मुल्लांपुर टेस्ट में मिली जीत हमेशा रहेगी टीम इंडिया को याद, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
Biggest innings wins for Team India: अफगानिस्तान के साथ खेले गए मुल्लांपुर टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्ले से और फिर गेंद से शानदार प्रदर्शन किया और एक ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है. डेब्यूडेंट मानव सुथार की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने पारी और 300 रनों से जीत दर्ज की, जिसकी क्रिकेट के गलियारों में जमकर तारीफ हो रही है. टीम इंडिया के लिए ये पारी से मिली सबसे बड़ी जीत है और इसी के साथ भारतीय टीम ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है, जिसके बारे में हम आपको यहां बताएंगे...
पारी और 300 रन से जीती टीम इंडिया
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— BCCI (@BCCI) June 8, 2026
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भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार बल्लेबाजी की. इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 8 विकेट के नुकसान पर 564 रन बोर्ड पर लगाए. वहीं, पहली पारी में अफगानिस्तान की टीम 152 के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई. ऐसे में टीम इंडिया ने बड़ी बढ़त के साथ इस टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए बुलाया और फिर शानदार जीत दर्ज की.
टीम इंडिया ने दर्ज की इनिंग के साथ सबसे बड़ी जीत
All smiles and silverware! ????
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Skipper Shubman Gill receives the @IDFCFIRSTBank trophy as #TeamIndia celebrate after a massive win in New Chandigarh ????#INDvAFG | @ShubmanGill pic.twitter.com/rcHFZin7Sc
अफगानिस्तान के साथ खेले गए मुल्लांपुर टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया और पारी और 300 रन से जीत दर्ज कर ली. ये भारत की टेस्ट क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी जीत है. भारतीय धरती पर एकमात्र इससे बड़ी पारी की जीत 1958 में ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज और भारत के बीच हुई थी. वहीं, इससे बड़ी पारी की जीत का एकमात्र अन्य उदाहरण पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच 2002 में लाहौर में हुआ मैच है (एक पारी और 324 रन).
भारत के लिए सबसे बड़ी पारी जीत
अफगानिस्तान के खिलाफ एक पारी और 300 रन, मुल्लनपुर, 2026*
वेस्ट इंडीज के खिलाफ एक पारी और 272 रन, राजकोट, 2018
अफगानिस्तान के खिलाफ एक पारी और 262 रन, बेंगलुरु, 2018
बैंगलोर के खिलाफ एक पारी और 239 रन, मीरपुर, 2007
श्रीलंका के खिलाफ एक पारी और 239 रन, नागपुर, 2017
Leaving New Chandigarh with a massive win under the belt ????????
— BCCI (@BCCI) June 8, 2026
A complete team performance from #TeamIndia ????
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टेस्ट मैचों में अफगानिस्तान की पारी से हार
भारत के खिलाफ एक पारी और 300 रन, मुल्लनपुर, 2026*
भारत के खिलाफ एक पारी और 262 रन, बेंगलुरु, 2018
जिम्बाब्वे के खिलाफ एक पारी और 73 रन, हरारे, 2025
टेस्ट मैचों में अफगानिस्तान का न्यूनतम स्कोर
भारत के खिलाफ 103 रन, बेंगलुरु, 2018
भारत के खिलाफ 109 रन, बेंगलुरु, 2018
भारत के खिलाफ 112 रन, मुल्लनपुर, 2026*
बांग्लादेश के खिलाफ 115 रन, मीरपुर, 2023
वेस्ट इंडीज के खिलाफ 120 रन, लखनऊ, 2019
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ट्रंप का बड़ा दावा, संघर्ष विराम चाहते हैं ईरान और इजरायल
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश अब संघर्ष को आगे बढ़ाने के बजाय युद्धविराम की दिशा में बढ़ना चाहते हैं. उनके इस बयान ने ऐसे समय में वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है, जब मध्य पूर्व में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और दुनिया की निगाहें क्षेत्र की हर गतिविधि पर टिकी हैं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इजरायल और ईरान दोनों ही तत्काल युद्धविराम के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि शांति स्थापित करने के लिए अंतिम स्तर की बातचीत चल रही है और यदि कोई अप्रत्याशित बाधा नहीं आती है, तो समझौते की दिशा में तेजी से प्रगति हो सकती है.
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम समझौता होने तक मौजूदा प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं और सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे. उनके बयान को क्षेत्र में संभावित कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है.
सीजफायर के बाद फिर बढ़ी हलचल
हाल के घटनाक्रमों ने इस पूरे विवाद को और जटिल बना दिया है. युद्धविराम की चर्चाओं के बीच इजरायल द्वारा किए गए नए हमले ने स्थिति को फिर संवेदनशील बना दिया. इससे पहले भी संघर्ष विराम के दौरान विभिन्न स्तरों पर तनावपूर्ण घटनाएं सामने आती रही थीं, लेकिन ताजा कार्रवाई ने यह संकेत दिया कि जमीन पर हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संघर्ष विराम को स्थायी बनाने के लिए दोनों पक्षों के बीच भरोसे का माहौल बनना बेहद जरूरी है. ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर शांति प्रक्रिया पर पड़ सकता है.
कूटनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत
पिछले कुछ समय में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. इस दौरान ऐसा भी माना गया कि इजरायल कुछ हद तक कूटनीतिक प्रक्रिया से अलग-थलग पड़ गया है. हालांकि ट्रंप के ताजा बयान के बाद यह संकेत मिल रहा है कि इजरायल अब फिर से इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा बन सकता है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि किसी व्यापक समझौते की दिशा में प्रगति होती है तो उसमें अमेरिका, इजरायल और ईरान तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी.
दुनिया की नजरें अगले कदम पर
मध्य पूर्व में स्थिरता केवल क्षेत्रीय देशों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में ट्रंप के बयान ने शांति की उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन अंतिम परिणाम बातचीत की सफलता और दोनों देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा.
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या युद्धविराम की चर्चाएं वास्तव में स्थायी शांति समझौते का रूप ले पाती हैं या फिर क्षेत्र एक बार फिर नए तनाव की ओर बढ़ता है.
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