असम: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने 16 मंत्रियों को सौंपे 'गार्जियन डिस्ट्रिक्ट', देखें पूरी लिस्ट
Assam Guardian Districts: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के विकास कार्यों को और गति देने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने रविवार, 7 जून 2026 को राज्य के 16 कैबिनेट मंत्रियों को 'गार्जियन डिस्ट्रिक्ट' (Guardian Districts) आवंटित कर दिए हैं। इसमें हाल ही में शामिल हुए नए मंत्री और पुराने दोनों ही कैबिनेट सदस्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस निर्णय की घोषणा करते हुए विश्वास जताया कि सभी मंत्री जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राज्य की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
क्या होती है 'गार्जियन डिस्ट्रिक्ट' की जिम्मेदारी?
'गार्जियन डिस्ट्रिक्ट' के तहत एक मंत्री को एक या एक से अधिक जिलों का अभिभावक (Guardian) नियुक्त किया जाता है। इस भूमिका में मंत्री उस क्षेत्र के लिए राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। उनका मुख्य काम जिले के सर्वांगीण विकास की निगरानी करना, स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बैठाना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान करना है। साथ ही, वे सरकारी फंड के सही इस्तेमाल पर भी नजर रखते हैं।
I am pleased to announce the allocations of Guardian Districts to the Hon’ble Ministers of the Government of Assam.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 7, 2026
The allocations are as follows-
1. Shri Rameswar Teli – Tinsukia, Jorhat
2. Shri Atul Bora – Kamrup (Metro), Dhemaji
3. Shri Charan Boro – Kokrajhar, Baksa,…
गार्जियन डिस्ट्रिक्ट की पूरी सूची
मुख्यमंत्री द्वारा आवंटित जिलों की सूची इस प्रकार है:
- रामेश्वर तेली - तिनसुकिया, जोरहाट
- अतुल बोरा - कामरूप (मेट्रो), धेमाजी
- चरण बोरो - कोकराझार, बक्सा, चिरांग
- अजंता नियोग - मोरीगांव, कामरूप
- अश्विनी राय सरकार - बोंगाईगांव, बारपेटा
- अशोक सिंघल - दरांग, धुबरी
- बिमल बोरा - शिवसागर, चराइदेव
- बिस्वजीत दैमारी - नलबाड़ी, सोनितपुर
- जयंत मल्लाबरुआ - तामुलपुर, गोलपारा
- कौशिक राय - श्रीभूमि, हैलाकांडी
- केशव महंत - दक्षिण सलमारा-मानकाचर, उत्तर लखीमपुर
- कृष्णेंदु पॉल - दीमा हसाओ, कछार
- नीलिमा देवी - बजाली, उदलगुरी
- पीयूष हजारिका - नागांव, होजई, कार्बी आंगलोंग, पश्चिम कार्बी आंगलोंग
- रानोज पेगू - विश्वनाथ, गोलाघाट
- सुशांत बोरगोहेन - माजुली, डिब्रूगढ़
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले: DA/DR में बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया। असम कैबिनेट ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को मौजूदा 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे राज्य के 8 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
MLALAD फंड में भी हुआ इजाफा
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने विधायकों के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLALAD fund) में वृद्धि को भी मंजूरी दी है। वर्ष 2026-27 के लिए इसे 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दिया गया है। वहीं, 2027-28 से यह राशि बढ़कर 2 करोड़ रुपये हो जाएगी।
भारत में घटती प्रजनन दर: क्या एलन मस्क की चिंता सही है? जानें TFR में गिरावट के कारण और इसके मायने
India Fertility Rate Decline: टेस्ला के सीईओ और अरबपति एलन मस्क ने भारत की गिरती प्रजनन दर (Fertility Rate) पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मस्क ने दावा किया कि भारत की जन्म दर अब 'रिप्लेसमेंट लेवल' से नीचे चली गई है।
मस्क ने कहा कि विशेष रूप से शिक्षित वर्ग में यह गिरावट कई साल पहले ही शुरू हो गई थी। उन्होंने मीडिया आउटलेट 'एएफ पोस्ट' के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि एक दशक के भीतर भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) 2.3 से गिरकर 1.9 पर आ गई है।
क्या कहती है संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट?
यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (UNFPA) की 'स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन (SOWP) 2025' रिपोर्ट के अनुसार, भारत का TFR अब 1.9 प्रति महिला हो गया है। जनसंख्या को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बनाए रखने के लिए 2.1 का स्तर (रिप्लेसमेंट लेवल) आवश्यक माना जाता है। भारत ने 2023 में ही चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने का गौरव हासिल किया था, लेकिन अब घटती प्रजनन दर एक नई चुनौती बन गई है।
India’s birth rate has fallen below replacement.
— Elon Musk (@elonmusk) June 6, 2026
Among those most educated, India’s birth rate fell below replacement many years ago. https://t.co/RsWf0PK6wx
राज्यों के बीच गहराता अंतर
प्रजनन दर को लेकर भारत में क्षेत्रीय असंतुलन साफ दिखाई देता है। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च TFR वाले राज्यों में बिहार (3.0), मेघालय (2.9) और उत्तर प्रदेश (2.7) शामिल हैं, जहां प्रजनन दर अभी भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। दूसरी ओर, दिल्ली (1.2) का TFR फिनलैंड जैसे विकसित देशों से भी कम दर्ज किया गया है। साथ ही, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों में भी प्रजनन दर काफी नीचे है।
भारत में प्रजनन दर क्यों घट रही है?
विशेषज्ञों और रिपोर्ट के अनुसार, TFR में गिरावट के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। उच्च शिक्षा के बढ़ते स्तर ने महिलाओं में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। इसके अलावा, शहरीकरण, शहरों में रहने की महंगी लागत और छोटे घरों की समस्या के कारण युवा जोड़े छोटे परिवार को प्राथमिकता दे रहे हैं। देर से विवाह, करियर की होड़ और गर्भनिरोधक साधनों की आसान उपलब्धता ने भी परिवार के आकार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महिला स्वास्थ्य और मौजूदा चुनौतियां
UNFPA की रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि सुधारों के बावजूद, अभी भी देश में कई चुनौतियां बरकरार हैं। कम उम्र में विवाह और गर्भावस्था के कारण 24 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में मातृ मृत्यु दर अधिक है। इसके अलावा, समाज में महिलाओं की स्थिति और जन्म के समय लिंगानुपात का असंतुलन आज भी भारत के सामने एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बना हुआ है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi















