‘टॉक्सिक’ में दिखेगा यश का अलग अंदाज, एक्टर ने कहा- 'गीतू मोहनदास ने कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला, उन्हें थैंक यू’
Toxic Actor Yash on Geetu Mohandas: साउथ सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश इन दिनों अपनी मच अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं. फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है. हाल ही में मुंबई में फिल्म का म्यूजिक लॉन्च इवेंट किया गया, जहां यश ने फिल्म से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया और बताया कि कैसे उन्होंने एक्टर के तौर पर उन्हें उनके कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया.
यश के मुताबिक, गीतू मोहनदास ने उन्हें सिर्फ एक कलाकार के तौर पर निर्देशित नहीं किया, बल्कि उनकी एक्टिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि गीतू ने उन्हें ऐसा किरदार निभाने के लिए तैयार किया जैसा उन्होंने अपने करियर में इससे पहले कभी नहीं निभाया था.
‘गीतू देखने में थोड़ी स्ट्रिक्ट लगती हैं’
म्यूजिक लॉन्च के दौरान जब यश से गीतू मोहनदास के साथ काम करने के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उनकी पर्सनैलिटी और काम करने के तरीके की तारीफ की. यश ने कहा कि पहली नजर में गीतू थोड़ी सख्त लग सकती हैं लेकिन असल में वो काफी जोवियल और मजाकिया स्वभाव की हैं. यश ने बताया कि सेट पर गीतू जिस तरह का माहौल तैयार करती हैं वो पूरी टीम को अपना बेस्ट देने के लिए प्रेरित करता है. उनके मुताबिक, गीतू ने फिल्म के हर कलाकार को लगातार पुश किया और उनसे कुछ नया करने की उम्मीद रखी. यश ने कहा, “वो देखने में थोड़ी स्ट्रिक्ट लगती हैं, लेकिन वो बहुत-बहुत खुशमिजाज हैं. सेट पर जिस तरह से वो सबके लिए एटमॉस्फियर क्रिएट करती हैं, मुझे लगता है कि उन्होंने हम सभी को पुश किया है.”
अंग्रेजी डायलॉग्स के लिए भी किया पुश
यश ने बातचीत के दौरान एक दिलचस्प बात भी बताई. उन्होंने कहा कि गीतू ने उन्हें अंग्रेजी में डायलॉग बोलने के लिए भी काफी पुश किया. एक्टर के मुताबिक, ये उनके लिए एक अलग तरह का अनुभव था क्योंकि गीतू ने उनसे अंग्रेजी में लाइन्स सीखने और उन्हें बेहतर तरीके से निभाने की तैयारी करवाई. उन्होंने बताया कि डायरेक्टर के तौर पर गीतू ने उनसे उनकी क्षमता के मुताबिक काम करवाने की कोशिश की. यही वजह है कि फिल्म में उनका किरदार और उनकी परफॉर्मेंस दर्शकों को उनके पिछले काम से काफी अलग नजर आ सकती है.
‘मुझे थैंक यू कहना चाहिए’
यश ने गीतू मोहनदास को अपनी परफॉर्मेंस के लिए खास क्रेडिट दिया. उन्होंने कहा कि फिल्म में उन्होंने जिस तरह का किरदार निभाया है वो उनके लिए काफी अलग है. इस किरदार ने उन्हें बतौर एक्टर नई चीजें एक्सप्लोर करने का मौका दिया. यश ने कहा, “और जिस तरह का कैरेक्टर मैंने प्ले किया है, जिस तरह का एक्टर मैं आज हूं मुझे लगता है कि एक्टर के तौर पर मुझे पुश करने के लिए मुझे गीतू को सच में थैंक यू कहना चाहिए.”
यश के इस बयान से साफ है कि ‘टॉक्सिक’ उनके लिए सिर्फ एक और फिल्म नहीं है, बल्कि ये उनके एक्टिंग करियर में एक नई दिशा भी दिखा सकती है. अब तक यश को मुख्य रूप से एक्शन और मास एंटरटेनर फिल्मों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन ‘टॉक्सिक’ में वो अपने किरदार के अलग-अलग पहलुओं को एक्सप्लोर करते नजर आ सकते हैं.
डायरेक्टर पर भरोसा रखना जरूरी- यश
यश ने फिल्म बनाने की प्रक्रिया में डायरेक्टर और एक्टर के बीच भरोसे को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया. उनका मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए जरूरी है कि वो अपने निर्देशक के विजन को समझे और उस पर भरोसा करे. उन्होंने कहा कि उन्होंने गीतू मोहनदास के विजन पर विश्वास किया और इसी वजह से वो इस फिल्म में अपने व्यक्तित्व और अभिनय का एक अलग पक्ष दिखा पाए. यश ने कहा, “मुझे लगता है कि आपके लिए अपने डायरेक्टर पर फेथ रखना बहुत जरूरी है. मैंने वो फेथ रखा इसलिए मुझे लगता है कि आपने इस मूवी में एक अलग तरह के यश को देखा है.”
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रिपब्लिकन जांच में आरोपः हार्वर्ड ने अमेरिकी सुरक्षा से अधिक चीन के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी
रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व में हुई कांग्रेस की जांच में आरोप लगाया गया है कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के बजाय चीन के साथ फायदेमंद रिश्तों को प्राथमिकता दी और बीजिंग की सेना तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी संस्थाओं के साथ रिसर्च के संबंध बनाए रखे.
कॉम्प्रोमाइज्ड इंडिपेंडेंस: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सीसीपी का प्रभाव" नामक 53 पन्नों की रिपोर्ट हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना और हाउस एजुकेशन एंड वर्कफोर्स कमेटी ने जारी की.
हार्वर्ड और चीनी सरकार के हजारों पेजों के दस्तावेजों की समीक्षा
कमेटी ने बताया कि उन्होंने हार्वर्ड और चीनी सरकार के हजारों पेजों के दस्तावेजों की समीक्षा की, यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों से बातचीत की और कई गवाहों के बयान सुने.
सेलेक्ट कमेटी के चेयरमैन जॉन मूलनार ने कहा, "अमेरिकी लोग उम्मीद करते हैं कि हमारे देश की प्रमुख यूनिवर्सिटीज अमेरिकी रिसर्च और इनोवेशन की रक्षा करेंगी और कभी भी हमारे देश के दुश्मनों के हितों को आगे नहीं बढ़ाएंगी. अभी, हार्वर्ड इस उम्मीद पर खरा उतरने में नाकाम हो रहा है."
उन्होंने कहा, "चीन-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा होने देने से लेकर पीएलए से जुड़ी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने तक, हार्वर्ड ने गंभीर गलतियां की हैं और अब उसे और गलतियों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए."
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि हार्वर्ड से जुड़े रिसर्चर्स ने चीन के डिफेंस रिसर्च और इंडस्ट्रियल बेस से जुड़ी यूनिवर्सिटीज के स्कॉलर्स के साथ मिलकर काम किया. इसमें कहा गया है कि कुछ रिसर्च ऐसे क्षेत्रों से जुड़ी थीं जिनका इस्तेमाल आम लोगों और सेना, दोनों के लिए हो सकता है, जैसे कि रोबोटिक्स.
एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम किया आयोजित
इसमें यह भी कहा गया है कि हार्वर्ड के 'चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ' ने एक एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम आयोजित किया था, जिसमें शायद 'शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स' के सदस्य शामिल हुए हों. इस चीनी पैरामिलिट्री संगठन पर अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने प्रतिबंध लगाया हुआ है.
रिपोर्ट में माना गया है कि इसमें शामिल होने वालों के बारे में सबूत साफ नहीं थे. इसमें कहा गया है कि प्रोग्राम आयोजित करने वाली हार्वर्ड की प्रोफेसर ने बताया कि उन्हें पार्टिसिपेंट्स की जांच-पड़ताल करने की किसी जरूरत के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी.
क्या था कमेटी का आरोप?
जांच में हार्वर्ड ग्लोबल नाम की एक नॉन-प्रॉफिट सहयोगी संस्था पर भी ध्यान दिया गया. कमेटियों का आरोप था कि इसे इस तरह से बनाया गया था ताकि उन मामलों में फंडिंग को दूसरी तरफ से लाया जा सके, जहां यूनिवर्सिटी कानूनी या वित्तीय कारणों से किसी स्पॉन्सर की शर्तें नहीं मान सकती थी.
कमेटियों ने कहा कि रिपोर्ट का ड्राफ्ट मिलने के बाद हार्वर्ड ने अपनी सहयोगी संस्था की वेबसाइट से वह जानकारी हटा दी.
एजुकेशन एंड वर्कफोर्स कमेटी के चेयरमैन टिम वालबर्ग ने कहा, "हार्वर्ड ने विदेशी फंडिंग की जानकारी देने वाले संघीय कानूनों से बचने की साफ कोशिश में एक संस्था बनाई. यह स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब हार्वर्ड का इन नियमों का पालन न करने का इतिहास रहा है."
कमेटियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में फाइनल रिपोर्ट पर हार्वर्ड की कोई नई सार्वजनिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी. रिपोर्ट में हार्वर्ड से कहा गया है कि वह अपने रिसर्च सिक्योरिटी ऑपरेशन्स को सेंट्रलाइज करे, अपनी जांच-पड़ताल की प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव करे, राष्ट्रीय सुरक्षा और एक्सपोर्ट-कंट्रोल की जानकारी रखने वाले अधिकारियों को नियुक्त करे और अमेरिका की प्रतिबंधित या प्रतिबंधों वाली लिस्ट में शामिल संस्थाओं के साथ सहयोग पर रोक लगाए.
(DISCLAIMER: समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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