंका नहीं है, बल्कि बहुत हल्की से हल्की फुहारें पड़ेंगी जिससे तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना बना रहेगा। समारोह में भाग लेने वाले नागरिकों और दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें और एहतियात के तौर पर अपने साथ छाता या रेनकोट अवश्य रखें।
Masoud Pezeshkian India Visit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का भारत दौरा तय; दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान अगले महीने भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। वह नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति की इस यात्रा की पुष्टि कर दी है। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है, और इस वैश्विक मंच के जरिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच बेहद अहम दौरा
राष्ट्रपति पेजेशकियान का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में गंभीर भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। इससे पहले जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंथन किया गया था। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह तनाव कम करने की दिशा में भारत की किसी भी रचनात्मक और मध्यस्थ भूमिका का स्वागत करेगा।
पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता और चाबहार पोर्ट पर फोकस
शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों को प्रगाढ़ करने और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, विशेष रूप से रणनीतिक चाबहार बंदरगाह के विकास व उपयोग में तेजी लाने पर सहमति जताई थी। इस आगामी बैठक में भी चाबहार और द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार पर ठोस प्रगति की संभावना है।
ब्रिक्स के जरिए आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी मजबूत करने की रणनीति
ईरान वर्ष 2024 में आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स का पूर्णकालिक सदस्य बना था। इसके बाद से ही तेहरान इस मंच के माध्यम से आर्थिक, व्यापारिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है। हाल ही में जून महीने में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत पहुंचे थे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग और कूटनीतिक संवाद पर बल दिया था। पेजेशकियान की इस यात्रा से ब्रिक्स मंच पर भारत और ईरान के बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
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