जापान में भारी बारिश ने मचाई तबाही, बाढ़ से 6 लोगों की मौत
पूर्वी जापान में गुरुवार से शुक्रवार सुबह तक हुई भारी बारिश के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई इलाकों में बाढ़ आ गई. खराब होते मौसम के बीच अधिकारियों के अलर्ट पर रहने के दौरान जापान की मौसम एजेंसी ने टोक्यो के पास चिबा प्रांत की एक-तिहाई से अधिक नगरपालिकाओं के लिए भारी बारिश की सबसे ऊंची 'लेवल 5' की चेतावनी जारी की.
जापान की क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने बताया कि इचिकावा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है. वहीं, साकुरा में पानी से भरी सड़क पर एक कार में फंसी 66 वर्षीय महिला की भी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि चिबा प्रीफेक्चर में पानी से भरी सड़क पर एक व्यक्ति बेसुध हालत में मिला और बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई. साथ ही, साकुरा में गिरे हुए मिले एक व्यक्ति की भी मौत हो गई. चिबा प्रीफेक्चरल पुलिस ने बाद में दो लोगों की मौत की पुष्टि की.
बारिश की वजह से ट्रांसपोर्टेशन बाधित
रिपोर्ट के मुताबिक, चिबा और टोक्यो के कई हिस्सों में बारिश की वजह से ट्रांसपोर्टेशन बाधित हुआ, जिससे यात्री सड़कों पर फंस गए. प्रीफेक्चर में एक सरकारी इमारत को फंसे हुए यात्रियों के लिए खोला गया था, जहां लगभग 1,800 लोग जमा हुए.
चिबा, इचिकावा और दूसरी नगरपालिकाओं के अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षा उपाय करने को कहा, क्योंकि पूरे इलाके में बाढ़ आ गई थी और सड़कों पर ट्रैफिक जाम लग गया था. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने गुरुवार को चिबा और इचिहारा समेत इलाके की कई जगहों के लिए लेवल 5 की चेतावनी जारी की थी. हालांकि, शुक्रवार सुबह सभी चेतावनियों का स्तर कम कर दिया गया.
4,00,000 से ज़्यादा लोगों के लिए सुरक्षित जगहों पर जाने के आदेश
फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के मुताबिक, चिबा और इबाराकी इलाकों में 4,00,000 से ज़्यादा लोगों के लिए सुरक्षित जगहों पर जाने के आदेश जारी किए गए थे. एजेंसी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे (स्थानीय समय) तक चिबा इलाके में करीब 1,02,600 लोगों के लिए सुरक्षित जगहों पर जाने के आदेश लागू थे. क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट ऑफिस ने बताया कि चिबा, इबाराकी, सैतामा और गुन्मा इलाकों में 200 से अधिक राहत केंद्र बनाए गए थे. टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्स इंक की सब्सिडियरी के मुताबिक, एक समय पर चिबा इलाके में करीब 45,000 घरों में बिजली चली गई थी.
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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समय रैना को इंडिया गॉट लेटेंट मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, FIR रद्द करने का दिया निर्देश
कॉमेडियन समय रैना को ‘इंडिया गॉट लेटेंट’ मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और संबंधित एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है. यह मामला दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़ा था.
सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की आपराधिक कार्यवाही
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी. पीठ में जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे.
Supreme Court quashes all FIRs against comedian Samay Raina and four others over the controversial and insensitive remarks concerning persons with disabilities made on India’s Got Latent.
— ANI (@ANI) August 14, 2026
Supreme Court took note of their compliance with its earlier directions, and conducting…
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिवादी 6 से 10 यानी संबंधित आरोपी कॉमेडियन से जुड़ा मामला बंद किया जाता है. उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही और उससे संबंधित अन्य सभी कार्यवाहियां भी रद्द कर दी गई हैं.
समय रैना समेत इन लोगों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर, जिन्हें सोनाली आदित्य देसाई के नाम से भी जाना जाता है और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है.
इन सभी के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मामलों को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी. सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद आरोपियों को इस मामले में बड़ी राहत मिली है.
क्या है इंडिया गॉट लेटेंट विवाद?
‘इंडिया गॉट लेटेंट’ एक ऑनलाइन कॉमेडी और मनोरंजन शो था, जिसमें प्रतिभागियों और मेहमानों के बीच बातचीत तथा हास्य से जुड़े कंटेंट प्रस्तुत किए जाते थे. शो के एक एपिसोड के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों से संबंधित कथित असंवेदनशील टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था.
इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गई थीं. मामले ने सोशल मीडिया के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी काफी ध्यान आकर्षित किया.
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कोर्ट के निर्देशों का किया पालन
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर गौर किया कि समय रैना और अन्य आरोपियों ने अदालत के पहले दिए गए निर्देशों का पालन किया है. आरोपियों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और उनके कल्याण के लिए फंड जुटाने की दिशा में भी प्रयास किए गए.
अदालत ने इन प्रयासों को सकारात्मक रूप से देखा और माना कि आरोपियों ने अपने व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी के स्तर पर सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं.
कोर्ट ने समय रैना और अन्य की कोशिशों की तारीफ की
पीठ ने समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर द्वारा दिव्यांग लोगों के लिए किए गए कार्यक्रमों और प्रयासों की सराहना की.
अदालत ने कहा कि जब सच्ची कोशिशें की जाती हैं, तो उनके अच्छे परिणाम सामने आते हैं. पीठ ने आरोपियों को होनहार युवा बताते हुए उम्मीद जताई कि यदि वे सही दिशा में आगे बढ़ते हैं तो भविष्य में परिणाम भी सकारात्मक होंगे.
व्यापक मुद्दों पर सुनवाई जारी रहेगी
हालांकि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विचार जारी रखने का फैसला किया है.
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