Technocraft Ventures शेयर 285 रुपये पर हुआ लिस्ट, मिला 34 प्रतिशत का प्रीमियम
बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनी टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड का शेयर अपने निर्गम मूल्य 212 रुपये के मुकाबले 34 प्रतिशत से अधिक बढ़त के साथ शुक्रवार को बाजार में सूचीबद्ध हुआ। बीएसई पर शेयर ने निर्गम मूल्य से 34.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 285 रुपये पर शुरुआत की। बाद में यह 57.83 प्रतिशत चढ़कर 334.60 रुपये पर पहुंच गया।
एनएसई पर शेयर 284 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ जो निर्गम मूल्य से 33.96 प्रतिशत की बढ़त है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,243.83 करोड़ रुपये रहा। टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मंगलवार को बोली के अंतिम दिन 38.69 गुना अभिदान मिला था।
कंपनी के 251.88 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 200 से 212 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। नए शेयर के निर्गम से प्राप्त राशि में से 150 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कंपनी कामकाज और निर्गम संबंधी खर्चों के लिए किया जाएगा।
वर्ष 1998 में स्थापित टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) कंपनी है जो सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी है।
Manisha Koirala: जब 90's की मशहूर एक्ट्रेस को हुआ स्टेज 4 कैंसर, दर्द में काटी रातें, बोलीं- 'मुझे लगा मरने वाली हूं...'
Manisha Koirala: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला कैंसर से जंग लड़ चुकी हैं। साल 2012 में उन्हें स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर के बारे में पता चला था। इस खबर ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। हाल ही में अभिनेत्री ने बताया कि बीमारी की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में बिताई गई पहली रात उनके लिए बेहद डरावनी और अकेली थी। उन्हें उस वक्त लगा था कि शायद वह जिंदगी की जंग हार जाएंगी।
कैंसर की खबर के बाद बेहद मुश्किल थी वह रात
सुशांत प्रधान के साथ बातचीत के दौरान मनीषा ने अपने कैंसर के सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि नेपाल के नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उन्हें कैंसर की जानकारी दी थी। हालांकि उन्हें यह खबर दिन में मिली थी, लेकिन बीमारी की गंभीरता का अहसास रात होते-होते और गहरा गया।
मनीषा ने कहा- "मैं अस्पताल में थी और मुझे बताया गया कि मुझे कैंसर है। वह रात मेरे लिए सबसे अकेली और सबसे लंबी रात थी। ऐसा लगा जैसे सब कुछ अंधेरे में डूबा हो। मुझे लगा कि मैं मरने वाली हूं। उस पल में, यह सबसे डरावनी और अंधेरी स्थिति होती है - बहुत ज़्यादा अकेलापन महसूस होता है।"
बीमारी ने सिखाया जिंदगी में क्या जरूरी है
कैंसर से उबरने के बाद मनीषा ने अपनी जिंदगी को एक नई शुरुआत की तरह देखा। उन्होंने गैर-जरूरी चीजों को पीछे छोड़कर उन लोगों और चीजों पर ध्यान देना शुरू किया, जो उनके लिए वास्तव में मायने रखती थीं।
अभिनेत्री ने बताया कि अब उनके लिए परिवार, करीबी रिश्ते, स्वास्थ्य और प्रकृति के साथ समय बिताना ज्यादा महत्वपूर्ण है। पहले उनके आसपास दोस्तों और लोगों का बड़ा समूह रहता था, लेकिन बीमारी के बाद उनकी सोच बदल गई।
मनीषा ने माना कि उन्होंने अपने करियर की व्यस्तता के बीच लंबे समय तक अपनी सेहत को नजरअंदाज किया। कैंसर से लड़ाई के बाद उन्होंने तय किया कि अगर जिंदगी ने उन्हें दूसरा मौका दिया है, तो वह अपनी सेहत को प्राथमिकता देंगी।
18 घंटे लगातार काम करती रही...
मनीषा ने अपने फिल्मी करियर के उस दौर का भी जिक्र किया, जब वह लगातार काम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि एक समय वह एक दिन में कई फिल्मों के लिए काम करती थीं और करीब 18 घंटे तक शूटिंग में व्यस्त रहती थीं।
लगातार काम करने का यह सिलसिला कई सालों तक चलता रहा। धीरे-धीरे वह अभिनय से थकने और ऊबने लगी थीं। इसके चलते उन्होंने कुछ ऐसे फैसले भी लिए, जिन पर बाद में उन्हें अफसोस हुआ। लेकिन कैंसर के दौरान फैंस की तरफ से मिले प्यार, दुआओं और संदेशों ने उनके काम को लेकर नजरिया बदल दिया।
न्यूयॉर्क में हुआ इलाज
मनीषा कोइराला ने कैंसर के इलाज के लिए न्यूयॉर्क स्थित मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर में सर्जरी और कीमोथेरेपी कराई। अप्रैल 2013 में उन्होंने अपनी आखिरी कीमोथेरेपी पूरी की और इसके बाद उन्हें कैंसर-मुक्त घोषित किया गया।
कैंसर से जंग जीतने के बाद मनीषा ने फिर से फिल्मों में वापसी की। उन्होंने डियर माया, संजू और लस्ट स्टोरीज जैसी फिल्मों में काम किया। हाल के वर्षों में वह संजय लीला भंसाली की चर्चित सीरीज हीरामंडी: द डायमंड बाजार में भी नजर आईं।
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