नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर हो रही जमकर चर्चा, जानिए कौन है एक्टर?
Hanuman Ansh: नीम करोली बाबा को मानने वालों की संख्या भारत के साथ-साथ विदेश में भी है. उनके चमत्कार और सीख को लेकर देश दुनिया में बातें होती हैं. हालांकि, आज भी कई लोग उनके बारे में ज्यादा नहीं जाते हैं कि उन्होंने अध्यात्म का रास्ता कैसे चुना और फिर बाद में वह समाज की सेवा में लग गए. हाल ही में उनके जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश (Hanuman Ansh ) रिलीज हुई. जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है. आइए जानते हं कि इस फिल्म में नीम करोली बाबा का किरदार किसने निभाया है और फिल्म क्या-क्या देखने को मिला.
हनुमान अंश क्यों रखा गया फिल्म का नाम
नीम करोली बाबा पर आधारित हनुमान अंश फिल्म का नाम कैसे रखा गया. इसको लेकर डायरेक्टर और राइटर विशाल चतुर्वेदी ने खास वजह बताई. उन्होंने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया कि वो रिसर्च के दौरान नीब करौरी गांव गए थे. जहां बाबा को आंशिक हनुमान अवतार कहा जाता है. उनके इसी नाम से इंस्पायर होकर उन्होंने फिल्म के लिए यह टाइटल चुना. बाबा को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है. उनका प्रिय भजन सीताराम का जाप करना है. वो अपने भक्तों को भी सीताराम जपने को कहते हैं.
फिल्म में क्या-क्या देखने के लिए मिला
हनुमान अंश नीम करोली बाबा के चमत्कारों के अलावा उनकी आध्यात्म जर्नी को दिखाती है. इतना ही नहीं इसमें यह भी दिखाया गया कि कैसे उन्होंने मानव सेवा की. फिल्म एंटरटेनमेंट के बजाय आस्था, सेवा और इंसानियत की बात पर ज्यादा फोकस किया गया है. शोभिनव सत्य ने नीम करोली बाबा का शानदार किरदार निभाया है. लोग उनके बाबा के रोल में ठहराव और सहजता की काफी तारीफ कर रहे है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका पार्ट 2 भी आएगा, हालांकि, इसके लिए मेकर्स ने ज्यादा प्रमोशन नहीं किया, इसके बावजूद फिल्म को लेकर काफी चर्चा हो रही है.
आजादी से पहले भारत को दिखाया हनुमान अंश में
हनुमान अंश में आजादी से पहले का भारत दिखाया गया है. जिसमें बताया गया कैसे नीम करोली बाबा बाबा साधक बने, तपस्या की, पूरे देश की यात्रा की. गृहस्थ जीवन में गए फिर कैसे संत बने. मूवी में बाबा की लाइफ और उनकी शिक्षाओं से जुड़े प्रसंगों की झलक दिखती है. ये भी बताया है कि सच्ची भक्ति इंसान की सेवा में है.
शोभिनव सत्य ने निभाया नीम करोली बाबा का किरदार
एक्टर शोभिनव सत्य को हनुमान अंश के जरिए बड़ा ब्रेक मिला है, इसमें उनके काम की काफी तारीफ हो रही है. वहीं, उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करें तो इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. वह अपने निजी जीवन को काफी प्राइवेट और मीडिया की चकाचौंध से दूर रखना पसंद करते हैं. बताया जाता है कि वह बहुत धार्मक और आध्यात्मिक इंसान हैं. उन्होंने इस फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए सात्विक जीवनशैली अपना ली थी, जिसका पालन में वह हमेशा करते हैं.
नीम करोली बाबा के बारे में जानिए
नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba), जिन्हें उनके भक्त हनुमान अंश और 'महाराज जी' के नाम से भी पुकारते हैं. वह 20वीं सदी के भारत के सबसे महान और दिव्य संतों में से एक माने जाते हैं. मिली जानकारी के अनुसार, उनका जन्म करीब 1900 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था और उनका असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा बताया जाता है. उन्होंने 11-13 की उम्र में घर छोड़ दिया और कठिन साधना में लीन हो गए. उन्होंने उत्तर प्रदेश के 'नीब करौरी' गांव में लंबे समय तक तपस्या की. यहां पर उन्होंने चमत्कारी रूप से एक ट्रेन को रोक दी थी, जिसके बाद उनका नाम 'नीम करोली बाबा' पड़ा था.
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नगर निगमों-नगरपालिकाओं को मिले ₹3,850 करोड़, खुद CM भूपेंद्र पटेल ने बांटे फंड
गुजरात सरकार ने राज्य के शहरों और महानगरों में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नगर निगमों और नगरपालिकाओं को कुल ₹3,850 करोड़ के विकास कार्यों के लिए चेक वितरित किए. सरकार का जोर ऐसे शहरी विकास पर है, जिसमें नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी सेवाएं और तकनीक आधारित व्यवस्था मिल सके.
17 नगर निगमों को ₹2,992 करोड़ वितरित
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत 17 नगर निगमों को ₹2,992 करोड़ और 152 नगरपालिकाओं को ₹858 करोड़ दिए गए हैं. इनमें अहमदाबाद नगर निगम को सबसे अधिक ₹870 करोड़, सूरत को ₹770 करोड़, वडोदरा को ₹285 करोड़ और राजकोट को ₹232 करोड़ मिले हैं.
पुराने कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत- सीएम
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि विकास के लिए मिले फंड का बेहतर और समयबद्ध इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने केवल नए प्रोजेक्ट शुरू करने के बजाय पुराने और पूरे हो चुके कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई. उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए.
भूपेंद्र पटेल ने ग्रीन और पर्यावरण अनुकूल शहरों के विकास पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि नई टाउन प्लानिंग (TP) योजनाओं में करीब एक प्रतिशत जमीन पेड़ लगाने के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है. इस जमीन पर पार्क, ऑक्सीजन पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे.
पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी आगे बढ़ाना है. स्वच्छता, हरित क्षेत्र, बेहतर सड़कें और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के जरिए गुजरात के शहरों को अधिक सुविधाजनक और रहने योग्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत शहरी विकास ‘विकसित गुजरात’ और ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करेगा. सरकार के अनुसार, इन योजनाओं से शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ नागरिकों की Ease of Living भी बेहतर होगी.
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