IND vs AFG: मोहम्मद सलीम ने रचा इतिहास, भारत के खिलाफ टेस्ट में 5 विकेट लेने वाले बने पहले अफगानिस्तानी गेंदबाज
IND vs AFG : भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच में अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने भारत के खिलाफ इस टेस्ट में फाइव विकेट हॉल हासिल किया है. इसके साथ ही वो भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट हासिल करने वाले अफगानिस्तान के पहले गेंदबाज बन गए हैं. वहीं वो अफगानिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में फाइव विकेट हॉल लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन हैं.
मोहम्मद सलीम ने चटकाए 5 विकेट
इस मैच में मोहम्मद सलीम ने भारतीय क्रिकेट टीम के बड़े-बड़े बल्लेबाजों की पवेलियन की राह दिखाई है. उन्होंने सबसे पहले यशस्वी जायसवाल (24), दूसरा विकेट साई सुदर्शन (81), तीसरा विकेट शुभमन गिल (126), चौथा विकेट ध्रुव जुरेल (19) और पांचवां विकेट मानव सुथार (28) को आउट कर हासिल किया.
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— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) June 7, 2026
Mohammad Saleem Safi has been outstanding, with Manav Suthar becoming his fifth victim as another edge finds the wicketkeeper. ????????
What a performance in only his second Test match! ????#AfghanAtalan | #INDvAFG |… pic.twitter.com/RTu7bzGvci
मोहम्मद सलीम यही नहीं रुके और उन्होंने अपना छठवां विकेट भी हासिल कर लिया. उन्होंने अपना छठा शिकार मोहम्मद सिराज को बनाया, जो 12 बॉल में 4 चौके और 1 छक्के के साथ 22 रन बनाकर खेल रहे थे. अभी उनके पास अपने विकेटों की संख्या को और बढ़ाने का मौका हौगा.
Lunch on Day 2⃣ ????️#TeamIndia inch closer to the 5⃣0⃣0⃣-run mark with another strong session ????
— BCCI (@BCCI) June 7, 2026
We will be back shortly with the next session!
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मोहम्मद सलीम 23 साल के अफगानिस्तानी गेंदबाज है. वो तेज गति से बॉलिंग करने के लिए जानते हैं. इस तेज गेंदबाज ने अब तक अफगानिस्तान के लिए सिर्फ 1 ही टेस्ट मैच खेला है, जो भारत के खिलाफ मुल्लांपुर में चल रहा है. ये उनका डेब्यू टेस्ट मैच है. उन्होंने अपने डेब्यू पर ही धमाल मचा दिया है. सलीम अब तक 25 ओवर में 123 रन देकर 6 विकेट हासिल कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने 3 मेडन ओवर भी डाले हैं.
टेस्ट में अफगानिस्तान के पेसर्स द्वारा पांच विकेट हॉल
7/97 - जियाउर रहमान बनाम ZIM, हरारे, 2025
5/79 - निजात मसूद बनाम BAN, मीरपुर, 2023
5/112 - मोहम्मद सलीम बनाम IND, मुल्लांपुर, 2026*
भारत-अफगानिस्तान मैच का हाल
भारतीय क्रिकेट टीम ने इस मैच में टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया. अब दूसरे दिन के दूसरे सेशन तक टीम इंडिया ने 123 ओवर में 8 विकेट पर 544 रन बना लिए हैं. भारत के लिए केएल राहुल और शुभमन गिल ने शतकीय पारियां खेलीं. वहीं साई सुदर्शन और पंत ने अर्धशतक लगाए.
A knock of 8️⃣1️⃣ (121) full of authority ????
— BCCI (@BCCI) June 7, 2026
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भारत-अफगानिस्तान की प्लेइंग-11
भारत:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, बी साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा.
अफगानिस्तान: सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज़, अब्दुल मलिक, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर जजई (विकेटकीपर), अज़मतुल्लाह उमरज़ई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, जियाउर रहमान, मोहम्मद सलीम.
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महासागरों की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, जानें क्या है क्रायोस्फीयर
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। पृथ्वी पर मौजूद बर्फ सिर्फ ठंडे इलाकों की पहचान नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की जलवायु और महासागरों के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसी बर्फीले तंत्र को ‘क्रायोस्फीयर’ कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि महासागरों का भविष्य काफी हद तक क्रायोस्फीयर की स्थिति पर निर्भर करता है। यही वजह है कि आज दुनियाभर में इसके संरक्षण और अध्ययन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पृथ्वी पर बर्फ के सभी रूपों को मिलाकर क्रायोस्फीयर कहा जाता है। यह शब्द ग्रीक भाषा के ‘क्रियोस’ से लिया गया है, जिसका मतलब है बर्फीली ठंड। आज की जलवायु परिवर्तन की चर्चा में क्रायोस्फीयर बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे महासागरों की सेहत और भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है।
क्रायोस्फीयर में शामिल हैं- जमीन पर पड़ी बर्फ, नदियों और झीलों की बर्फ, हमेशा जमी रहने वाली जमीन (पर्माफ्रॉस्ट), अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड की विशाल हिम वॉल्स, हिमनद (ग्लेशियर), हिम शिखर, बर्फ के टुकड़े (आइसबर्ग) और समुद्री बर्फ। ये सभी मिलकर पृथ्वी के ठंडे इलाकों का निर्माण करते हैं।
अब सवाल है कि इसे महासागरों की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, क्यों माना जाता है, क्रायोस्फीयर महासागरों के लिए क्यों इतना जरूरी है? यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन (यूनेस्को) के अनुसार, क्रायोस्फीयर महासागरों को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। ग्लेशियरों और हिम चादरों से पिघलकर आने वाला मीठा पानी महासागरों की धाराओं को प्रभावित करता है। समुद्री बर्फ सूरज की किरणों को (रिफ्लेक्ट) करती है, जिससे पृथ्वी का तापमान नियंत्रित रहता है। जब यह बर्फ पिघलती है तो समुद्र का जल स्तर बढ़ता है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
यूनेस्को के अनुसार, क्रायोस्फीयर में हो रहे तेज बदलाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहे हैं। ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्री बर्फ कम हो रही है और पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से बड़ी मात्रा में मीथेन गैस निकल रही है, जो जलवायु परिवर्तन को और तेज कर रही है। इन बदलावों से समुद्री जानवरों का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ रहा है, मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका प्रभावित हो रही है और तटीय शहरों पर खतरा मंडरा रहा है।
इसी समस्या को समझते हुए यूनेस्को ने अपने अंतर-सरकारी जल विज्ञान कार्यक्रम (आईएचपी) के तहत क्रायोस्फीयर साइंस के लिए कार्रवाई का दशक शुरू किया है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिकों, सरकारों और स्थानीय समुदायों को एक साथ लाकर क्रायोस्फीयर के बदलाव को बेहतर तरीके से समझना और उसके अनुसार कदम उठाना है।
वैज्ञानिक लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि क्रायोस्फीयर में हो रहे बदलाव पहले से कहीं ज्यादा तेजी से हो रहे हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि हम ग्लोबल वार्मिंग को कम करने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रकृति संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करें।
वहीं, यूनेस्को के अनुसार, जैसे-जैसे विश्व महासागर दिवस नजदीक आ रहा है, यह याद रखना बहुत जरूरी है कि महासागरों की रक्षा सिर्फ समुद्र में सफाई करने से नहीं, बल्कि क्रायोस्फीयर की सुरक्षा से भी शुरू होती है।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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