कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राजनीति में वीआईपी कल्चर से दूर हटकर एक मिसाल पेश की है। उन्होंने विधान सौधा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन तक का सफर मेट्रो से तय किया। बेंगलुरु मेट्रो में सफर करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं आम लोगों का कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहता। सच तो यह है कि जब भी कोई मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से यात्रा करता है, तो सुरक्षा और प्रोटोकॉल की वजह से सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है। इसी से बचने के लिए मैंने मेट्रो में करीब 45-50 मिनट का सफर किया। अब मैं अपने गांव जाऊंगा और उन लोगों से मुलाकात करूंगा जो साल 1985 से लगातार मुझे वोट देते आ रहे हैं।"
गैस और डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता
मेट्रो सफर के दौरान जब मुख्यमंत्री से एलपीजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मैंने इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारियों से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एलपीजी के साथ-साथ कमर्शियल गैस, डीजल और अन्य जरूरी चीजों के बढ़ते दाम वाकई चिंता का विषय हैं। इस मुद्दे पर पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद मैं कल विस्तार से बात करूंगा।"
कर्नाटक के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद डीके शिवकुमार पहली बार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र हारोहल्ली पहुंचे। वहां पहुंचने पर स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका बेहद शानदार और जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पुरानी राजनीतिक यादों को भी ताजा किया। उन्होंने कहा, "हमने अतीत में जेडी(एस) की अनीता कुमारस्वामी की मदद की थी और उससे पहले कुमारस्वामी को भी चुनाव जीतने में मदद की थी, हालांकि मैं अब उन पुरानी बातों पर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहता। मैं यहां साफ कर देना चाहता हूं कि मैं सिर्फ अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का नेता नहीं हूं। मैं जनता दल (एस) के कार्यकर्ताओं से भी कहूंगा कि डीके शिवकुमार ने आपके लिए भी अपने दरवाजे हमेशा खुले रखे हैं। अब आप खुद सोचिए कि इसका सही इस्तेमाल कैसे करना है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को अपने पार्टी नेता और आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता तालिब चौधरी की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी गुर्जर-बकरवाल समुदाय को एक ‘‘बेहद नकारात्मक संदेश’’ देती है।
महबूबा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीडीपी नेता और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता तालिब चौधरी को हाशिए पर पड़े आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण जेल भेज दिया गया है।’’ चौधरी को जम्मू के सिधरा इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ झड़प के बाद एक जून को गिरफ्तार किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सिधरा में मनमानी तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण मार्च निकालने मात्र से उनके (चौधरी) साथ अपराधी जैसा व्यवहार करना, भारत के साथ हमेशा खड़े रहने वाले गुर्जर-बकरवाल समुदाय को एक ‘बेहद नकारात्मक संदेश’ देता है।’’ उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर पुलिस से आदिवासी नेता को रिहा करने का आग्रह किया।
भारतीय टी20 टीम की कप्तानी मिलने के बाद श्रेयस अय्यर ने साफ कर दिया कि वह अपनी पहचान बदलने वाले नहीं। उन्होंने कहा कि वह वही इंसान बने रहेंगे, जो मुंबई की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच क्रिकेट खेलते हुए आगे बढ़ा। अय्यर ने यह भी कहा कि वह कभी किसी की छाया में रहकर काम करने में विश्वास नहीं रखते।
बीसीसीआई ने शनिवार को श्रेयस अय्यर को भारत का नया टी20 कप्तान बनाया। उन्होंने सूर्यकुमार यादव की जगह यह जिम्मेदारी संभाली। सूर्यकुमार ने मार्च में भारत को टी20 विश्व कप जिताया था, लेकिन सेलेक्टर्स ने अगले विश्व कप साइकिल को ध्यान में रखते हुए अय्यर को कप्तानी सौंपने का फैसला किया।
मैं किसी की छाया में नहीं रहूंगा: श्रेयस मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान अय्यर ने कप्तानी को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद उनकी सोच और व्यक्तित्व नहीं बदलने वाला। अय्यर ने कहा, 'मुझे अपनी पर्सनैलिटी बदलने की जरूरत नहीं है। मैं वही रहूंगा जैसा पहले था। मैं किसी और जैसा बनने या किसी की छाया में रहने की कोशिश नहीं करूंगा।'
31 साल के बल्लेबाज ने बताया कि मुंबई जैसे शहर में क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने चुनौतियों का सामना करना सीखा। उनके मुताबिक, मुंबई में लगभग हर बच्चा मुंबई टीम का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है, इसलिए वहां प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन होती है।
गंभीर-श्रेयस की जोड़ी फिर साथ काम करेगी श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर की जोड़ी एक बार फिर भारतीय टीम में साथ काम करेगी। इससे पहले दोनों ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ काम किया था। उस समय अय्यर कप्तान थे और गंभीर टीम के मेंटर। केकेआर ने उस सीजन खिताब जीता था, लेकिन टीम की सफलता का बड़ा श्रेय गंभीर को मिला जबकि अय्यर के नेतृत्व की चर्चा कम हुई। हालांकि अय्यर ने इसके बाद पंजाब किंग्स की कप्तानी संभाली और टीम को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया। यही प्रदर्शन उनकी कप्तानी के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क बना।
अय्यर ने कहा कि उनका नजरिया हमेशा जीत पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा, 'बचपन से ही मुझे चुनौतियां पसंद रही हैं। क्रिकेट हो या कोई भी खेल, प्रतिस्पर्धा आपको बेहतर बनाती है और जिम्मेदारी लेने का आत्मविश्वास देती है।' उन्होंने कप्तानी को सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी बताया। अय्यर के अनुसार, वह इस नई जिम्मेदारी का पूरा मजा लेने के साथ टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का पहला असाइनमेंट इसी महीने आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज होगी। इसके बाद जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज और फिर एशियन गेम्स में भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी।