विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को अपने इंडोनेशियाई समकक्ष सुगियोनो की मेजबानी करते हुए भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, समुद्री व्यापार, निवेश, दवा उद्योग और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में इंडोनेशिया भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार तथा निवेश समेत समग्र संबंधों में लगातार वृद्धि हुई है। सुगियोनो इस समय नयी दिल्ली की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं।
भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की आठवीं बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में जयशंकर ने कहा, नयी दिल्ली में आठवीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक के लिए आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। विदेश मंत्री ने पिछले वर्ष जनवरी में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियंतो की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई उनकी सार्थक वार्ता को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि उस यात्रा ने दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक साझेदारी संबंधों को नयी गति दी है। दोनों पक्षों ने राजनीतिक संबंधों, रक्षा एवं सुरक्षा, समुद्री व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, दवा उद्योग तथा खाद्य सुरक्षा समेत द्विपक्षीय सहयोग के सभी प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। सुगियोनो ने भी कहा कि राष्ट्रपति सुबियंतो की पिछले वर्ष भारत यात्रा ने भारत-इंडोनेशिया साझेदारी को नयी दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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अमेरिका से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। हैदराबाद के रहने वाले एक 28 वर्षीय युवक की अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पिज्जा डिलीवरी करने के दौरान कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह दुखद घटना 5 जून को हुई, जिसकी जानकारी युवक के परिजनों ने दी है। मृतक का परिवार हैदराबाद के पास गुंडलापोचमपल्ली इलाके में रहता है।
इस घटना पर न्यूयॉर्क में मौजूद भारतीय वाणिज्य दूतावास ने गहरा दुख जताया है। दूतावास ने शनिवार देर रात 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "फिलाडेल्फिया में भारतीय नागरिक अंशुल कुंचा की अचानक हुई मौत से हमें बेहद दुख हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। हम परिवार के लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद दे रहे हैं।"
पार्ट-टाइम काम के दौरान जाल में फंसाया
मृतक अंशुल की बहन तन्वी ने रोते हुए मीडिया को बताया कि उनके भाई उत्तरी फिलाडेल्फिया की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। वीकेंड पर कुछ अतिरिक्त कमाई के लिए वह पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे।
तन्वी ने बताया, "हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक अंशुल के सिर में तीन गोलियां मारी गईं और उन्हें सड़क पर तड़पने के लिए छोड़ दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके पास से कोई लूटपाट नहीं की गई। अंशुल को पिज्जा पहुंचाने के लिए एक बिल्कुल सुनसान इलाके में भेजा गया था, जो कि एक सोची-समझी साजिश थी। उन्हें जानबूझकर मारने के लिए ही वहां बुलाया गया था। मुझे नहीं पता कि कातिलों को इससे क्या मिला, लेकिन उन्होंने हमारा भाई हमसे हमेशा के लिए छीन लिया।"
विदेश मंत्रालय से शव भारत लाने की गुहार
अंशुल की बहन तन्वी ने इस मामले में अमेरिकी प्रशासन से सख्त न्याय की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके भाई के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने का इंतजाम किया जाए। तन्वी ने कहा, "हमें बताया गया है कि सोमवार को शव सौंप दिया जाएगा, बस हम यही चाहते हैं कि वह जल्द घर आ जाए। अमेरिकी मीडिया की खबरों की मानें तो दो बंदूकधारी काले रंग का नकाब पहने और पीठ पर बैग लटकाए हुए दिखे थे, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।"
चार साल पहले पढ़ाई के लिए गए थे अमेरिका
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, अंशुल करीब चार साल पहले अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अमेरिका गए थे। वहां पढ़ाई खत्म होने के बाद वह नौकरी कर रहे थे। तन्वी ने एक और चौंकाने वाली बात बताई कि इससे पहले भी अमेरिका में कुछ बदमाशों ने अंशुल को निशाना बनाया था और उनसे सोने की चेन, फोन और कैश लूट लिया था। इस घटना के बाद से पूरे गुंडलापोचमपल्ली इलाके में शोक की लहर है।
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