सील्ड रोड पर टूरिस्ट और महिला कांस्टेबल में बहस:शिमला से वीडियो वायरल, वाहन रोकने और लाइसेंस मांगने पर बढ़ा विवाद
हिमाचल की राजधानी शिमला के सील्ड-रोड पर एक टूरिस्ट और महिला कांस्टेबल के बीच बहस हो गई। इससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। यह घटना मरीना होटल के समीप की है, जहां ड्यूटी पर मौजूद महिला कांस्टेबल ने सील्ड रोड पर दौड़ रही गाड़ी को रोका। महिला कर्मी के मुताबिक, उन्होंने टूरिस्ट को बताया कि आगे सील्ड रोड है और इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। उन्होंने ड्राइवर को अपनी गाड़ी नीचे कार्ट रोड की ओर ले जाने के लिए कहा। इसी दौरान टूरिस्ट और महिला कांस्टेबल के बीच कहासुनी शुरू हो गई। मीडिया कर्मियों से जताई नाराजगी घटनास्थल पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने बहस का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। वीडियो बनाए जाने पर महिला कांस्टेबल ने नाराजगी जताई और कथित तौर पर कहा कि लोग फोन लेकर तुरंत वीडियो बनाने पहुंच जाते हैं। कांस्टेबल बोली- टूरिस्ट से मांगा था लाइसेंस महिला कांस्टेबल ने कहा कि जब टूरिस्ट ने बहस की, तब उन्होंने ड्राइवर से लाइसेंस मांगा। इस पर टूरिस्ट नाराज हो गए। हालांकि, इस मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। रिज व मॉल रोड को कनेक्ट करने वाली सड़कें सील्ड बता दें कि शिमला के रिज, लक्कड़ बाजार, मॉल रोड और सीटीओ चौक को कनेक्ट करने वाली सड़कों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इन सड़कों पर सरकार से परमिट लेने के बाद ही वाहन दौड़ाने की अनुमति है। ऐसे में बहुत से टूरिस्ट कई बार गाड़ी व बाइक लेकर रिज तक पहुंच जाते हैं। हालांकि, जगह-जगह स्थानीय प्रशासन ने सील्ड रोड के साइन बोर्ड भी लगा रखे हैं। मगर फिर भी टूरिस्ट सील्ड रोड में गाड़ी दौड़ाते हैं। बहुत सारे टूरिस्ट गूगल मैप पर रिज और मॉल रोड की लोकेशन डालते हैं। इससे वे गूगल मैप के जरिए भी सील्ड रोड से रिज व मॉल रोड पहुंच जाते हैं।
INDIA गठबंधन की बैठक में 5 मुद्दों पर बनी सहमति, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पढ़ें खबर
केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी साझा रणनीति को धार देने के उद्देश्य से, इंडिया ब्लॉक के 25 सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में संपन्न हुई। इस बैठक में विपक्षी दलों ने देश के मौजूदा हालात और सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों और सहमति बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन ने पांच प्रमुख मुद्दों पर सर्वसम्मति से अपनी राय व्यक्त की है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों ने भविष्य की रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण सहमति बनाई है कि हर दो महीने में गठबंधन की एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस पहल के तहत, गठबंधन की अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो विपक्षी एकजुटता को बनाए रखने और प्रभावी ढंग से काम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह नियमित बैठकें गठबंधन के भीतर समन्वय और नीति निर्माण को और मजबूत करेंगी।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला यह रहा कि कथित वोट लूट और चुनाव में धांधली जैसे गंभीर मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक विस्तृत पत्र भेजा जाएगा। खरगे ने कहा कि इस पत्र को जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंप दिया जाएगा, जो चुनावी प्रक्रिया की शुचिता पर उठ रहे सवालों के प्रति गठबंधन की गंभीरता को दर्शाता है और इसमें निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सहमति
इंडिया ब्लॉक की बैठक में सबसे प्रमुख मांगों में से एक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की थी। गठबंधन के सभी दलों ने सर्वसम्मति से इस मांग पर सहमति व्यक्त की है। यह मांग नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं के साथ हुए विश्वासघात के मद्देनजर उठाई गई है। विपक्षी दल मानते हैं कि यह मुद्दा छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल हो सके।
महंगाई और बेरोजगारी पर सर्वदलीय बैठक की मांग
इसके अतिरिक्त, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन ने केंद्र सरकार से देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई के लगातार बढ़ते स्तर, किसानों के मुद्दों और अन्य जन-केंद्रित समस्याओं पर तत्काल चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया है। गठबंधन का मानना है कि इन मुद्दों पर सरकार को सभी दलों के साथ मिलकर समाधान तलाशना चाहिए, क्योंकि ये सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं।
हर दो महीने में होगी INDIA गठबंधन की बैठक: खरगे
समन्वय और एकजुटता बनाए रखने के लिए, मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी बताया कि गठबंधन के सभी दल न केवल हर दो महीने में मिलेंगे, बल्कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान भी उनके बीच समन्वय जारी रहेगा। इसके लिए, विपक्ष के नेता के कार्यालय में प्रतिदिन सुबह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि संसद के भीतर एक संयुक्त और प्रभावी रणनीति के साथ काम किया जा सके। यह कदम संसदीय कार्यवाही में विपक्ष की एकजुटता को सुनिश्चित करेगा और सरकार को घेरने में मदद करेगा।
INDIA गठबंधन की बैठक में 25 दलों की भागीदारी का दावा
इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस, टीएमसी और सपा सहित कुल 25 पार्टियों के शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि, डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन जैसे प्रमुख नेता भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए और उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए सभी प्रमुख मुद्दों पर अपनी सहमति व्यक्त की। यह बैठक विपक्ष की भविष्य की रणनीति और सरकार पर दबाव बनाने की उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Mp Breaking News


















