फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान में 4 सेकंड के लिए फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम ने काम करना बंद किया, विमान 300 फीट नीचे गिरा: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। एयर इंडिया की फुकेट से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई2379 से जुड़े 4 अगस्त के घटनाक्रम में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए320नियो विमान ने उड़ान के दौरान लगभग चार सेकंड के लिए अपने प्रमुख फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर नियंत्रण खो दिया था, जिसके चलते विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और कम से कम 24 यात्री एवं चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी विमान निर्माता एयरबस द्वारा विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) के प्रारंभिक विश्लेषण से सामने आई है। घटना के समय विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य, यानी कुल 145 लोग सवार थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ असामान्यता आने के कारण विमान के महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र प्रभावित हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के एलेवेटर और एलेरॉन, जो विमान की ऊंचाई और रोल नियंत्रित करते हैं, कुछ समय के लिए सामान्य हाइड्रोलिक नियंत्रण से बाहर हो गए थे। इसके अलावा स्पॉइलर सिस्टम के संचालन पर भी असर पड़ा।
एयरबस के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, लगभग चार सेकंड तक एलेवेटर और एलेरॉन बिना पायलट के निर्देश के स्वतः विचलित होते रहे। इस दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी दर्ज की गई।
घटना के दौरान विमान का ऑटोपायलट सिस्टम स्वतः डिस्कनेक्ट हो गया। इसके बाद विमान उड़ा रहे सह-पायलट ने स्टॉल वार्निंग मिलने पर नियंत्रण संभालते हुए साइड-स्टिक को आगे की ओर दबाया। हालांकि उस समय हाइड्रोलिक शक्ति उपलब्ध नहीं होने के कारण नियंत्रण संबंधी इनपुट का अपेक्षित प्रभाव तुरंत नहीं पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही कुछ सेकंड बाद हाइड्रोलिक सिस्टम दोबारा सक्रिय हुए, पायलट द्वारा दिए गए नियंत्रण इनपुट प्रभावी हो गए। इसके परिणामस्वरूप विमान अचानक नीचे की ओर झुक गया, जिससे केबिन के भीतर कई यात्री और क्रू सदस्य अपनी सीटों से उछल गए और कई लोग घायल हो गए।
घटना के बाद विमान के फ्लाइट डेटा को विश्लेषण के लिए एयरबस के फ्रांस स्थित टूलूज में मौजूद तकनीकी सहायता केंद्र एआईआरटीएसी को भेजा गया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
इस बीच, एयर इंडिया ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए 13 अगस्त से समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। यह कदम हालिया घटना के बाद उठाया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एआई2379 के पायलट-इन-कमांड ने बाद में किए गए पुष्टिकरण परीक्षण में मारिजुआना के लिए सकारात्मक परिणाम दिया। हालांकि इस संबंध में एयर इंडिया या नियामक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा अस्पताल में भर्ती, तबीयत बिगड़ने के बाद ले जाया गया एम्स
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को तबीयत असहज महसूस होने के बाद दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया है. अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 13 अगस्त की शाम उन्हें बेचैनी महसूस हुई थी. इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की. जांच में कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई परीक्षण किए गए. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी के लिए रखा गया है.
बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे नड्डा
जानकारी के अनुसार, जेपी नड्डा को 13 अगस्त की शाम अचानक बेचैनी महसूस हुई. इसके बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए दिल्ली एम्स लाया गया. डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का प्रारंभिक आकलन करने के बाद जरूरी टेस्ट कराए.
अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम नजर रख रही है. फिलहाल एम्स की ओर से उनकी हालत को लेकर किसी गंभीर समस्या की पुष्टि नहीं की गई है.
कोरोनरी एंजियोग्राफी भी की गई
जेपी नड्डा की जांच के दौरान कोरोनरी एंजियोग्राफी भी की गई. यह एक ऐसी मेडिकल जांच है, जिसके जरिए हृदय की रक्त वाहिकाओं और कोरोनरी धमनियों की स्थिति का आकलन किया जाता है.
इस तरह की जांच डॉक्टरों को यह समझने में मदद करती है कि हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में किसी तरह की रुकावट या असामान्यता तो नहीं है. हालांकि, नड्डा की एंजियोग्राफी के विस्तृत परिणामों को लेकर एम्स की ओर से फिलहाल कोई अलग जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
JP Nadda, Minister of Health and Family Welfare was evaluated for uneasiness with tests including a coronary angiography on the evening of 13th August 2026. He is currently stable and admitted for observation in the Dept of Cardiology: AIIMS, New Delhi pic.twitter.com/norvQuFg2S
— IANS (@ians_india) August 14, 2026
कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी
जांच के बाद जेपी नड्डा को एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती रखा गया है. अस्पताल के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.
कार्डियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. जरूरत के अनुसार आगे की जांच और उपचार का फैसला डॉक्टरों की टीम करेगी.
फिलहाल स्थिर है स्वास्थ्य
जेपी नड्डा के स्वास्थ्य को लेकर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यही है कि उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है. बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया और चिकित्सकीय जांच की गई.
एम्स के बयान में कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित कई टेस्ट किए जाने और कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी की जानकारी दी गई है. ऐसे में फिलहाल किसी गंभीर बीमारी को लेकर अटकल लगाने के बजाय अस्पताल की आधिकारिक मेडिकल जानकारी को ही आधार मानना उचित है.
आगे डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे
जेपी नड्डा को फिलहाल अस्पताल में रखा गया है, जहां उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है. आगे उनकी स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर उपचार की दिशा तय करेंगे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है. हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी उनकी हालत स्थिर है.
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