Responsive Scrollable Menu

Harbhajan Singh का दावा, Vaibhav Suryavanshi पर आक्रामक गेंदबाजी ही एकमात्र तरीका

भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का बेखौफ आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेजोड़ है और इस 15 वर्षीय बल्लेबाज को रोकने के लिए किसी भी गेंदबाज को आक्रामक रुख अपनाना होगा क्योंकि उसे बांधकर रखना कोई विकल्प नहीं है। हरभजन का मानना है कि कम उम्र और सीमित अनुभव के बावजूद सूर्यवंशी गेंदबाज के मन में संदेह पैदा करने की क्षमता रखते हैं। हरभजन ने पीटीआई को दिए पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी असाधारण हैं।

वह एक अलग तरह का खिलाड़ी है। मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा जो 14-15 साल की उम्र में ही दुनिया पर दबदबा बना सके।’’ राजस्थान रॉयल्स की ओर से 2025 में 14 साल की उम्र में पदार्पण करने के साथ ही सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद में शतक जड़कर पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया।

इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार!

उनका शानदार सफर इस साल भी जारी रहा और वह 15 साल 99 दिन की उम्र में ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ खेलकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंद में 175 रन की पारी खेली थी जो टूर्नामेंट के फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और भारत ने खिताब अपने नाम किया।

इस साल के आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस की पहली ही गेंदों पर छक्के लगाकर उनका शानदार अंदाज में स्वागत किया था। हरभजन ने कहा, ‘‘जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उसे गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो वे असल में यह सोच रहे होते हैं कि गेंद कहां डालनी है। यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।’’ यह पूछे जाने पर कि ऐसे बल्लेबाज को कैसे गेंदबाजी की जाए जो गेंदबाज के नाम, मौके या क्षेत्ररक्षण से प्रभावित होने से इनकार करता हो, हरभजन ने कहा, “बचे रहने का एकमात्र तरीका है कि उस पर आक्रमण करें।

इसे भी पढ़ें: IPL Update: Ashwin ने CSK के Coach के लिए लिया Eoin Morgan का नाम, MS Dhoni तय करेंगे भविष्य की रणनीति

आप उस पर आक्रमण करें और उसका विकेट लें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह हर बार काम नहीं करेगा। कई बार आप बुरी तरह पिट भी सकते हैं। वह छक्के लगा सकता है।

लेकिन यह खेल का हिस्सा है। आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा खिलाड़ी है।’’ पावरप्ले में सूर्यवंशी को गेंदबाजी करने की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर इस पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा, ‘‘मैं उसके हिसाब से क्षेत्ररक्षण नहीं लगाऊंगा। मैं अपने हिसाब से क्षेत्ररक्षण लगाऊंगा।

इसे भी पढ़ें: Hardik Pandya MI Exit? खराब प्रदर्शन के बाद IPL Trade Market में भारी डिमांड, KKR बना सबसे बड़ा दावेदार

अगर मैं बचने के लिए गेंदबाजी करूंगा तो मैं उसे आउट नहीं कर पाऊंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप उसके खिलाफ आक्रमण करें और उसका विकेट लें। आपको सफलता मिल सकती है या नहीं भी मिल सकती। यह केवल समय की बात है।

आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा है।’’ हरभजन ने कहा, ‘‘लेकिन फिर भी अगली गेंद का मकसद उसे आउट करने का तरीका तलाशना होना चाहिए।

Continue reading on the app

Harbhajan Singh ने सफलता का श्रेय ईश्वर को दिया, बायोपिक में Vicky Kaushal को चुना

भारत के लिए 400 से अधिक टेस्ट विकेट, टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने जैसी उपलब्धियां भले ही उनकी हों लेकिन हरभजन सिंह इन सभी का श्रेय ईश्वर को देते हैं। हरभजन ने अपनी दो दशक से अधिक लंबी क्रिकेट यात्रा में मैदान पर हासिल की गई उपलब्धियों से कहीं अधिक विनम्रता दिखाते हुए कहा, ‘‘करने कराने वाला तो ऊपर वाला है, उसकी रजा से हो रहा है। उसकी मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता।’’ पीटीआई के साथ पॉडकास्ट साक्षात्कार में 46 वर्षीय हरभजन ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी क्रिकेट उपलब्धियों के कारण खुद को महत्वपूर्ण मानने में विश्वास नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम जीवन में कुछ बन जाते हैं तो यह मानने लगते हैं कि हमने कुछ किया है, लेकिन जो कुछ होता है वह ईश्वर की इच्छा होती है।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जीवन के प्रति अपने नजरिये को व्यक्त करने वाला उर्दू का एक शेर लिखा है जिसे वह पीटीआई के माध्यम से पहली बार सार्वजनिक कर रहे हैं। कुछ देर रुकने के बाद हरभजन ने शेर पढ़ा, ‘‘ये कितना बड़ा वहम था कि मैं अहम था। ओ खुदा के बंदे, उस वाहेगुरु का शुक्र कर, ये तो उसका तेरे ऊपर रहम था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इन उपलब्धियों के लिए मैं चुना हुआ था, चाहे वह 100 टेस्ट खेलना हो या टेस्ट में हैट्रिक लेने वाला पहला भारतीय बनना।

इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार!

यह उस ईश्वर की इच्छा थी जो पूरी हुई। उसकी रजा थी।’’ जालंधर के इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि अगर उनके माता-पिता और बहनों ने त्याग नहीं किया होता तो वह अपने करियर में यहां तक नहीं पहुंच पाते। उनके पिता सरदार सरदेव सिंह छोटे कारोबारी थे और 2000 में उनका निधन हो गया।

उनकी मां अवतार कौर ने पांच बेटियों की परवरिश करने के साथ-साथ उनके क्रिकेट के सपनों को पूरा करने में मदद के लिए शर्ट की सिलाई-कढ़ाई जैसे छोटे-मोटे काम भी किए। उन्होंने कहा, “पिता साहब का आशीर्वाद था, माता जी का आशीर्वाद था। मेरी बहनों ने बहुत त्याग किया जिसकी वजह से मुझे ये सारी उपलब्धियां और खुशियां मिलीं।

मैं हर चीज के लिए बहुत आभारी हूं।’’ हरभजन मैदान पर भिड़ने के लिए जाने जाते थे और उनके आलोचकों को लगता था कि कई बार वह खुद भी विवाद मोल लेते थे लेकिन मैदान के बाहर यही व्यक्ति कहता है कि वह अपने लिए महत्वपूर्ण रिश्ते को बचाने के लिए खुशी-खुशी बहस हार सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक बार एक पॉडकास्ट में सुना था कि कभी-कभी रिश्ते को बचाने के लिए हारना जरूरी होता है। अगर आप कभी-कभी हार जाते हैं तो अंत में जीत जाते हैं।’’ हालांकि वह यह स्वीकार करते हैं कि क्रिकेट प्रशंसकों ने मैदान पर जिस जुझारू हरभजन को देखा है वह उनके वास्तविक स्वभाव के अधिक करीब था।

इसे भी पढ़ें: Harbhajan Singh का दावा, Vaibhav Suryavanshi पर आक्रामक गेंदबाजी ही एकमात्र तरीका

उन्होंने कहा, “वो असली हरभजन था। वह मैदान पर भिड़ता था, लड़ता था और जीतता था। अब खेल लिया, बीवी है, बच्चे हैं जो बड़े हो गए हैं।

अब मेरे लिए क्रिकेट का मैदान नहीं है। लेकिन क्रिकेट की वजह से मैंने कुछ चीजें सीखी हैं, भले ही मैं बहुत पढ़ा-लिखा नहीं हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जीवन में विनम्र होना बहुत जरूरी है। इससे आपको चीजों को समय पर समझने में मदद मिलती है।

इसे भी पढ़ें: Harbhajan Singh का बयान: T20 से बल्लेबाजों का धैर्य कम हुआ, Test Cricket में बड़े स्कोर घटे

मैं नहीं चाहता कि मुझे मेरे क्रिकेट रिकॉर्ड के आधार पर आंका जाए।’’ हरभजन ने कहा, ‘‘क्योंकि अगर मैं एक अच्छा इंसान नहीं बन पाया तो मेरी जिंदगी व्यर्थ है। अगर कोई मुझे आंकना चाहे तो मैं चाहता हूं कि वह कहे कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसने कितने विकेट लिए, वह एक अच्छा इंसान रहा।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने 103 टेस्ट में 417 विकेट लिए हैं। हरभजन को अपने जीवन और करियर पर फिल्म बनने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

उनके करियर में मैदान और मैदान के बाहर कई ऐसी घटनाएं रही हैं जो सुर्खियों में छाई थीं। मुख्य भूमिका के लिए उनकी पसंद ‘उरी’ के अभिनेता विक्की कौशल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विक्की कौशल पंजाबी हैं, होशियारपुर क्षेत्र से आते हैं और शानदार अभिनेता हैं।

Continue reading on the app

  Sports

डेब्यू मैच में बनाया रिकॉर्ड, झटक दिए 6 विकेट, विश्व का चौथा गेंदबाज जिसने किया ये करिश्मा, पहले खेल चुका है वर्ल्ड कप

cricket record: कनाडा के खिलाफ अपने पहले ही वनडे मुकाबले में लायल रॉबर्टसन ने गेंद से कहर बरपाते हुए 6 विकेट हासिल किए. उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत स्कॉटलैंड ने कनाडा को 170 रन के बड़े अंतर से हराया. इस प्रदर्शन के साथ रॉबर्टसन ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया Fri, 14 Aug 2026 19:55:14 +0530

  Videos
See all

Aaj ki Taza Khabar: यूपी की दिनभर की बड़ी खबरें | CM Yogi | Akhilesh | Tiranga Yatra | Weather Update #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T14:45:06+00:00

Kanwar Yatra 2026: इस बार साढ़े चार करोड़ को पार किया कांवड़ यात्रा का आंकड़ा, क्या बोले DM? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-14T14:37:38+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers